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Noida News: एबीवीपी ने मत बढ़ोतरी को जेएनयू में राष्ट्रवाद के उदय का संकेत माना
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एबीवीपी ने जेएनयू छात्र संघ चुनाव की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जेएनयू छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी ने हार की समीक्षा की है। एबीवीपी का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव में पक्ष में हुए मतों की ऐतिहासिक बढ़ोतरी जेएनयू में राष्ट्रवाद के उदय का संकेत है। एबीवीपी ने इस चुनाव में अत्यंत मजबूती के साथ महासचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर बढ़त बनाए रखी।
जेएनयू एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि चुनाव के परिणाम हार नहीं बल्कि हमारे उदय की घोषणा हैं। जेएनयू के छात्र अब वामपंथ को पूरी तरह खदेड़ने का संकल्प ले चुके हैं। परिणाम चाहे जो भी हों छात्र हित के प्रति एबीवीपी की प्रतिबद्धता अडिग रहेगी। वहीं, एबीवीपी के जेएनयू मुख्य चुनाव संयोजक अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि यह चुनाव हमारे लिए अत्यंत सफल रहा है। एबीवीपी ने पूरे परिसर में मुद्दा आधारित पारदर्शी और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण पर आधारित चुनाव लड़ा। इस बार जो मत वृद्धि मिली है, वह स्पष्ट संकेत है कि जेएनयू के छात्र वैचारिक ईमानदारी और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध राजनीति को स्वीकार कर रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जेएनयू छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी ने हार की समीक्षा की है। एबीवीपी का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव में पक्ष में हुए मतों की ऐतिहासिक बढ़ोतरी जेएनयू में राष्ट्रवाद के उदय का संकेत है। एबीवीपी ने इस चुनाव में अत्यंत मजबूती के साथ महासचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर बढ़त बनाए रखी।
जेएनयू एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि चुनाव के परिणाम हार नहीं बल्कि हमारे उदय की घोषणा हैं। जेएनयू के छात्र अब वामपंथ को पूरी तरह खदेड़ने का संकल्प ले चुके हैं। परिणाम चाहे जो भी हों छात्र हित के प्रति एबीवीपी की प्रतिबद्धता अडिग रहेगी। वहीं, एबीवीपी के जेएनयू मुख्य चुनाव संयोजक अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि यह चुनाव हमारे लिए अत्यंत सफल रहा है। एबीवीपी ने पूरे परिसर में मुद्दा आधारित पारदर्शी और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण पर आधारित चुनाव लड़ा। इस बार जो मत वृद्धि मिली है, वह स्पष्ट संकेत है कि जेएनयू के छात्र वैचारिक ईमानदारी और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध राजनीति को स्वीकार कर रहे हैं।
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