{"_id":"690dedab08f04ab4800f310a","slug":"actress-sandeepa-virks-bail-plea-rejected-noida-news-c-340-1-del1004-111430-2025-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: अभिनेत्री संदीपा विर्क की जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: अभिनेत्री संदीपा विर्क की जमानत याचिका खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-प्रवर्तन निदेशालय ने विर्क और अमित गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट दायर की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में 12 अगस्त को गिरफ्तार अभिनेत्री संदीपा विर्क की जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संदीपा विर्क और अमित गुप्ता के खिलाफ अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर की है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजय शंकर ने जमानत याचिका खारिज की है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर और गंभीर प्रकृति के हैं। यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो आरोपी के साक्ष्य से छेड़छाड़ करने, गवाहों को प्रभावित करने या फरार होने की संभावना है। न्यायाधीश ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों, अपराध की गंभीरता और आरोपी के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए इस अदालत की राय है कि आरोपी संदीपा विर्क की नियमित जमानत के लिए कोई आधार नहीं बनता। ऐसे में आरोपी विर्क की नियमित जमानत के लिए आवेदन खारिज किया जाता है। वहीं, ईडी ने आरोप लगाया कि आरोपी अमित गुप्ता उर्फ नागेश्वर गुप्ता और संदीपा विर्क ने शिकायतकर्ता को धोखा देकर उत्पन्न अपराध की आय का उपयोग अचल संपत्ति हासिल करने के लिए किया और मुंबई में एक फ्लैट को अमित गुप्ता, संदीपा विर्क और कमला के संयुक्त नाम पर हासिल किया गया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में 12 अगस्त को गिरफ्तार अभिनेत्री संदीपा विर्क की जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संदीपा विर्क और अमित गुप्ता के खिलाफ अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर की है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजय शंकर ने जमानत याचिका खारिज की है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर और गंभीर प्रकृति के हैं। यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो आरोपी के साक्ष्य से छेड़छाड़ करने, गवाहों को प्रभावित करने या फरार होने की संभावना है। न्यायाधीश ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों, अपराध की गंभीरता और आरोपी के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए इस अदालत की राय है कि आरोपी संदीपा विर्क की नियमित जमानत के लिए कोई आधार नहीं बनता। ऐसे में आरोपी विर्क की नियमित जमानत के लिए आवेदन खारिज किया जाता है। वहीं, ईडी ने आरोप लगाया कि आरोपी अमित गुप्ता उर्फ नागेश्वर गुप्ता और संदीपा विर्क ने शिकायतकर्ता को धोखा देकर उत्पन्न अपराध की आय का उपयोग अचल संपत्ति हासिल करने के लिए किया और मुंबई में एक फ्लैट को अमित गुप्ता, संदीपा विर्क और कमला के संयुक्त नाम पर हासिल किया गया।
विज्ञापन