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Noida News: निगरानी स्टेशन की जगह नहीं बदल सके प्राधिकरण व यूपीपीसीबी
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फोटो:-- -- -- -- -- -- -
निगरानी स्टेशन की जगह नहीं बदल सके प्राधिकरण व यूपीपीसीबी
-दोनों स्टेशन के स्थान को वायु प्रदूषण अधिक रहने माना गया था कारण
-ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क 3 व 5 में लगे हैं दो
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की जगह नहीं बदल सके हैं। जबकि पिछले साल दोनों स्टेशन के स्थान को वायु प्रदूषण अधिक रहने का कारण माना गया था। तब स्टेशन की जगह बदलने पर सहमति बनीं थी, लेकिन एक साल बाद भी ऐसा नहीं हो पाया। वहीं इस बार नए स्टेशन लगाने का फैसला भी फाइलों में बंद है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित शारदा विश्वविद्यालय में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन लगा हुआ है। जबकि दूसरा स्टेशन ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क-4 स्थित गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज में स्थापित हैं। पिछले वर्ष ग्रेटर नोएडा लगातार देश के प्रदूषित शहरों की टॉप-5 सूची में शामिल रहा था। छवि खराब होने के बाद प्रशासन और प्राधिकरण ने इसकी जांच की तो पता चला कि दोनों स्टेशन के पास काफी अधिक वायु प्रदूषण होता है। इस कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिक आ रहा हैं। नॉलेज पार्क-3 स्थित स्टेशन के पास पार्किंग बनी है। वहां रोजाना बड़ी संख्या वाहनों का आवागमन होता है। रेहड़ी पटरी वाले रहते है। गन्ने का जूस, मूंगफली की ठेली से धुआं निकलता है। वहीं नॉलेज पार्क-5 स्थित स्टेशन के आसपास सड़कों पर काफी धूल जमा थी। वहां की सड़कें भी काफी टूटी थी। आसपास निर्माण कार्य चल रहे थे। प्रशासन व प्राधिकरण ने माना कि दोनों स्टेशन गलत जगह लगे हैं।
परिसर वहीं रहेगा, बस बदलेगा स्थान
विभागीय अफसरों का कहना है कि निगरानी स्टेशन जिस परिसर में स्थापित है, उसको बदला नहीं जाएगा। केवल वहां से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि यह काम अगले वर्ष शुरू होगा। इस साल स्टेशन को बंद नहीं किया जा सकता है। वहीं, खर्च को लेकर भी अभी सहमति नहीं बनी है। एक स्टेशन को शिफ्ट करने में करीब 12 लाख का खर्च आएगा। जो प्राधिकरण को करना होगा, लेकिन प्राधिकरण ने बजट जारी नहीं किया है।
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अब तक नहीं लग सके तीन नए स्टेशन
ग्रेनो में तीन नए स्टेशन स्थापित होने हैं। इनमें एक जेवर एयरपोर्ट, दूसरा नॉलेज पार्क-4 और तीसरा औद्योगिक सेक्टर में लगना है। इसका प्रस्ताव भी सीपीसीबी को भेजा जा चुका है, ताकि वायु प्रदूषण का आंकलन ठीक से हो सके, लेकिन अब तक अनुमित नहीं मिली है।
स्टेशन का स्थान बदलने में करीब एक माह का समय लगेगा। ग्रेप के दौरान स्टेशन को बंद करना संभव नहीं है। अब अगले वर्ष फरवरी के बाद ही इस पर काम होगा। वहीं, नए स्टेशन लगाने की अभी अनुमति नहीं मिली हैं।
डीके गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी यूपीपीसीबी ग्रेनो
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निगरानी स्टेशन की जगह नहीं बदल सके प्राधिकरण व यूपीपीसीबी
-दोनों स्टेशन के स्थान को वायु प्रदूषण अधिक रहने माना गया था कारण
-ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क 3 व 5 में लगे हैं दो
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की जगह नहीं बदल सके हैं। जबकि पिछले साल दोनों स्टेशन के स्थान को वायु प्रदूषण अधिक रहने का कारण माना गया था। तब स्टेशन की जगह बदलने पर सहमति बनीं थी, लेकिन एक साल बाद भी ऐसा नहीं हो पाया। वहीं इस बार नए स्टेशन लगाने का फैसला भी फाइलों में बंद है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित शारदा विश्वविद्यालय में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन लगा हुआ है। जबकि दूसरा स्टेशन ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क-4 स्थित गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज में स्थापित हैं। पिछले वर्ष ग्रेटर नोएडा लगातार देश के प्रदूषित शहरों की टॉप-5 सूची में शामिल रहा था। छवि खराब होने के बाद प्रशासन और प्राधिकरण ने इसकी जांच की तो पता चला कि दोनों स्टेशन के पास काफी अधिक वायु प्रदूषण होता है। इस कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिक आ रहा हैं। नॉलेज पार्क-3 स्थित स्टेशन के पास पार्किंग बनी है। वहां रोजाना बड़ी संख्या वाहनों का आवागमन होता है। रेहड़ी पटरी वाले रहते है। गन्ने का जूस, मूंगफली की ठेली से धुआं निकलता है। वहीं नॉलेज पार्क-5 स्थित स्टेशन के आसपास सड़कों पर काफी धूल जमा थी। वहां की सड़कें भी काफी टूटी थी। आसपास निर्माण कार्य चल रहे थे। प्रशासन व प्राधिकरण ने माना कि दोनों स्टेशन गलत जगह लगे हैं।
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परिसर वहीं रहेगा, बस बदलेगा स्थान
विभागीय अफसरों का कहना है कि निगरानी स्टेशन जिस परिसर में स्थापित है, उसको बदला नहीं जाएगा। केवल वहां से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि यह काम अगले वर्ष शुरू होगा। इस साल स्टेशन को बंद नहीं किया जा सकता है। वहीं, खर्च को लेकर भी अभी सहमति नहीं बनी है। एक स्टेशन को शिफ्ट करने में करीब 12 लाख का खर्च आएगा। जो प्राधिकरण को करना होगा, लेकिन प्राधिकरण ने बजट जारी नहीं किया है।
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अब तक नहीं लग सके तीन नए स्टेशन
ग्रेनो में तीन नए स्टेशन स्थापित होने हैं। इनमें एक जेवर एयरपोर्ट, दूसरा नॉलेज पार्क-4 और तीसरा औद्योगिक सेक्टर में लगना है। इसका प्रस्ताव भी सीपीसीबी को भेजा जा चुका है, ताकि वायु प्रदूषण का आंकलन ठीक से हो सके, लेकिन अब तक अनुमित नहीं मिली है।
स्टेशन का स्थान बदलने में करीब एक माह का समय लगेगा। ग्रेप के दौरान स्टेशन को बंद करना संभव नहीं है। अब अगले वर्ष फरवरी के बाद ही इस पर काम होगा। वहीं, नए स्टेशन लगाने की अभी अनुमति नहीं मिली हैं।
डीके गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी यूपीपीसीबी ग्रेनो