फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Authority incurs loss of seven crores due to non-selection of agency

Noida News: एजेंसी चयन नहीं होने से प्राधिकरण को सात करोड़ का नुकसान

Fri, 06 Oct 2023 12:07 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 06 Oct 2023 12:07 AM IST
विज्ञापन
Authority incurs loss of seven crores due to non-selection of agency
एजेंसी चयन नहीं होने से प्राधिकरण को सात करोड़ का नुकसान
विज्ञापन

सरफेस पार्किंग के लिए 10 माह से चल रही एजेंसी चयन की प्रक्रिया; तीन टेंडरों के मामले कोर्ट में, दो टेंडर लंबित

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा में 54 स्थानों पर 10 माह से सरफेस पार्किंग का ठेका नहीं लगने की वजह से करीब सात करोड़ का नुकसान हो चुका है। इन सभी पार्किंग से पहले 60 लाख रुपये प्रतिमाह का राजस्व मिलता था। इस बार प्राधिकरण का लक्ष्य 70 लाख रुपये प्रतिमाह के राजस्व का है, लेकिन एजेंसी का चयन नहीं होने से लोगों को यह पार्किंग निशुल्क मिल रही है। अब भी पार्किंग ठेके का काम ठंडे बस्ते में है।
अक्तूबर 2022 में सरफेस पार्किंग के पुराने ठेके की मियाद खत्म हो गई। इसके बाद प्राधिकरण ने टेंडर निकालकर एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी करनी चाही, लेकिन इसमें कई बाधाएं आईं। मामले में कभी ठेकेदार के चयन में गड़बड़ी तो कभी ठेकेदारों के ही एक दूसरे के खिलाफ की गई शिकायत बाधक बनकर सामने आई। आलम यह है कि तीन टेंडरों के मामले कोर्ट में है। इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं, दो टेंडरों के मामलों को इसलिए रोक लिया गया है कि जब फैसला होगा तो सभी का ठेका एक साथ दिया जाएगा।
विज्ञापन

इससे पहले पार्किंग ठेकेदारों की ओर से प्राधिकरण के 20 करोड़ रुपये नहीं देने की बात भी सामने आई थी। इस मामले में प्राधिकरण की ओर से कड़े कदम भी उठाए गए थे, हालांकि ठेकेदारों का तर्क था कि इसमें प्राधिकरण का पैसा नहीं बन रहा है, लेकिन अधिकारियों ने ठेकेदारों की ओर से की गई गड़बड़ी सामने लाई गई थी। यही वजह है कि पुराने टेंडर को दोबारा उन ठेकेदारों को नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब जब नए ठेकेदार खोजे जाने लगे तो पुराने ठेकेदारों ने अपने संगी साथियों व परिजनों के नाम से ठेका लेने का प्रयास किया, जो पकड़ में आ गया। कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसमें नोएडा ट्रैफिक सेल के कुछ अधिकारियों ने अपनी मनमानी चलानी चाही, लेकिन यह भी नहीं हो पाया। उनकी भी शिकायतें तत्कालीन सीईओ के पास पहुंची। ऐसे में यह ठेका अब तक फाइनल नहीं हो पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed