फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Allegations of fraud in the ongoing development work at Kishanpura School

Noida News: किशनपुरा स्कूल में चल रहे विकास कार्यो में फर्जीवाड़े के आरोप

Thu, 13 Nov 2025 12:13 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Thu, 13 Nov 2025 12:13 AM IST
विज्ञापन
Allegations of fraud in the ongoing development work at Kishanpura School
12जेएनडी20: जिला ​शिक्षा अ​धिकारी को ​शिकायत देते ग्रामीण। स्रोत : ग्रामीण - फोटो : सांकेतिक
जींद। किशनपुरा के ग्रामीणों ने शहीद महावीर सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय में चल रहे विकास कार्यों में फर्जीवाड़े के आरोप लगाए हैं। वहीं उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है। ग्रामीणों ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर स्कूल के मुख्याध्यापक की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन

पूर्व सरपंच सतबीर यादव, पूर्व सरपंच बलबीर शर्मा, सतपाल उर्फ पाला, बलबीर सिंह, गोविंद ने शिक्षा मंत्री को भेज ज्ञापन में अपने आरोपों में कहा है कि विद्यालय मुखिया की कार्यशैली से अधिकतर स्कूल का स्टाफ और छात्र अभिभावक तंग है।
विज्ञापन

मुख्याध्यापक बिना किसी को विश्वास में लेकर यह कार्य सिरे चढ़ा रहे है। ऐसा पत्राचार स्कूल प्रबंध कमेटी व पचांयत भी कर चुकी है। मुख्याध्यापक का तबादला हो गया था लेकिन अधिकारियों ने उसे जब तक रिलीव नहीं किया, तब तक उसे स्टे नहीं मिल गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्याध्यापक मनमाने फैसले लेते हैं। इसका एक उदाहरण है कि जीएमएस के अनुरोध पर जीपीएस की मेजर रिपेयर ग्रांट मंगाई गई है। इसकी वास्तव में विद्यालय को जरूरत ही नहीं थी। इसके लिए न तो प्राथमिक विद्यालय से पूछा गया और न ही विद्यालय के यू डॉइस सर्टिफिकेट को आधार माना गया।
यह स्कूल मुख्यमंत्री सुंदरीकरण प्रतियोगिता में खंड स्तर पर प्रथम रहा था। इसके बावजूद मेजर रिपेयर की आवश्यकता किस आधार पर पड़ी। इसी सत्र के दौरान स्कूल में लाखों की मिट्टी डलवाई गई जबकि 2022-23 में गांव में तालाब की खुदवाई के दौरान ग्रामीणों ने विद्यालय में मिट्टी डाल दी थी।
अब विद्यालय में मिट्टी की कोई जरूरत नहीं थी तो फिर 22 लाख से अधिक की मिट्टी का एस्टीमेट किस आधार पर बनाया गया। गांव के लोगों के सामने मुख्याध्यापक कह चुके है कि मिट्टी की ग्रांट तो सरकार ने बंद की हुई है।
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के अधिकारी एक स्कूल के मुख्याध्यापक की जांच करने के लिए दूसरे स्कूल के मुख्याध्यापकों को भेज देते हैं। इस जांच को भी ग्रामीणों ने गलत बताया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय मुखिया अपने पद और आदेश पुस्तिका का गलत प्रयोग करते हुए राजकीय प्राथमिक पाठशाला किशनपुरा की वार्षिक ग्रांट में अपनी घोषित-अघोषित फर्म से अपने ही गांव से ईंटों के फर्जी बिल लगाकर पैसे वसूल रहे हैं जबकि ईंटें गांव से मनरेगा मजदूरों ने एकत्रित की थी।

उन्होंने कहा कि स्कूल मुखिया कार्यकाल की विभाग के अलावा किसी दूसरी एजेंसी से जांच करवाई जाए ताकि सरकारी पैसे की बर्बादी करने वाले को जेल भेजा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed