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20 लाख लेकर बदमाशों के छोड़ने के आरोप में एक और हेड कांस्टेबल बर्खास्त
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नोएडा। एटीएम हैक करने वाले बदमाशों को छोड़ने के मामले में पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने रविवार रात हेड कांस्टेबल नितिन तोमर को भी पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। इससे पहले भंग की गई स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम के इंस्पेक्टर शावेज खान और हेड कांस्टेबल अमरीश यादव को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी क्राइम कर रहे हैं। सभी 11 पुलिसकर्मियों की भूमिका के बारे में पता लगाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को एसओजी टीम में रहे नितिन तोमर को बर्खास्त किया गया है। 30 नवंबर को इंदिरापुरम पुलिस की टीम ने बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में बदमाशों ने बताया था कि अगस्त में नोएडा पुलिस ने भी उन लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन पुलिस ने बीस लाख रुपये व क्रेटा कार लेकर छोड़ दिया था। इसके बाद लखनऊ तक बात पहुंच गई थी। आनन-फानन में पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए थे।
दागदार रहा है नितिन का दामन
नितिन का पहले भी इस तरह के मामले में नाम सामने आ चुका है। वर्ष 2015 में नोएडा के तत्कालीन एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह के आदेश पर सटोरियों को पांच लाख रुपये लेकर छोड़ने के आरोपी पुलिसकर्मियाें पर केस दर्ज हुआ था। इसमें भी नितिन शामिल था। इसके बावजूद नोएडा कमिश्नरेट की एसओजी टीम में उसकी तैनाती कैसे हुई इस बारे में पता लगाया जा रहा है।
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अन्य आठ पुलिसकर्मियों की चल रही है जांच
पुलिस कमिश्नर का कहना है कि भंग की गई एसओजी में इंस्पेक्टर समेत कुल 11 पुलिसकर्मी थे। तीन लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है और अन्य आठ की भूमिका की जांच चल रही है। जिन पुलिसकर्मियों की गलत भूमिका मिलेगी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
20 लाख रुपये और क्रेटा कार लेकर बदमाशों को छोड़ने के मामले में हेड कांस्टेबल नितिन तोमर को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इस प्रकरण में नितिन की भी भूमिका वैसी ही पाई गई, जैसी इंस्पेक्टर शावेजन खान और हेड कांस्टेबल अमरीश यादव की थी। - आलोक सिंह, पुलिस कमिश्नर
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पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी क्राइम कर रहे हैं। सभी 11 पुलिसकर्मियों की भूमिका के बारे में पता लगाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को एसओजी टीम में रहे नितिन तोमर को बर्खास्त किया गया है। 30 नवंबर को इंदिरापुरम पुलिस की टीम ने बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में बदमाशों ने बताया था कि अगस्त में नोएडा पुलिस ने भी उन लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन पुलिस ने बीस लाख रुपये व क्रेटा कार लेकर छोड़ दिया था। इसके बाद लखनऊ तक बात पहुंच गई थी। आनन-फानन में पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए थे।
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दागदार रहा है नितिन का दामन
नितिन का पहले भी इस तरह के मामले में नाम सामने आ चुका है। वर्ष 2015 में नोएडा के तत्कालीन एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह के आदेश पर सटोरियों को पांच लाख रुपये लेकर छोड़ने के आरोपी पुलिसकर्मियाें पर केस दर्ज हुआ था। इसमें भी नितिन शामिल था। इसके बावजूद नोएडा कमिश्नरेट की एसओजी टीम में उसकी तैनाती कैसे हुई इस बारे में पता लगाया जा रहा है।
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अन्य आठ पुलिसकर्मियों की चल रही है जांच
पुलिस कमिश्नर का कहना है कि भंग की गई एसओजी में इंस्पेक्टर समेत कुल 11 पुलिसकर्मी थे। तीन लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है और अन्य आठ की भूमिका की जांच चल रही है। जिन पुलिसकर्मियों की गलत भूमिका मिलेगी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
20 लाख रुपये और क्रेटा कार लेकर बदमाशों को छोड़ने के मामले में हेड कांस्टेबल नितिन तोमर को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इस प्रकरण में नितिन की भी भूमिका वैसी ही पाई गई, जैसी इंस्पेक्टर शावेजन खान और हेड कांस्टेबल अमरीश यादव की थी। - आलोक सिंह, पुलिस कमिश्नर