{"_id":"69011eaf69cbce60a10b5429","slug":"700-employees-in-a-dilemma-due-to-the-closure-of-simbhaoli-sugar-mill-na-news-c-98-1-bhr1024-138780-2025-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: सिंभावली शुगर मिल बंद होने से असमंजस में 700 कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: सिंभावली शुगर मिल बंद होने से असमंजस में 700 कर्मचारी
विज्ञापन
बहराइच। सिंभावली शुगर मिल के दिवालिया होने के बाद अब मिल के बकाएदार परेशान हैं। अपने भविष्य को लेकर 700 कर्मचारियों की भी चिंता बढ़ गई है।
चूंकि पूरा गन्ना क्षेत्र अन्य चीनी मिलों को आवंटित कर दिया गया है, ऐसे में वर्तमान सत्र में मिल संचालन की संभावना खत्म हो गई है। सिंभावली शुगर मिल कर्मचारी संघ के महामंत्री दिनेश सिंह ने कहा कि जब मिल में गन्ने की आमद ही नहीं होगी तो संचालन कैसे होगा और कर्मचारियों को वेतन कहां से मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सामने आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
प्रभावित कर्मचारी
श्रेणी
संख्या
नियमित कर्मचारी
102
सीजनल परमानेंट कर्मचारी 298
श्रमिक व अन्य
300
दोतरफा बकायेदारी में फंसी है शुगर मिल
जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि सिंभावली शुगर मिल दो तरह की बकाएदारी में फंसी है। पहली किसानों की, और दूसरी बैंकों व नॉन-सिक्योर्ड एजेंसियों की। किसानों का 104 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि विभिन्न सर्विस प्रोवाइडर्स, केमिकल सप्लायरों तथा बैंकों की बड़ी राशि भी लंबित है। इसका निस्तारण एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल) नई दिल्ली की दिवालिया शोधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव होगा। 29 अक्तूबर को मामले की अगली सुनवाई है, जिसके बाद सीओसी (कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स) का गठन किया जाएगा। यही कमेटी बकायेदारी निपटारे और आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी। बकायेदारी का भुगतान और प्रक्रिया के बाद भविष्य में मिल का संचालन भी कमेटी के फैसले पर निर्भर करेगा।
विज्ञापन
चूंकि पूरा गन्ना क्षेत्र अन्य चीनी मिलों को आवंटित कर दिया गया है, ऐसे में वर्तमान सत्र में मिल संचालन की संभावना खत्म हो गई है। सिंभावली शुगर मिल कर्मचारी संघ के महामंत्री दिनेश सिंह ने कहा कि जब मिल में गन्ने की आमद ही नहीं होगी तो संचालन कैसे होगा और कर्मचारियों को वेतन कहां से मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सामने आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
प्रभावित कर्मचारी
श्रेणी
संख्या
नियमित कर्मचारी
102
सीजनल परमानेंट कर्मचारी 298
श्रमिक व अन्य
300
दोतरफा बकायेदारी में फंसी है शुगर मिल
जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि सिंभावली शुगर मिल दो तरह की बकाएदारी में फंसी है। पहली किसानों की, और दूसरी बैंकों व नॉन-सिक्योर्ड एजेंसियों की। किसानों का 104 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि विभिन्न सर्विस प्रोवाइडर्स, केमिकल सप्लायरों तथा बैंकों की बड़ी राशि भी लंबित है। इसका निस्तारण एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल) नई दिल्ली की दिवालिया शोधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव होगा। 29 अक्तूबर को मामले की अगली सुनवाई है, जिसके बाद सीओसी (कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स) का गठन किया जाएगा। यही कमेटी बकायेदारी निपटारे और आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी। बकायेदारी का भुगतान और प्रक्रिया के बाद भविष्य में मिल का संचालन भी कमेटी के फैसले पर निर्भर करेगा।
विज्ञापन