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Noida News: दरिंदगी के बाद व्यवस्था की प्रताड़ना झेल रही शिक्षिका
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दरिंदगी के बाद व्यवस्था की प्रताड़ना झेल रही शिक्षिका
- जिला और भंगेल अस्पताल से पीड़िता को टरकाया, सात घंटे बाद हुआ मेडिकल परीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। स्कूल मालिक की दरिंदगी का शिकार हुई शिक्षिका को व्यवस्था की प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। पीड़िता की शिकायत पर पहले रिपोर्ट दर्ज करने में देरी हुई फिर तीन दिन बाद सोमवार को मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया। पीड़ित शिक्षिका को जिला अस्पताल से भंगेल सरकारी अस्पताल व भंगेल से जिला अस्पताल टरकाया। पीड़िता को दो-दो बार दोनों अस्पताल जाना पड़ा तब जाकर लगभग सात घंटे में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हुआ।
सेक्टर निवासी शिक्षिका ने बीटा-2 थाने में स्कूल मालिक पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। शिक्षिका का आरोप है कि वह लगभग दो साल से स्कूल में पढ़ाती हैं। फरवरी में स्कूल मालिक मोहित नागर ने उन्हें अपने दफ्तर में बुलाया और अश्लील बातें करने लगा। शिक्षिका ने विरोध किया तो आरोपी ने बंधक बनाकर उनके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने पीड़िता की अश्लील वीडियो क्लीपिंग तैयार कर ली और वायरल करने की धमकी देकर लगभग छह माह तक यौन शोषण करता रहा। आरोपी की दरिंदगी से पीड़िता काफी परेशान रहने लगी। पीड़िता के पति और बच्चों को जान से मारने की धमकी देता था। पति को सारी जानकारी देने के बाद पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने तीन दिन बाद मीडिया में मामला आने पर शुक्रवार को केस दर्ज किया। सोमवार को मेडिकल परीक्षण कराने के लिए पुलिस पीड़िता को सुबह दस बजे जिला अस्पताल लेकर गई। लेकिन वहां कहा गया कि ग्रेटर नोएडा के मामले में मेडिकल परीक्षण भंगेल में होगा। इसके बाद पीड़िता पुलिस के साथ भंगेल पहुंची। वहां से फिर जिला अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद फिर से पीड़िता को भंगेल अस्पताल भेजा गया। शाम लगभग पांच बजे पीड़िता का भंगेल में मेडिकल परीक्षण कर भेजा गया।
एसएचओ के बात करने बाद हुआ मेडिकल
बीटा-2 थाना प्रभारी ने बताया कि मेडिकल परीक्षण में देरी की जानकारी मिलते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की। इसके बाद शिक्षिका का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मंगलवार को शिक्षिका के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।
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मासूम बेटे का स्टैपलर से हाथ दबाया
पीड़िता ने यह भी बताया कि उसके पांच और आठ साल के दो बेटे भी स्कूल में पढ़ते थे। आरोपी मालिक उसके पांच साल के बेटे का हाथ स्टैपलर के बीच दबाकर धमकी देता था और पीड़िता पर दबाव बनाकर दुष्कर्म करता था। पुलिस ने अब तक आरोपी स्कूल मालिक को गिरफ्तार नहीं किया है और जांच का हवाला दे रही है।
जांच कर दोषी पर होगी कार्रवाई : सीएमओ
ऐसा कोई नियम नहीं है कि ग्रेटर नोएडा के मामलों में जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण नहीं होगा। इस मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाये जाने पर दोषी पर कार्रवाई होगी।
- सुनील कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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- जिला और भंगेल अस्पताल से पीड़िता को टरकाया, सात घंटे बाद हुआ मेडिकल परीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। स्कूल मालिक की दरिंदगी का शिकार हुई शिक्षिका को व्यवस्था की प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। पीड़िता की शिकायत पर पहले रिपोर्ट दर्ज करने में देरी हुई फिर तीन दिन बाद सोमवार को मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया। पीड़ित शिक्षिका को जिला अस्पताल से भंगेल सरकारी अस्पताल व भंगेल से जिला अस्पताल टरकाया। पीड़िता को दो-दो बार दोनों अस्पताल जाना पड़ा तब जाकर लगभग सात घंटे में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हुआ।
सेक्टर निवासी शिक्षिका ने बीटा-2 थाने में स्कूल मालिक पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। शिक्षिका का आरोप है कि वह लगभग दो साल से स्कूल में पढ़ाती हैं। फरवरी में स्कूल मालिक मोहित नागर ने उन्हें अपने दफ्तर में बुलाया और अश्लील बातें करने लगा। शिक्षिका ने विरोध किया तो आरोपी ने बंधक बनाकर उनके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने पीड़िता की अश्लील वीडियो क्लीपिंग तैयार कर ली और वायरल करने की धमकी देकर लगभग छह माह तक यौन शोषण करता रहा। आरोपी की दरिंदगी से पीड़िता काफी परेशान रहने लगी। पीड़िता के पति और बच्चों को जान से मारने की धमकी देता था। पति को सारी जानकारी देने के बाद पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने तीन दिन बाद मीडिया में मामला आने पर शुक्रवार को केस दर्ज किया। सोमवार को मेडिकल परीक्षण कराने के लिए पुलिस पीड़िता को सुबह दस बजे जिला अस्पताल लेकर गई। लेकिन वहां कहा गया कि ग्रेटर नोएडा के मामले में मेडिकल परीक्षण भंगेल में होगा। इसके बाद पीड़िता पुलिस के साथ भंगेल पहुंची। वहां से फिर जिला अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद फिर से पीड़िता को भंगेल अस्पताल भेजा गया। शाम लगभग पांच बजे पीड़िता का भंगेल में मेडिकल परीक्षण कर भेजा गया।
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एसएचओ के बात करने बाद हुआ मेडिकल
बीटा-2 थाना प्रभारी ने बताया कि मेडिकल परीक्षण में देरी की जानकारी मिलते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की। इसके बाद शिक्षिका का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मंगलवार को शिक्षिका के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।
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मासूम बेटे का स्टैपलर से हाथ दबाया
पीड़िता ने यह भी बताया कि उसके पांच और आठ साल के दो बेटे भी स्कूल में पढ़ते थे। आरोपी मालिक उसके पांच साल के बेटे का हाथ स्टैपलर के बीच दबाकर धमकी देता था और पीड़िता पर दबाव बनाकर दुष्कर्म करता था। पुलिस ने अब तक आरोपी स्कूल मालिक को गिरफ्तार नहीं किया है और जांच का हवाला दे रही है।
जांच कर दोषी पर होगी कार्रवाई : सीएमओ
ऐसा कोई नियम नहीं है कि ग्रेटर नोएडा के मामलों में जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण नहीं होगा। इस मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाये जाने पर दोषी पर कार्रवाई होगी।
- सुनील कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी