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एक और दावा: छह महीने में खत्म होगा लखनावली में जमा कूड़ा

Fri, 15 May 2026 08:50 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 08:50 PM IST
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Another claim: Garbage accumulation in Lakhnawali will be eliminated in six months
एक और दावा: छह महीने में खत्म होगा लखनावली में जमा कूड़ा
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- पुराने कूड़े को खत्म करने के लिए प्राधिकरण प्राथमिकता पर करा रहा काम
- नए कूड़े को भी साथ में किया जा रहा खत्म, लगाया गया बायोगैस बनाने का प्लांट

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। लखनावली में आबादी और औद्योगिक सेक्टरों के पास चल रही सैनिटरी लैंडफिल साइट अगले छह महीने में बंद हो सकती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि यहां जमा पुराने कूड़े का निस्तारण अगले छह महीने में पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही अस्तौली में नई साइट के शुरू होने तक यहां आ रहे नए कूड़े के लिए अलग प्लांट लगाकर बायोगैस बनाने का काम होगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि लखनावली में साइट पर करीब 2.60 लाख टन लीगेसी वेस्ट यानी पुरानी कचरा जमा है। इसमें लगातार कमी आ रही है। जो कूड़ा अभी बचा हुआ है, उसे छह महीने में पूरी तरह खत्म कर लिया जाएगा। इसके बाद पुराने कूड़े की समस्या यहां खत्म हो जाएगी। अभी अस्तौली साइट शुरू होने में समय लग सकता है। ऐसे में जो नया कूड़ा रोजाना आएगा। उसका निस्तारण नए प्लांट पर होगा। यहां निजी कंपनी ने 800 टन प्रतिदिन क्षमता का प्लांट लगाया हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि एक बार कूड़ा पूरी तरह से यहां पर खत्म हो जाए। इसके बाद इस जगह को ग्रीनबेल्ट या पार्क में बदलने पर काम होगा। इसके लिए पहले मिट्टी और मौजूदा पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। अस्तौली में एनटीपीसी, रिलायंस और आकांक्षा सहित अन्य कंपनियों द्वारा प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसमें ग्रीन कोल और बायोगैस जैसे उत्पाद यहां बनाए जाने हैं। इन प्लांट को आधुनिक मशीनों के साथ तैयार किया गया है जिससे कूड़ा पहले ही दिन निस्तारित हो जाए और प्रदूषण भी नहीं फैले। हालांकि, इस साइट को कब तक शुरू कर लिया जाएगा। इसके लिए अधिकारी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। पिछले दिनों शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद यहां काम आगे भी नहीं बढ़ पा रहा है।
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इनसेट-
लोगों को हो रही परेशानी
लखनावली में साइट के पास ही लखनावली, मलकपुर, मुबारकपुर आदि गांवों की आबादी के अलावा सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के कैंप हैं। औद्योगिक सेक्टर भी नजदीक में हैं। ऐसे में लोगों को यहां कूड़े से फैल रहे प्रदूषण से परेशानी होती है। एनजीटी भी इस साइट को बंद करने के लिए कह चुका है। सीईओ एनजी रवि कुमार का कहना है कि प्राधिकरण प्राथमिकता पर काम कर रहा है जिससे लोगों की दिक्कतें लखनावली में खत्म हों।
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