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परिवार पहचान पत्र बनाने के कार्य में तेजी लाएं : डॉ. मुनीष नागपाल
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परिवार पहचान पत्र बनाने के कार्य में तेजी लाएं अधिकारी
नूंह। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनाने के कार्य में तेजी लाने की जरूरत है। सभी संबंधित अधिकारी परिवार पहचान पत्र बनाने की रिपोर्ट भेजना भी सुनिश्चित करें। ताकि कार्य के प्रगति की जानकारी मिलती रहे। यह बातें अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने शुक्रवार को जिला सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के क्रियान्वित के लिए सबको बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना है। ताकि पहचान पत्र बनाने का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो सके। साथ ही निर्धारित मापदंडों के तहत लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र का उद्देश्य हरियाणा में सभी परिवारों को प्रमाणित और विश्वसनीय डाटा तैयार करना है। पीपीपी हरियाणा में प्रत्येक परिवार की पहचान करता है और परिवार के बुनियादी डाटा को डिजिटल प्रारूप में परिवार की सहमति से प्रदान करता है। प्रत्येक परिवार को 8 अंकों का आईडी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लिए अब परिवार पहचान पत्र का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा फैमिली आईडी छात्रवृत्ति, सब्सिडी और अन्य पेंशन जैसी सभी योजनाओं को जोड़ेगी, ताकि विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिक्षा और अन्य विभागों के अधिकारियों को भी इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि वे इस कार्य को सुगमता से कर सकें। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि पीपीपी में कोई अपडेट और नया परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनवाने के लिए अपने नजदीकी सीएससी सेंटर में संपर्क करें।
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नूंह। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनाने के कार्य में तेजी लाने की जरूरत है। सभी संबंधित अधिकारी परिवार पहचान पत्र बनाने की रिपोर्ट भेजना भी सुनिश्चित करें। ताकि कार्य के प्रगति की जानकारी मिलती रहे। यह बातें अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने शुक्रवार को जिला सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के क्रियान्वित के लिए सबको बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना है। ताकि पहचान पत्र बनाने का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो सके। साथ ही निर्धारित मापदंडों के तहत लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र का उद्देश्य हरियाणा में सभी परिवारों को प्रमाणित और विश्वसनीय डाटा तैयार करना है। पीपीपी हरियाणा में प्रत्येक परिवार की पहचान करता है और परिवार के बुनियादी डाटा को डिजिटल प्रारूप में परिवार की सहमति से प्रदान करता है। प्रत्येक परिवार को 8 अंकों का आईडी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लिए अब परिवार पहचान पत्र का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा फैमिली आईडी छात्रवृत्ति, सब्सिडी और अन्य पेंशन जैसी सभी योजनाओं को जोड़ेगी, ताकि विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिक्षा और अन्य विभागों के अधिकारियों को भी इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि वे इस कार्य को सुगमता से कर सकें। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि पीपीपी में कोई अपडेट और नया परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनवाने के लिए अपने नजदीकी सीएससी सेंटर में संपर्क करें।
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