{"_id":"68f92678f73aec98c00afc94","slug":"an-organization-of-unaided-teachers-rp-singh-became-the-state-president-na-news-c-20-vns1056-1163117-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: वित्तविहीन शिक्षकों का एक संगठन, आरपी सिंह बने प्रदेशाध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: वित्तविहीन शिक्षकों का एक संगठन, आरपी सिंह बने प्रदेशाध्यक्ष
विज्ञापन
वाराणसी। शिक्षक एमएलसी चुनाव 2026 से पहले वित्तविहीन शिक्षकों ने बड़ा उलटफेर करते हुए बुधवार को एक संगठन की घोषणा की। प्रदेश के सबसे बड़े उप्र वित्तविहीन महासभा के सभी संगठनों का संयुक्त संगठन बनाया। इस दौरान आरपी सिंह को सर्वसम्मति से संगठन का प्रदेश अध्यक्ष नामित किया गया।
आठ जिलों में विधान परिषद चुनाव में मतदाता और वित्तविहीन कॉलेजों के शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभारियों का चयन किया गया। वहीं, चुनाव में अहम भूमिका निभाने और छोटे संगठनों को विलय करने पर भी मंथन किया। शिक्षक नेता ऋतिका दुबे ने पूरे चुनाव का व्यापक ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उप्र में पिछले कई चुनाव में गुटबाजी झेल रहे शिक्षक अब एक मंच पर होंगे।
आठ जनपदों के उप्र वित्तविहीन शिक्षक महासभा की बैठक में सर्वसम्मति से शिक्षकों ने राजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व को स्वीकार किया। वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, गाजीपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र और बलिया में टीमें एकजुटता से काम करेंगी। सभी जनपदों के समस्त विद्यालयों में मतदाता फाॅर्म वितरित करने होंगे, कोई भी मतदाता बनने से न छूटे। हर शिक्षक, प्रधानाचार्य और प्रबंधकों से संवाद करके हर हाल में मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
विज्ञापन
-- --
शिक्षकों के अधिकार छीनने का षड्यंत्र नहीं होगा सफल
शिक्षक नेता ऋतिका दुबे ने कहा कि वित्तपोषित ही नहीं वित्तविहीन के सभी शिक्षक मतदाता बनेंगे। इसके लिए सारे प्रयास किया जा रहे हैं। शिक्षकों के अधिकारों का हनन करने वाले लोग सिर्फ षड्यंत्र रचेंगे लेकिन शिक्षक का हक नहीं छीन पाएंगे। जिन्हें लगातार कई वर्षों से वोट का अधिकार मिला है, उनसे यह छीनना संविधान के अधिकारों का हनन होगा। वित्तविहीन शिक्षकों से जुड़े चार एमएलसी अभी सदन में मौजूद हैं। संगठन की एकजुटता पर जल्द बड़ा सम्मेलन किया जाएगा। दोनों संगठन अब एक महासभा के रूप में जाने जाएंगे, यह हमारी पहली जीत है। जौनपुर के अखिलेश सिंह ने भी पूरी चुनावी तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में वाराणसी के जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, सोनभद्र से उमाकांत मिश्रा, कॉलेज प्रबंधक राजेश उपाध्याय, उमाकांत मिश्रा, उमाकांत शुक्ला, विजेंद्र देव पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
आठ जिलों में विधान परिषद चुनाव में मतदाता और वित्तविहीन कॉलेजों के शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभारियों का चयन किया गया। वहीं, चुनाव में अहम भूमिका निभाने और छोटे संगठनों को विलय करने पर भी मंथन किया। शिक्षक नेता ऋतिका दुबे ने पूरे चुनाव का व्यापक ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उप्र में पिछले कई चुनाव में गुटबाजी झेल रहे शिक्षक अब एक मंच पर होंगे।
विज्ञापन
आठ जनपदों के उप्र वित्तविहीन शिक्षक महासभा की बैठक में सर्वसम्मति से शिक्षकों ने राजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व को स्वीकार किया। वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, गाजीपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र और बलिया में टीमें एकजुटता से काम करेंगी। सभी जनपदों के समस्त विद्यालयों में मतदाता फाॅर्म वितरित करने होंगे, कोई भी मतदाता बनने से न छूटे। हर शिक्षक, प्रधानाचार्य और प्रबंधकों से संवाद करके हर हाल में मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
विज्ञापन
शिक्षकों के अधिकार छीनने का षड्यंत्र नहीं होगा सफल
शिक्षक नेता ऋतिका दुबे ने कहा कि वित्तपोषित ही नहीं वित्तविहीन के सभी शिक्षक मतदाता बनेंगे। इसके लिए सारे प्रयास किया जा रहे हैं। शिक्षकों के अधिकारों का हनन करने वाले लोग सिर्फ षड्यंत्र रचेंगे लेकिन शिक्षक का हक नहीं छीन पाएंगे। जिन्हें लगातार कई वर्षों से वोट का अधिकार मिला है, उनसे यह छीनना संविधान के अधिकारों का हनन होगा। वित्तविहीन शिक्षकों से जुड़े चार एमएलसी अभी सदन में मौजूद हैं। संगठन की एकजुटता पर जल्द बड़ा सम्मेलन किया जाएगा। दोनों संगठन अब एक महासभा के रूप में जाने जाएंगे, यह हमारी पहली जीत है। जौनपुर के अखिलेश सिंह ने भी पूरी चुनावी तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में वाराणसी के जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, सोनभद्र से उमाकांत मिश्रा, कॉलेज प्रबंधक राजेश उपाध्याय, उमाकांत मिश्रा, उमाकांत शुक्ला, विजेंद्र देव पांडेय आदि मौजूद रहे।