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Noida News: एक्सप्रेसवे के किनारे जमीनों का सर्वे कराएगा प्राधिकरण
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-टोपोग्राफिकल सर्वे के लिए आरएफपी निकाली
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 के अंतर्गत एक्सप्रेसवे के किनारे अतिरिक्त जमीन तलाशने का काम कर रहा है। इसके लिए टोपोग्राफिकल सर्वे प्राधिकरण निजी एजेंसी से कराएगा। इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकाली गई है। औद्योगिक स्कीम में कुछ प्लॉटों को इसलिए शामिल नहीं किया गया था कि इस जमीन पर सड़क आदि नहीं बनाई गई थी। प्लाॅट तक कोई पहुंच मार्ग नहीं है।
दरअसल, प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 के अंतर्गत जमीन को विकसित करने की कवायद चल रही है। औद्योगिक और संस्थागत के अलावा आवासीय जमीन की तलाश के लिए प्राधिकरण कवायद कर रहा है। कुछ जमीनें चिह्नित की गई है। लेकिन यह अभी विकसित नहीं हुई है। ऐसे में वर्क सर्किल यह कोशिश कर रहा है कि विकसित और अविकसित जमीनों के स्टेटस का पता चल जाए। प्राधिकरण की कोशिश यह भी है कि उक्त क्षेत्र में जमीनों के अलावा पानी और सीवर की लाइनों की वास्तविक स्थिति का पता चल जाए ताकि जब स्कीम निकाली जाए तो कमी वाले स्थानों की भरपाई की जा सके। वहां पहले से ही कवायद करते हुए सड़क, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था दुरूस्त की जाए ताकि आवेदकों को जमीन लेने में किसी तरह की समस्या न हो।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 के अंतर्गत एक्सप्रेसवे के किनारे अतिरिक्त जमीन तलाशने का काम कर रहा है। इसके लिए टोपोग्राफिकल सर्वे प्राधिकरण निजी एजेंसी से कराएगा। इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकाली गई है। औद्योगिक स्कीम में कुछ प्लॉटों को इसलिए शामिल नहीं किया गया था कि इस जमीन पर सड़क आदि नहीं बनाई गई थी। प्लाॅट तक कोई पहुंच मार्ग नहीं है।
दरअसल, प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 के अंतर्गत जमीन को विकसित करने की कवायद चल रही है। औद्योगिक और संस्थागत के अलावा आवासीय जमीन की तलाश के लिए प्राधिकरण कवायद कर रहा है। कुछ जमीनें चिह्नित की गई है। लेकिन यह अभी विकसित नहीं हुई है। ऐसे में वर्क सर्किल यह कोशिश कर रहा है कि विकसित और अविकसित जमीनों के स्टेटस का पता चल जाए। प्राधिकरण की कोशिश यह भी है कि उक्त क्षेत्र में जमीनों के अलावा पानी और सीवर की लाइनों की वास्तविक स्थिति का पता चल जाए ताकि जब स्कीम निकाली जाए तो कमी वाले स्थानों की भरपाई की जा सके। वहां पहले से ही कवायद करते हुए सड़क, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था दुरूस्त की जाए ताकि आवेदकों को जमीन लेने में किसी तरह की समस्या न हो।
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