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Noida News: मुनाफे का झांसा देकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर से ठगे 72 लाख
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गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर एयरलाइंस के सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव बंसल से 72 लाख रुपये ठग लिए। शातिरों ने उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्हें एक एप इंस्टॉल कराया, जहां ऑनलाइन निवेश में मुनाफा दिखाकर ठगी शुरू की। उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो शातिरों ने नियम शर्त बताकर और रुपये ले लिए। उन्होंने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एंक्लेव निवासी अंकुर अग्रवाल का कहना है कि उनके जीजा गौरव बंसल मलयेशिया की एयरलाइंस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। जीजा को शातिरों ने एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा और ग्रुप में शेयर ट्रेडिंग से संबंधित जानकारी दी जा रही थी। ग्रुप में हजारों लोग जुड़े हुए थे तो उन्हें शक नहीं हुआ। शातिरों ने ग्रुप पर मैसेज डालकर जानकारी दी कि शेयर ट्रेडिंग के लिए प्रीमियम लोगों का ग्रुप बना रहे हैं। इच्छुक लोगों को वह ग्रुप में जोड़ेंगे।
मैसेज डालने वाले ने खुद को शेयर ट्रेडिंग का डायरेक्ट ब्रोकर बताया। प्रीमियम ग्रुप में जुड़ने वाले ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने और बदले में 20 फीसदी कमीशन लेने की बात कही। उनके जीजा को विश्वास हो गया। इसके बाद उनका खाता खुलवाया और फिर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर शेयर ट्रेडिंग करने के लिए कहा। जीजा ने रुपये निवेश करना शुरू किया तो ठगों ने ऑनलाइन मोटा मुनाफा दिखाया।
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धीरे-धीरे करके उनके जीजा से करीब 72 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। उन्होंने जब रुपये निकालने का प्रयास किया तो शातिरों ने नियम शर्त बताकर और पैसा ट्रांसफर करा लिया। शातिरों ने पोर्टल पर निवेश किए गए 72 लाख रुपये के 5.14 करोड़ रुपये दिखाए। शातिर जब कमीशन के रुपये मांगने लगे तो उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया। ऐसे में शातिरों ने उनका पोर्टल बंद कर संपर्क खत्म कर दिया। एसीपी अपराध रितेश त्रिपाठी का कहना है कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिन खातों में रकम गई है उनकी जानकारी निकलवाई जा रही है।
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राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एंक्लेव निवासी अंकुर अग्रवाल का कहना है कि उनके जीजा गौरव बंसल मलयेशिया की एयरलाइंस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। जीजा को शातिरों ने एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा और ग्रुप में शेयर ट्रेडिंग से संबंधित जानकारी दी जा रही थी। ग्रुप में हजारों लोग जुड़े हुए थे तो उन्हें शक नहीं हुआ। शातिरों ने ग्रुप पर मैसेज डालकर जानकारी दी कि शेयर ट्रेडिंग के लिए प्रीमियम लोगों का ग्रुप बना रहे हैं। इच्छुक लोगों को वह ग्रुप में जोड़ेंगे।
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मैसेज डालने वाले ने खुद को शेयर ट्रेडिंग का डायरेक्ट ब्रोकर बताया। प्रीमियम ग्रुप में जुड़ने वाले ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने और बदले में 20 फीसदी कमीशन लेने की बात कही। उनके जीजा को विश्वास हो गया। इसके बाद उनका खाता खुलवाया और फिर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर शेयर ट्रेडिंग करने के लिए कहा। जीजा ने रुपये निवेश करना शुरू किया तो ठगों ने ऑनलाइन मोटा मुनाफा दिखाया।
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धीरे-धीरे करके उनके जीजा से करीब 72 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। उन्होंने जब रुपये निकालने का प्रयास किया तो शातिरों ने नियम शर्त बताकर और पैसा ट्रांसफर करा लिया। शातिरों ने पोर्टल पर निवेश किए गए 72 लाख रुपये के 5.14 करोड़ रुपये दिखाए। शातिर जब कमीशन के रुपये मांगने लगे तो उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया। ऐसे में शातिरों ने उनका पोर्टल बंद कर संपर्क खत्म कर दिया। एसीपी अपराध रितेश त्रिपाठी का कहना है कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिन खातों में रकम गई है उनकी जानकारी निकलवाई जा रही है।