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Noida News: आप ने बिहार में एसआईआर की पारदर्शिता पर सवाल उठाए
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आप संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा को लाभ पहुंचाने की साजिश बताया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आप के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने बिहार में मतदाता सत्यापन (एसआईआर) प्रक्रिया की पारदर्शिता पर शुक्रवार को गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी और भाजपा को लाभ पहुंचाने की साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने दूसरे राज्यों से पैसे देकर लाखों लोगों को ट्रेनों के जरिए बिहार भेजा ताकि वे पार्टी को वोट दे सकें। मतदाताओं को मुफ्त परिवहन उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(1) के तहत रिश्वतखोरी की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि जब दूसरे राज्यों में रह रहे लोगों के वोट अभी भी बिहार में हैं तो एसआईआर की पूरी कवायद का क्या अर्थ रह जाता है। भारद्वाज ने आरएसएस विचारक और भाजपा नेता राकेश सिन्हा पर आरोप लगाया कि वे दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डालने के बाद बिहार में भी मतदान कर चुके हैं जबकि वे आज भी दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में पढ़ा रहे हैं। इसी तरह भाजपा दिल्ली पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा ने भी दिल्ली और बिहार दोनों जगह वोट डाला है।
भाजपा ने छठ पर्व के नाम पर स्पेशल ट्रेनें चलाकर विभिन्न राज्यों से मतदाताओं को बिहार भेजा जबकि इन ट्रेनों का असली उद्देश्य चुनावी लाभ उठाना था। भारद्वाज ने अपने आरोपों के समर्थन में कई वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर बिहार में वोटरों की सूचियों से चयनित नाम नहीं काटे गए बल्कि भाजपा समर्थक वोटरों को संरक्षित रखा गया। भारद्वाज ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह इस पूरे मामले की जांच करे और भाजपा से जवाब मांगे कि लाखों लोगों को ट्रेन से बिहार भेजने की व्यवस्था किसने की और किस पैसे से की गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आप के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने बिहार में मतदाता सत्यापन (एसआईआर) प्रक्रिया की पारदर्शिता पर शुक्रवार को गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी और भाजपा को लाभ पहुंचाने की साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने दूसरे राज्यों से पैसे देकर लाखों लोगों को ट्रेनों के जरिए बिहार भेजा ताकि वे पार्टी को वोट दे सकें। मतदाताओं को मुफ्त परिवहन उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(1) के तहत रिश्वतखोरी की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि जब दूसरे राज्यों में रह रहे लोगों के वोट अभी भी बिहार में हैं तो एसआईआर की पूरी कवायद का क्या अर्थ रह जाता है। भारद्वाज ने आरएसएस विचारक और भाजपा नेता राकेश सिन्हा पर आरोप लगाया कि वे दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डालने के बाद बिहार में भी मतदान कर चुके हैं जबकि वे आज भी दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में पढ़ा रहे हैं। इसी तरह भाजपा दिल्ली पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा ने भी दिल्ली और बिहार दोनों जगह वोट डाला है।
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भाजपा ने छठ पर्व के नाम पर स्पेशल ट्रेनें चलाकर विभिन्न राज्यों से मतदाताओं को बिहार भेजा जबकि इन ट्रेनों का असली उद्देश्य चुनावी लाभ उठाना था। भारद्वाज ने अपने आरोपों के समर्थन में कई वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर बिहार में वोटरों की सूचियों से चयनित नाम नहीं काटे गए बल्कि भाजपा समर्थक वोटरों को संरक्षित रखा गया। भारद्वाज ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह इस पूरे मामले की जांच करे और भाजपा से जवाब मांगे कि लाखों लोगों को ट्रेन से बिहार भेजने की व्यवस्था किसने की और किस पैसे से की गई।
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