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Noida News: जर्जर सड़कों और जाम से हांफ रही सांसें, हॉटस्पॉट की संख्या दोगुनी
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नोएडा। सेक्टर 73 की सडक में उडती धूल से परेशानी बढ रहा है प्रदूषण । फोटो अमर उजाला
- 20 केंद्रों पर होगी प्रदूषण की सख्त निगरानी, उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
वान्या दीक्षित
नोएडा। शहर की जर्जर और खराब सड़कें तथा उन पर रेंगने वाले वाहनों का लंबा जाम इस समय नोएडा की हवा को लगातार जहरीला बना रहा है। स्थिति यह है कि शहर की सांसें इस प्रदूषण से हांफने लगी हैं और नोएडा प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा ट्रैफिक विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद शहर का प्रदूषण स्तर पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में तेरह लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं और इसके साथ ही हर महीने करीब तेरह से चौदह हजार नई गाड़ियां सड़कों पर उतरती हैं, जो वायु गुणवत्ता को और अधिक बिगाड़ रही हैं। हालांकि, इस साल बढ़ते प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरी तरह से कमर कस ली है और शहर में हॉटस्पॉट तथा जांच केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। शहर में आगामी पंद्रह अक्टूबर से प्रदूषण की सख्त जांच और निगरानी का कार्य शुरू हो जाएगा।
शहर में बनाए गए प्रमुख हॉटस्पॉट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इस वर्ष शहर के बीस प्रमुख क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जिन्हें विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है। निर्माण कार्य और उससे उठने वाली धूल के कारण सेक्टर-150 से 162, सेक्टर-94, सेक्टर-124 से 135, सेक्टर-50 व 51, सेक्टर-140 से 145, सेक्टर-62 का ब्लॉक-ए, चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक बनने वाले एलिवेटेड रोड का निर्माण क्षेत्र, सेक्टर-96 से 98, सेक्टर-105, तथा सेक्टर-113, 115 और 117 को संवेदनशील माना गया है।
इसके अलावा, औद्योगिक प्रदूषण के लिहाज से होजरी कॉम्प्लेक्स की वायु प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को सूची में रखा गया है। कच्ची और टूटी सड़कों के कारण उड़ने वाली धूल के लिए यमुना पुश्ता रोड, सेक्टर-1 में कृभको ऑफिस के सामने की सड़क और सेक्टर-115 स्थित सोरखा गांव की सड़क को चिह्नित किया गया है। सॉलिड वेस्ट के तहत कचरा डंपिंग और आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए सेक्टर-145 की डंपिंग साइट और सेक्टर-32 स्थित प्राधिकरण की हॉर्टिकल्चर वेस्ट साइट को निगरानी में लिया गया है। वहीं, दादरी रोड पर एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन से हिंडन ब्रिज तक का हिस्सा, सेक्टर-62 चौराहा, दलित प्रेरणा स्थल, कालिंदी कुंज बॉर्डर और सेक्टर-63 स्थित छिजारसी तिराहे को हॉटस्पॉट बनाया गया है।
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सेवन एक्स को सूची से हटाया गया
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल के दस हॉटस्पॉट में से इस साल सेवन एक्स क्षेत्र को हटा दिया गया है। बोर्ड के मुताबिक, यहां पर फिलहाल किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से सेवन एक्स के आसपास के सेक्टरों को नए हॉटस्पॉट में शामिल कर लिया गया है।
जांच केंद्रों का नया दायरा
शहर में प्रदूषण जांच की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुराने चार केंद्रों के साथ-साथ इस साल चार नए स्थान भी जोड़े गए हैं। अब सेक्टर-62 के बजाय नया जांच केंद्र सेक्टर-39 स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज के पास बनाया गया है। इसी तरह सेक्टर-125 का केंद्र बदलकर सेक्टर-143 स्थित गुलशन इकेबाना सोसाइटी के पास, सेक्टर-116 का केंद्र बदलकर सेक्टर-150 स्थित भगत सिंह पार्क के पास, और सेक्टर-1 का केंद्र बदलकर सेक्टर-110 स्थित महर्षि विश्वविद्यालय के पास स्थापित किया गया है।
निर्माण कार्य स्थलों पर कैमरे लगवा दिए गए हैं। सीधी निगरानी की जा रही है। हॉटस्पॉट और जांच केंद्र भी दोगुने कर दिए गए हैं। बावजूद इसके शहर की खराब सड़कें, सड़कों पर उड़ती धूल और वाहनों का भारी जाम प्रदूषण बढ़ाने का मुख्य कारण बनता जा रहा है। -रितेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोएडा
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वान्या दीक्षित
नोएडा। शहर की जर्जर और खराब सड़कें तथा उन पर रेंगने वाले वाहनों का लंबा जाम इस समय नोएडा की हवा को लगातार जहरीला बना रहा है। स्थिति यह है कि शहर की सांसें इस प्रदूषण से हांफने लगी हैं और नोएडा प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा ट्रैफिक विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद शहर का प्रदूषण स्तर पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में तेरह लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं और इसके साथ ही हर महीने करीब तेरह से चौदह हजार नई गाड़ियां सड़कों पर उतरती हैं, जो वायु गुणवत्ता को और अधिक बिगाड़ रही हैं। हालांकि, इस साल बढ़ते प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरी तरह से कमर कस ली है और शहर में हॉटस्पॉट तथा जांच केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। शहर में आगामी पंद्रह अक्टूबर से प्रदूषण की सख्त जांच और निगरानी का कार्य शुरू हो जाएगा।
शहर में बनाए गए प्रमुख हॉटस्पॉट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इस वर्ष शहर के बीस प्रमुख क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जिन्हें विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है। निर्माण कार्य और उससे उठने वाली धूल के कारण सेक्टर-150 से 162, सेक्टर-94, सेक्टर-124 से 135, सेक्टर-50 व 51, सेक्टर-140 से 145, सेक्टर-62 का ब्लॉक-ए, चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक बनने वाले एलिवेटेड रोड का निर्माण क्षेत्र, सेक्टर-96 से 98, सेक्टर-105, तथा सेक्टर-113, 115 और 117 को संवेदनशील माना गया है।
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इसके अलावा, औद्योगिक प्रदूषण के लिहाज से होजरी कॉम्प्लेक्स की वायु प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को सूची में रखा गया है। कच्ची और टूटी सड़कों के कारण उड़ने वाली धूल के लिए यमुना पुश्ता रोड, सेक्टर-1 में कृभको ऑफिस के सामने की सड़क और सेक्टर-115 स्थित सोरखा गांव की सड़क को चिह्नित किया गया है। सॉलिड वेस्ट के तहत कचरा डंपिंग और आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए सेक्टर-145 की डंपिंग साइट और सेक्टर-32 स्थित प्राधिकरण की हॉर्टिकल्चर वेस्ट साइट को निगरानी में लिया गया है। वहीं, दादरी रोड पर एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन से हिंडन ब्रिज तक का हिस्सा, सेक्टर-62 चौराहा, दलित प्रेरणा स्थल, कालिंदी कुंज बॉर्डर और सेक्टर-63 स्थित छिजारसी तिराहे को हॉटस्पॉट बनाया गया है।
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सेवन एक्स को सूची से हटाया गया
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल के दस हॉटस्पॉट में से इस साल सेवन एक्स क्षेत्र को हटा दिया गया है। बोर्ड के मुताबिक, यहां पर फिलहाल किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से सेवन एक्स के आसपास के सेक्टरों को नए हॉटस्पॉट में शामिल कर लिया गया है।
जांच केंद्रों का नया दायरा
शहर में प्रदूषण जांच की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुराने चार केंद्रों के साथ-साथ इस साल चार नए स्थान भी जोड़े गए हैं। अब सेक्टर-62 के बजाय नया जांच केंद्र सेक्टर-39 स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज के पास बनाया गया है। इसी तरह सेक्टर-125 का केंद्र बदलकर सेक्टर-143 स्थित गुलशन इकेबाना सोसाइटी के पास, सेक्टर-116 का केंद्र बदलकर सेक्टर-150 स्थित भगत सिंह पार्क के पास, और सेक्टर-1 का केंद्र बदलकर सेक्टर-110 स्थित महर्षि विश्वविद्यालय के पास स्थापित किया गया है।
निर्माण कार्य स्थलों पर कैमरे लगवा दिए गए हैं। सीधी निगरानी की जा रही है। हॉटस्पॉट और जांच केंद्र भी दोगुने कर दिए गए हैं। बावजूद इसके शहर की खराब सड़कें, सड़कों पर उड़ती धूल और वाहनों का भारी जाम प्रदूषण बढ़ाने का मुख्य कारण बनता जा रहा है। -रितेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोएडा

नोएडा। सेक्टर 73 की सडक में उडती धूल से परेशानी बढ रहा है प्रदूषण । फोटो अमर उजाला

नोएडा। सेक्टर 73 की सडक में उडती धूल से परेशानी बढ रहा है प्रदूषण । फोटो अमर उजाला