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बिन पानी ग्रेनो की जिंदगानी: 24 घंटे चलेंगे सभी ट्यूबवेल, तब भी नहीं बुझेगी प्यास; अब बस गंगाजल पहुंचने की आस

Tue, 17 Oct 2023 06:45 PM IST
Vikas Kumar नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 17 Oct 2023 06:45 PM IST
सार

Water Crisis in Greno: प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा वेस्ट की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। अभी वहां करीब 120 एमएलडी पानी की जरूरत हैं। प्राधिकरण आपूर्ति कर भी रहा है और उसका बिल भी वसूल रहा है, लेकिन अब प्राधिकरण सोसायटियों में पानी की जरूरत को पूरा नहीं कर पा रहा है। 

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authority is not able to meet the requirement of 120 MLD water in Greno West
ग्रेटर नोएडा में पानी की किल्लत से परेशान सोसायटी के लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा वेस्ट की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। अभी वहां करीब 120 एमएलडी पानी की जरूरत हैं। जिसको पूरा करने के लिए अगर प्राधिकरण सभी ट्यूबवेल को 24 घंटे चलाएगा तो भी पानी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अगर एक भी ट्यूबवेल खराब हो जाए तो सोसायटियों में पानी की किल्लत हो जाती है। भविष्य में जनसंख्या बढ़ने पर पानी की समस्या और विकराल रूप लेगी। लोगों का कहना है कि प्राधिकरण ग्रेनो वेस्ट की तीन लाख आबादी की अनदेखी कर रहा है।

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ग्रेनो वेस्ट में करीब 150 आवासीय प्रोजेक्ट हैं, इनमें से करीब 100 सोसायटी में खरीदारों को कब्जा मिल चुका है और वहां रहना भी शुरू कर दिया है। इस समय सोसायटियों में तीन लाख से अधिक लोग रह रहे हैं। सोसायटियों में पानी की आपूर्ति की जिम्मेदारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की है। प्राधिकरण आपूर्ति कर भी रहा है और उसका बिल भी वसूल रहा है, लेकिन अब प्राधिकरण सोसायटियों में पानी की जरूरत को पूरा नहीं कर पा रहा है। 

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प्राधिकरण ने ग्रेनो वेस्ट में 60 ट्यूबवेल लगा रखी हैं। जिनसे सभी सोसायटियों में पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन लगातार मांग बढ़ने पर पानी कम पड़ रहा है। इस समय ग्रेनो वेस्ट की सोसायटियों में पानी की मांग 120 एमएलडी से अधिक पहुंच गई है। जिसको पूरा करने के लिए प्राधिकरण के पास संसाधन नहीं है। अगर प्राधिकरण अपनी 60 ट्यूबवेल को 24 घंटे चलाता है तो भी पानी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में सोसायटियों में अलग से बोरवेल कर भूजल निकाला जा रहा है। अब उस पर भी रोक लगा दी है। जिसके बाद सोसायटियों में पानी की किल्लत खड़ी हो गई है। 

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आए दिन किसी ना किसी सोसायटी में पानी खत्म हो जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भविष्य में ग्रेनो वेस्ट की सोसायटियों की जनसंख्या 10 लाख से अधिक होगी। तब स्थिति नियंत्रण में नहीं रहेगी। प्राधिकरण ने ग्रेनो वेस्ट में पानी की आपूर्ति को लेकर कोई तैयारी नहीं की है। ग्रेटर नोएडा में ही गंगाजल पहुंचने में करीब 15 साल लग गए।

प्राधिकरण की नहीं कोई तैयारी
ग्रेनो वेस्ट में पानी की आपूर्ति को लेकर प्राधिकरण की कोई तैयारी नहीं है। हालांकि अफसर जल्द गंगाजल पहुंचने का दावा कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल व्यवस्था बेहद खराब है। अगर एक भी ट्यूबवेल का पंप खराब हो जाता है तो उसे ठीक करने में तीन से पांच दिन का समय लगता है। तब तक सोसायटी के निवासी परेशान रहते हैं। इस साल ग्रेनो वेस्ट की ग्रीन आर्क, स्प्रिंग मेडोज, निराला एस्टेट, गैलेक्सी रॉयल, ट्राइडेंट एंबेसी, गौड़ सिटी वन का 11 एवेन्यू शामिल है। जबकि 14 एवेन्यू में फिलहाल पानी की आपूर्ति बाधित है।

प्रशासन के जरूरी कदम भी नाकाफी
जिला प्रशासन ने भूजल दोहन रोकने के जरूरी कदम उठाने का दावा किया है। अफसरों ने कहा है कि आवासीय सोसायटी में भूजल दोहन की एनओसी नहीं दी जा रही है। जिन सोसायटी में बोरवेल से भूजल दोहन हो रहा है। उनको चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जल्द ही टीम सोसायटियों के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच करेगी। जबकि इससे भूजल स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

गंगाजल पहुंचाने का चल रहा है काम
प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि ग्रेनो वेस्ट में गंगाजल पहुंचाने के लिए लाइन डाली जा रही है। काम तेजी से चल रहा है। अगले वर्ष तक ग्रेनो वेस्ट में गंगाजल पहुंच जाएगा। तब तक पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। इस पर भी काम किया जा रहा है।

ग्रेनो वेस्ट में भूजल स्तर की जांच नहीं होती है। ना ही उपकरण लगे हैं। प्राधिकरण ने ग्रेनो वेस्ट में भूजल का स्तर नीचे जाने की जानकारी दी है। विभाग जल स्तर को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। ग्रेटर नोएडा प्रधिकरण को भी इस संबंध में जरुरी कदम उठाने होंगे। -अंकिता राय, हाइड्रोलॉजिस्ट भूगर्भ जल विभाग

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