{"_id":"68cf146ebc5006925e0462c6","slug":"animal-sick-in-village-sunana-skull-removed-in-superstition-na-news-c-2-1-ali1011-792949-2025-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: गांव सुनाना में पशु बीमार... अंधविश्वास में निकाला गया खप्पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: गांव सुनाना में पशु बीमार... अंधविश्वास में निकाला गया खप्पर
विज्ञापन
क्षेत्र का गांव सुनाना अंधविश्वास के साए से उबर नहीं पा रहा है। पशुओं में बीमारी होने पर पशुपालकों ने शनिवार को तंत्र-मंत्र का सहारा लेकर खप्पर (तन्त) निकाला और पशुओं को दिखाया। गांव में कोई दो दिन तक कोई काम-काज नहीं हुआ, चूल्हे तक नहीं जलाए गए।
गांव के भजनलाल शर्मा का कहना कि शनिवार को उनकी एक भैंस की बीमारी से मौत हो गई, इससे पहले लोकमन प्रजापति का कटड़ा बीमारी से मर गया था। श्योप्रसाद शर्मा ने बताया कि गांव में करीब 2500 पशु है और 40 प्रतिशत पशुओं में बीमारी का प्रकोप है। ग्रामीणों का कहना था कि पशुओं का तीन-चार माह पूर्व टीकाकरण भी हो चुका है लेकिन पशुओँ को चलने में परेशानी, कुछ के मुंह लार की बीमारी बढ़ने पर यह निर्णय लेना पड़ा है, बताया गया है पशुओं का झोलाछापों से इलाज भी कराया गया है, हालांकि गांव से छह किलोमीटर दूर गांव अमरौली पशु उप केंद्र भी है, जहां बीमारी के बारे में चिक्तिसकों को अवगत कराने की बात कही गई है।
पशुओं की बीमारी को लेकर शनिवार को खप्पर निकाला गया। खप्पर निकालने के लिए गांव बुढ़ासी से वीरेंद्र कुमार बघेल और चौगानपुर से रमेश चंद्र को बुलाया गया। खप्पर उठाने का जिम्मा मुकेश कुमार ने उठाया, जो पूरे दिन व्रत रखकर हनुमान जी की पूरा करते रहे। रात को युवराज शर्मा ने मां चामुंडा की पूजा-अर्चना की, मुकेश लाल कपड़ों में लाल हनुमान बनकर बैठे रहे। रात 10 बजे करीब खप्पर में सरसों का तेल भरकर उसमे आग जलाकर खप्पर को घर-घर जाकर पशुओं के पास ले जाया गया। तीसरे दिन रविवार सुबह पशुओँ को छींटा लगाने के बाद ही गांव में रोजमर्रा के काम शुरू हो सकेंगे। इस मौके पर इस मौके पर विमल कुमार, शेर सिंह, कप्तान, धर्मेंद्र उर्फ धम्मू सहित गांव के सभी लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
बारिश में पशुओं के खुरों में इन्फेक्शन होने से फुटरॉट नामक बीमारी होती है। गांव सुनाना में टीम भेजकर पशुओं का उपचार कराया जाएगा। लोगों को किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए, पशु बीमार हों तो सूचना देने पर टीम भेजकर उपचार कराया जाएगा। डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
गांव के भजनलाल शर्मा का कहना कि शनिवार को उनकी एक भैंस की बीमारी से मौत हो गई, इससे पहले लोकमन प्रजापति का कटड़ा बीमारी से मर गया था। श्योप्रसाद शर्मा ने बताया कि गांव में करीब 2500 पशु है और 40 प्रतिशत पशुओं में बीमारी का प्रकोप है। ग्रामीणों का कहना था कि पशुओं का तीन-चार माह पूर्व टीकाकरण भी हो चुका है लेकिन पशुओँ को चलने में परेशानी, कुछ के मुंह लार की बीमारी बढ़ने पर यह निर्णय लेना पड़ा है, बताया गया है पशुओं का झोलाछापों से इलाज भी कराया गया है, हालांकि गांव से छह किलोमीटर दूर गांव अमरौली पशु उप केंद्र भी है, जहां बीमारी के बारे में चिक्तिसकों को अवगत कराने की बात कही गई है।
विज्ञापन
पशुओं की बीमारी को लेकर शनिवार को खप्पर निकाला गया। खप्पर निकालने के लिए गांव बुढ़ासी से वीरेंद्र कुमार बघेल और चौगानपुर से रमेश चंद्र को बुलाया गया। खप्पर उठाने का जिम्मा मुकेश कुमार ने उठाया, जो पूरे दिन व्रत रखकर हनुमान जी की पूरा करते रहे। रात को युवराज शर्मा ने मां चामुंडा की पूजा-अर्चना की, मुकेश लाल कपड़ों में लाल हनुमान बनकर बैठे रहे। रात 10 बजे करीब खप्पर में सरसों का तेल भरकर उसमे आग जलाकर खप्पर को घर-घर जाकर पशुओं के पास ले जाया गया। तीसरे दिन रविवार सुबह पशुओँ को छींटा लगाने के बाद ही गांव में रोजमर्रा के काम शुरू हो सकेंगे। इस मौके पर इस मौके पर विमल कुमार, शेर सिंह, कप्तान, धर्मेंद्र उर्फ धम्मू सहित गांव के सभी लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
बारिश में पशुओं के खुरों में इन्फेक्शन होने से फुटरॉट नामक बीमारी होती है। गांव सुनाना में टीम भेजकर पशुओं का उपचार कराया जाएगा। लोगों को किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए, पशु बीमार हों तो सूचना देने पर टीम भेजकर उपचार कराया जाएगा। डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।