{"_id":"6a639bc4973bc86f370b0237","slug":"a-stockpile-of-medicines-for-anxiety-nervousness-and-pain-worth-80-lakh-seized-grnoida-news-c-1-noi1095-4538687-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: एंग्जायटी, घबराहट और दर्द की 80 लाख की दवाओं का जखीरा पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: एंग्जायटी, घबराहट और दर्द की 80 लाख की दवाओं का जखीरा पकड़ा
विज्ञापन
दो गिरफ्तार, सेक्टर-123 में चल रहे थे ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम का अवैध गोदाम, एक महीने पहले लिया था किराये पर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। औषधि विभाग और दिल्ली की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार रात सेक्टर-123 में दवाओं के अवैध गोदाम पर छापा मारा। इसमें करीब 80 लाख रुपये की ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम दवाएं बरामद कीं। ये दवाएं डॉक्टर की पर्ची पर ही मिलती हैं। मौके से ग्रेनो वेस्ट निवासी अमन शर्मा और निराला ग्रीनशायर सोसाइटी निवासी शिव नारायण झा को गिरफ्तार किया। शिवनारायण गाजियाबाद में मेडिकल स्टोर चलाता है और अमन उसका सहयोगी है।
औषधि निरीक्षक जय सिंह ने बताया कि टीम ने अंबेडकर सिटी, कच्चा 30 फुटा रोड पर स्थित मकान में छापा मारा। उन्होंने बताया कि शिवनारायण झा ने एक महीने पहले गोदाम को किराये पर लिया था। उसने बगैर बिल व लाइसेंस के दवाइयों का भंडारण किया था। कुछ महीने पहले दिल्ली में दवाइयों की तस्करी व भंडारण को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच के बाद यह चौथी और पांचवीं गिरफ्तारी है। तीन की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। यह भी पता चला है कि आरोपी के कई और गोदाम हैं।
यह पता लगाया जा रहा है कि दवाओं की अपूर्ति कहां से की जा रही थी और इन्हें किन राज्यों में भेजा जाना था। टीम ने परीक्षण और रासायनिक विश्लेषण के लिए तीन अलग-अलग प्रकार की दवाओं के नमूने भी एकत्र किए हैं। इन्हें प्रयोगशाला भेजा जाएगा ताकि इनके संघटन और गुणवत्ता की पुष्टि की जा सके।
विज्ञापन
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गोदाम किसके इशारे पर चल रहा था और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद दवाओं की इस आपूर्ति शृंखला से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल बरामद दवाओं को कब्जे में लेकर आगे की जांच जारी है।
कड़े नियंत्रण में हैं ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम
ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं हैं लेकिन इनकी बिक्री, खरीद और भंडारण पर कड़े नियम लागू हैं। इनका उपयोग केवल पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही किया जा सकता है। अल्प्राजोलम का इस्तेमाल एंग्जायटी और घबराहट संबंधी परेशानी में किया जाता है। ट्रामाडोल का इस्तेमाल गंभीर दर्द के इलाज में किया जाता है। दोनों दवाएं मादक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस अधिनियम) के प्रावधानों और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियमावली के शेड्यूल-एच1 के तहत नियंत्रित हैं। इन दवाओं का रिकॉर्ड रखना, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बिक्री करना और चिकित्सकीय पर्चे पर ही उपलब्ध कराना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस, बिना डॉक्टर के पर्चे या अवैध भंडारण एवं कारोबार करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
क्या है एएनटीएफ
एएनटीएफ राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा अवैध नशीली दवाओं (ड्रग्स) की तस्करी को रोकने और नशा माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए बनाई गई एक विशेष पुलिस इकाई है। इसका मुख्य कार्य अवैध ड्रग्स की खरीद-फरोख्त, निर्माण और आपूर्ति को रोकना है। यह फोर्स ड्रग माफियाओं और तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी और आर्थिक कार्रवाई करता है।
हाल ही में पकड़ी गई थीं कैंसर की 2.48 करोड़ की दवाइयां
22 जुलाई को शहर के एक फ्लैट से करीब 2.48 करोड़ रुपये की कैंसर और अन्य जीवनरक्षक दवाएं बरामद हुई थीं। जांच में सामने आया था कि दवाओं का भंडारण बिना वैध लाइसेंस के किया गया था। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। औषधि विभाग और दिल्ली की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार रात सेक्टर-123 में दवाओं के अवैध गोदाम पर छापा मारा। इसमें करीब 80 लाख रुपये की ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम दवाएं बरामद कीं। ये दवाएं डॉक्टर की पर्ची पर ही मिलती हैं। मौके से ग्रेनो वेस्ट निवासी अमन शर्मा और निराला ग्रीनशायर सोसाइटी निवासी शिव नारायण झा को गिरफ्तार किया। शिवनारायण गाजियाबाद में मेडिकल स्टोर चलाता है और अमन उसका सहयोगी है।
औषधि निरीक्षक जय सिंह ने बताया कि टीम ने अंबेडकर सिटी, कच्चा 30 फुटा रोड पर स्थित मकान में छापा मारा। उन्होंने बताया कि शिवनारायण झा ने एक महीने पहले गोदाम को किराये पर लिया था। उसने बगैर बिल व लाइसेंस के दवाइयों का भंडारण किया था। कुछ महीने पहले दिल्ली में दवाइयों की तस्करी व भंडारण को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच के बाद यह चौथी और पांचवीं गिरफ्तारी है। तीन की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। यह भी पता चला है कि आरोपी के कई और गोदाम हैं।
विज्ञापन
यह पता लगाया जा रहा है कि दवाओं की अपूर्ति कहां से की जा रही थी और इन्हें किन राज्यों में भेजा जाना था। टीम ने परीक्षण और रासायनिक विश्लेषण के लिए तीन अलग-अलग प्रकार की दवाओं के नमूने भी एकत्र किए हैं। इन्हें प्रयोगशाला भेजा जाएगा ताकि इनके संघटन और गुणवत्ता की पुष्टि की जा सके।
विज्ञापन
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गोदाम किसके इशारे पर चल रहा था और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद दवाओं की इस आपूर्ति शृंखला से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल बरामद दवाओं को कब्जे में लेकर आगे की जांच जारी है।
कड़े नियंत्रण में हैं ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम
ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं हैं लेकिन इनकी बिक्री, खरीद और भंडारण पर कड़े नियम लागू हैं। इनका उपयोग केवल पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही किया जा सकता है। अल्प्राजोलम का इस्तेमाल एंग्जायटी और घबराहट संबंधी परेशानी में किया जाता है। ट्रामाडोल का इस्तेमाल गंभीर दर्द के इलाज में किया जाता है। दोनों दवाएं मादक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस अधिनियम) के प्रावधानों और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियमावली के शेड्यूल-एच1 के तहत नियंत्रित हैं। इन दवाओं का रिकॉर्ड रखना, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बिक्री करना और चिकित्सकीय पर्चे पर ही उपलब्ध कराना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस, बिना डॉक्टर के पर्चे या अवैध भंडारण एवं कारोबार करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
क्या है एएनटीएफ
एएनटीएफ राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा अवैध नशीली दवाओं (ड्रग्स) की तस्करी को रोकने और नशा माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए बनाई गई एक विशेष पुलिस इकाई है। इसका मुख्य कार्य अवैध ड्रग्स की खरीद-फरोख्त, निर्माण और आपूर्ति को रोकना है। यह फोर्स ड्रग माफियाओं और तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी और आर्थिक कार्रवाई करता है।
हाल ही में पकड़ी गई थीं कैंसर की 2.48 करोड़ की दवाइयां
22 जुलाई को शहर के एक फ्लैट से करीब 2.48 करोड़ रुपये की कैंसर और अन्य जीवनरक्षक दवाएं बरामद हुई थीं। जांच में सामने आया था कि दवाओं का भंडारण बिना वैध लाइसेंस के किया गया था। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।