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Noida News: बकायेदार बिल्डर पर एक्शन-सनवर्ल्ड रेजिडेंसी के तीन टावर प्राधिकरण ने किए सील
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182 करोड़ का बकाया नहीं चुकाने पर सनवर्ल्ड रेजिडेंसी के तीन टावर सील
- नोएडा प्राधिकरण ने की कार्रवाई, दो बार नोटिस देने के बावजूद बिल्डर ने नहीं जमा कराया बकाया
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहली कार्रवाई
सनवर्ल्ड रेजिडेंसी
2010 में हुआ 40221 वर्गमीटर प्लॉट का आवंटन
10 टावर बनाने की दी मंजूरी
7 टावर हैं तैयार
972 फ्लैट हैं प्रोजेक्ट में
टावर संख्या 7, 8 और 9 सील
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। करीब 182 करोड़ बकाया नहीं देने पर नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को सेक्टर-168 स्थित सनवर्ल्ड रेजिडेंसी प्राइवेट लिमिटेड के तीन टावर सील कर दिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बकायेदार बिल्डरों पर प्राधिकरण की यह पहली कार्रवाई है। सनवर्ल्ड को प्राधिकरण ने डिफॉल्टर श्रेणी में रखा है। अधिकारियों के मुताबिक बकाये के भुगतान के लिए बिल्डर को 21 नवंबर 2022 और 27 दिसंबर 2022 को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद बिल्डर ने बकाये का भुगतान नहीं किया। मामले में प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग के अधिकारियों ने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी सीईओ रितु माहेश्वरी से मांगी। सीईओ की मंजूरी के बाद बिल्डर के तीन टावर सील कर दिए गए।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि 17 अगस्त 2010 को ग्रुप हाउसिंग विभाग के अंतर्गत बिल्डर को 40221.26 वर्गमीटर का प्लॉट आवंटित किया गया था। परियोजना के लिए प्राधिकरण ने 10 टावर बनाने की मंजूरी दी है। इनमें अब तक सात टावरों का निर्माण हो चुका है। वहीं तीन टावर और बनने हैं। टावर संख्या 2, 3, 4 और 10 के लिए ओसी मिली है। जबकि प्राधिकरण ने शुक्रवार की कार्रवाई में टावर संख्या 7, 8 और 9 को सील कर दिया है। इस परियोजना के लिए प्राधिकरण ने 972 फ्लैट बनाने की मंजूरी दी है। अब तक 400 फ्लैटों की ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) प्राधिकरण ने जारी की है। इस परियोजना में कितने फ्लैटों की रजिस्ट्री हुई है, इसका आंकड़ा प्राधिकरण के पास नहीं है।
किस्तों में भुगतान का भी दिया था ऑफर
नोएडा प्राधिकरण ने बकायेदार बिल्डरों को किस्तों में भुगतान का ऑफर 31 मार्च तक दिया था। प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक के माध्यम से प्रस्ताव देते हुए रिशेड्यूलमेंट की तारीख आगे बढ़ाई थी। लेकिन बड़े बकायेदारों ने इस सुविधा का लाभ उठाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। गिनती के बिल्डरों ने इसमें आवेदन किया है। यही वजह है कि प्राधिकरण ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्रवाई की।
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15 बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी करने की तैयारी
प्राधिकरण ने अब तक 15 बकायेदार बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन बिल्डरों की फाइल एसीईओ स्तर पर तैयार हो चुकी है। एसीईओ का कहना है कि सात बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी करने के लिए सीईओ ने मंजूरी भी दे दी है। अब बाकी बचे हुए बिल्डरों के खिलाफ भी मंजूरी का इंतजार है।
कई अन्य बिल्डर परियोजनाओं के टावर होंगे सील
प्राधिकरण की ओर से कई अन्य बिल्डर परियोजनाओं के टावर और फ्लैट सील करने की तैयारी है। इन परियोजनाओं में खाली पड़े टावर और फ्लैटों की संख्या का पता लगाया जा रहा है। पूरी जानकारी इकट्ठी करने के बाद सीलिंग शुरू होगी। प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने पहले ही कहा था कि बकाया नहीं चुकाने वाले बिल्डरों के खिलाफ आरसी और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट का आंकड़ा
- ग्रुप हाउसिंग के कुल प्रोजेक्ट-115
- पूरे हो चुके प्रोजेक्ट, जिसमें रजिस्ट्री का काम शुरू-12
- पूरा बकाया चुकता कर चुके प्रोजेक्ट, जिसमें रजिस्ट्री का काम चल रहा है-14
- पूरे हो चुके प्रोजेक्ट, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो रही-22
- अधूरे प्रोजेक्ट, जिसमें रजिस्ट्री का काम शुरू-6
- बिना रजिस्ट्री वाले अधूरे प्रोजेक्ट-30
- एनसीएलटी में प्रोजेक्ट-15
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- नोएडा प्राधिकरण ने की कार्रवाई, दो बार नोटिस देने के बावजूद बिल्डर ने नहीं जमा कराया बकाया
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहली कार्रवाई
सनवर्ल्ड रेजिडेंसी
2010 में हुआ 40221 वर्गमीटर प्लॉट का आवंटन
10 टावर बनाने की दी मंजूरी
7 टावर हैं तैयार
972 फ्लैट हैं प्रोजेक्ट में
टावर संख्या 7, 8 और 9 सील
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। करीब 182 करोड़ बकाया नहीं देने पर नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को सेक्टर-168 स्थित सनवर्ल्ड रेजिडेंसी प्राइवेट लिमिटेड के तीन टावर सील कर दिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बकायेदार बिल्डरों पर प्राधिकरण की यह पहली कार्रवाई है। सनवर्ल्ड को प्राधिकरण ने डिफॉल्टर श्रेणी में रखा है। अधिकारियों के मुताबिक बकाये के भुगतान के लिए बिल्डर को 21 नवंबर 2022 और 27 दिसंबर 2022 को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद बिल्डर ने बकाये का भुगतान नहीं किया। मामले में प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग के अधिकारियों ने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी सीईओ रितु माहेश्वरी से मांगी। सीईओ की मंजूरी के बाद बिल्डर के तीन टावर सील कर दिए गए।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि 17 अगस्त 2010 को ग्रुप हाउसिंग विभाग के अंतर्गत बिल्डर को 40221.26 वर्गमीटर का प्लॉट आवंटित किया गया था। परियोजना के लिए प्राधिकरण ने 10 टावर बनाने की मंजूरी दी है। इनमें अब तक सात टावरों का निर्माण हो चुका है। वहीं तीन टावर और बनने हैं। टावर संख्या 2, 3, 4 और 10 के लिए ओसी मिली है। जबकि प्राधिकरण ने शुक्रवार की कार्रवाई में टावर संख्या 7, 8 और 9 को सील कर दिया है। इस परियोजना के लिए प्राधिकरण ने 972 फ्लैट बनाने की मंजूरी दी है। अब तक 400 फ्लैटों की ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) प्राधिकरण ने जारी की है। इस परियोजना में कितने फ्लैटों की रजिस्ट्री हुई है, इसका आंकड़ा प्राधिकरण के पास नहीं है।
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किस्तों में भुगतान का भी दिया था ऑफर
नोएडा प्राधिकरण ने बकायेदार बिल्डरों को किस्तों में भुगतान का ऑफर 31 मार्च तक दिया था। प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक के माध्यम से प्रस्ताव देते हुए रिशेड्यूलमेंट की तारीख आगे बढ़ाई थी। लेकिन बड़े बकायेदारों ने इस सुविधा का लाभ उठाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। गिनती के बिल्डरों ने इसमें आवेदन किया है। यही वजह है कि प्राधिकरण ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्रवाई की।
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15 बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी करने की तैयारी
प्राधिकरण ने अब तक 15 बकायेदार बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन बिल्डरों की फाइल एसीईओ स्तर पर तैयार हो चुकी है। एसीईओ का कहना है कि सात बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी करने के लिए सीईओ ने मंजूरी भी दे दी है। अब बाकी बचे हुए बिल्डरों के खिलाफ भी मंजूरी का इंतजार है।
कई अन्य बिल्डर परियोजनाओं के टावर होंगे सील
प्राधिकरण की ओर से कई अन्य बिल्डर परियोजनाओं के टावर और फ्लैट सील करने की तैयारी है। इन परियोजनाओं में खाली पड़े टावर और फ्लैटों की संख्या का पता लगाया जा रहा है। पूरी जानकारी इकट्ठी करने के बाद सीलिंग शुरू होगी। प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने पहले ही कहा था कि बकाया नहीं चुकाने वाले बिल्डरों के खिलाफ आरसी और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट का आंकड़ा
- ग्रुप हाउसिंग के कुल प्रोजेक्ट-115
- पूरे हो चुके प्रोजेक्ट, जिसमें रजिस्ट्री का काम शुरू-12
- पूरा बकाया चुकता कर चुके प्रोजेक्ट, जिसमें रजिस्ट्री का काम चल रहा है-14
- पूरे हो चुके प्रोजेक्ट, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो रही-22
- अधूरे प्रोजेक्ट, जिसमें रजिस्ट्री का काम शुरू-6
- बिना रजिस्ट्री वाले अधूरे प्रोजेक्ट-30
- एनसीएलटी में प्रोजेक्ट-15