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Noida News: प्रशांत विहार में फिर धमाके से पुलिस को खुली चुनौती
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प्रशांत विहार में धमाके का मामला : ब्रेड की सप्लाई करने जाना था, अचानक हुआ धमाका
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300 मीटर की दूरी पर है क्राइम ब्रांच कार्यालय
100 मीटर की दूसरी मौजूद है पुलिस पोस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रशांत विहार में जिस जगह पर धमाका हुआ, उससे महज तीन सौ मीटर दूर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा का कार्यालय है, जबकि सौ मीटर दूर पुलिस पोस्ट है। ऐसा माना जा रहा है कि विस्फोट करने वाले ने फिर ऐसी जगह को निशाना बनाया, जहां पर हमेशा पुलिस की चहलकदमी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पुलिस की मौजूदगी में ऐसी घटना को फिर से अंजाम देना, पुलिस को खुली चुनौती है। हालांकि, धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पुलिसकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
इधर, धमाके वाली जगह से बीस मीटर दूर रहने वाली कल्पना शर्मा का टेंपो चालक चेतन कुशवाहा रोज की तरह ब्रेड सप्लाई करने के लिए आया था। कल्पना के दो टेंपो हैं। इनसे वे ब्रेड-दूध की सप्लाई करवाती हैं। कल्पना ने बताया कि सुबह दोनों चालक आए तो पता चला कि एक टेंपो खराब है। इसके बाद एक चालक मैकेनिक को बुलाने चला गया। इस बीच अचानक जोरदार धमाका हुआ। इससे चेतन घायल हो गया। उसकी आंख और होंठ में काफी चोट लगी। पुलिस ने उसे आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। मूलरूप से मुरैना निवासी चेतन समयपुर बादली में परिवार के साथ रहता है। उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी। पुलिस चेतन से पूछताछ कर रही है।
किसी ने कहा- टायर फटा है, धुआं देखकर संदेह हुआ
घटना के चश्मदीदों का कहना है कि पिछले महीने सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए धमाके से कम तीव्रता वाला धमाका था। इससे नुकसान भी कम हुआ है। चश्मदीद कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि वह रोज की तरह 11:30 बजे वीर सावरकर पार्क में जा रहे थे। अचानक पार्क के गेट के पास जोरदार धमाका हुआ। कोई कह रहा था कि टायर फट गया है, लेकिन सफेद रंग के धुएं को देखकर उन्हें कुछ संदेह हुआ। धमाके से पहले यहां एक कार खड़ी थी। चालक जांच करने के बाद कार लेकर चला गया। इसके अलावा कुछ रेहड़ी वाले मौजूद थे, जो बाल-बाल बच गए। चश्मदीद बलवंत जैन ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर वे पार्क से बाहर निकले तो सफेद धुआं निकल रहा था। वहीं, पार्क में मौजूद भीमसेन ने बताया कि धमाका होते ही घटनास्थल पर पहले काला फिर सफेद धुआं निकला जो ऊपर की ओर चला गया। चश्मदीदों ने मौके पर सफेद पाउडर देखा। ज्यादातर लोगों को टायर फटने या फिर बैटरी फटने का संदेह हुआ। परचून की दुकान चलाने वाले महिंदर सिंह ने बताया कि धुएं से आंखों में जलन होने लगी और गले में तेज चुभन महसूस हुई। धमाके बाद वे काफी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जूस विक्रेता मुकेश ने बताया कि इलाके में दूसरी बार धमाका होने से उन्हें व परिवार को चिंता सता रही है।
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20 अक्तूबर को सीआरपीएफ स्कूल के पास हुआ था धमाका
20 अक्तूबर को प्रशांत विहार स्थित सीआरपीएफ स्कूल के पास धमाका हुआ था। यहां भी सफेद पाउडर मिला था। धमाका इतना जोरदार था कि स्कूल की मजबूत दीवार में छेद हो गया और आसपास की दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। धमाके की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत केंद्रीय एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। अभी तक मामले में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है।
स्कूल के बच्चों में फैली दहशत, अभिभावक पहुंचे स्कूल
धमाके वाली जगह से 300 मीटर दूर एक निजी स्कूल है। स्कूल में छठी से 12वीं कक्षा तक के छात्र पढ़ते हैं। जोरदार धमाका होने से स्कूल में पढ़ रहे बच्चे सहम गए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद अभिभावक भी तुरंत स्कूल पहुंच गए, लेकिन स्कूल प्रशासन ने बच्चों की छुट्टी करने से मना कर दिया। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को बताया कि धमाके से बच्चे सहम थे, लेकिन सुरक्षित हैं। ऐसे में वे किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर जाने की अनुमति नहीं देंगे।
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300 मीटर की दूरी पर है क्राइम ब्रांच कार्यालय
100 मीटर की दूसरी मौजूद है पुलिस पोस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रशांत विहार में जिस जगह पर धमाका हुआ, उससे महज तीन सौ मीटर दूर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा का कार्यालय है, जबकि सौ मीटर दूर पुलिस पोस्ट है। ऐसा माना जा रहा है कि विस्फोट करने वाले ने फिर ऐसी जगह को निशाना बनाया, जहां पर हमेशा पुलिस की चहलकदमी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पुलिस की मौजूदगी में ऐसी घटना को फिर से अंजाम देना, पुलिस को खुली चुनौती है। हालांकि, धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पुलिसकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
इधर, धमाके वाली जगह से बीस मीटर दूर रहने वाली कल्पना शर्मा का टेंपो चालक चेतन कुशवाहा रोज की तरह ब्रेड सप्लाई करने के लिए आया था। कल्पना के दो टेंपो हैं। इनसे वे ब्रेड-दूध की सप्लाई करवाती हैं। कल्पना ने बताया कि सुबह दोनों चालक आए तो पता चला कि एक टेंपो खराब है। इसके बाद एक चालक मैकेनिक को बुलाने चला गया। इस बीच अचानक जोरदार धमाका हुआ। इससे चेतन घायल हो गया। उसकी आंख और होंठ में काफी चोट लगी। पुलिस ने उसे आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। मूलरूप से मुरैना निवासी चेतन समयपुर बादली में परिवार के साथ रहता है। उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी। पुलिस चेतन से पूछताछ कर रही है।
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किसी ने कहा- टायर फटा है, धुआं देखकर संदेह हुआ
घटना के चश्मदीदों का कहना है कि पिछले महीने सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए धमाके से कम तीव्रता वाला धमाका था। इससे नुकसान भी कम हुआ है। चश्मदीद कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि वह रोज की तरह 11:30 बजे वीर सावरकर पार्क में जा रहे थे। अचानक पार्क के गेट के पास जोरदार धमाका हुआ। कोई कह रहा था कि टायर फट गया है, लेकिन सफेद रंग के धुएं को देखकर उन्हें कुछ संदेह हुआ। धमाके से पहले यहां एक कार खड़ी थी। चालक जांच करने के बाद कार लेकर चला गया। इसके अलावा कुछ रेहड़ी वाले मौजूद थे, जो बाल-बाल बच गए। चश्मदीद बलवंत जैन ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर वे पार्क से बाहर निकले तो सफेद धुआं निकल रहा था। वहीं, पार्क में मौजूद भीमसेन ने बताया कि धमाका होते ही घटनास्थल पर पहले काला फिर सफेद धुआं निकला जो ऊपर की ओर चला गया। चश्मदीदों ने मौके पर सफेद पाउडर देखा। ज्यादातर लोगों को टायर फटने या फिर बैटरी फटने का संदेह हुआ। परचून की दुकान चलाने वाले महिंदर सिंह ने बताया कि धुएं से आंखों में जलन होने लगी और गले में तेज चुभन महसूस हुई। धमाके बाद वे काफी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जूस विक्रेता मुकेश ने बताया कि इलाके में दूसरी बार धमाका होने से उन्हें व परिवार को चिंता सता रही है।
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20 अक्तूबर को सीआरपीएफ स्कूल के पास हुआ था धमाका
20 अक्तूबर को प्रशांत विहार स्थित सीआरपीएफ स्कूल के पास धमाका हुआ था। यहां भी सफेद पाउडर मिला था। धमाका इतना जोरदार था कि स्कूल की मजबूत दीवार में छेद हो गया और आसपास की दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। धमाके की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत केंद्रीय एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। अभी तक मामले में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है।
स्कूल के बच्चों में फैली दहशत, अभिभावक पहुंचे स्कूल
धमाके वाली जगह से 300 मीटर दूर एक निजी स्कूल है। स्कूल में छठी से 12वीं कक्षा तक के छात्र पढ़ते हैं। जोरदार धमाका होने से स्कूल में पढ़ रहे बच्चे सहम गए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद अभिभावक भी तुरंत स्कूल पहुंच गए, लेकिन स्कूल प्रशासन ने बच्चों की छुट्टी करने से मना कर दिया। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को बताया कि धमाके से बच्चे सहम थे, लेकिन सुरक्षित हैं। ऐसे में वे किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर जाने की अनुमति नहीं देंगे।