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पीएफ मामले में अस्थायी कर्मचारियों की हुई जीत
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:26 AM IST
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पीएफ मामले में अस्थायी कर्मचारियों की जीत
ट्रिब्यूनल कोर्ट ने पक्ष में सुनाया फैसला, प्राधिकरण को करना होगा भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। द्वारका के ट्रिब्यूनल कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण के अस्थायी कर्मचारियों को पीएफ देने का फैसला सुनाया है। मामले में प्राधिकरण की हार हुई है। प्राधिकरण की ओर से पीएफ की राशि देने से बचाव के लिए अपील की गई थी। लेकिन आखिरकार जीत कर्मचारियों की हुई।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों में 4,571 अस्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन्हें पीएफ का लाभ नहीं दिया जा रहा था, जबकि कर्मचारी इसकी लगातार मांग कर रहे थे। इसी मामले में एक बार नोएडा के पीएफ विभाग ने प्राधिकरण का पैसा भी जब्त कर लिया था। लेकिन बाद में प्राधिकरण कोर्ट चला गया। 26 सुनवाई के बाद यह फैसला आया है। वहीं, कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण को अब जुर्माने और ब्याज सहित पीएफ की राशि जमा करनी होगी। एक कर्मचारी को एक से पांच लाख रुपये तक की पीएफ की राशि उनके खाते में मिलेगी।
ट्रिब्यूनल कोर्ट ने पक्ष में सुनाया फैसला, प्राधिकरण को करना होगा भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। द्वारका के ट्रिब्यूनल कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण के अस्थायी कर्मचारियों को पीएफ देने का फैसला सुनाया है। मामले में प्राधिकरण की हार हुई है। प्राधिकरण की ओर से पीएफ की राशि देने से बचाव के लिए अपील की गई थी। लेकिन आखिरकार जीत कर्मचारियों की हुई।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों में 4,571 अस्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन्हें पीएफ का लाभ नहीं दिया जा रहा था, जबकि कर्मचारी इसकी लगातार मांग कर रहे थे। इसी मामले में एक बार नोएडा के पीएफ विभाग ने प्राधिकरण का पैसा भी जब्त कर लिया था। लेकिन बाद में प्राधिकरण कोर्ट चला गया। 26 सुनवाई के बाद यह फैसला आया है। वहीं, कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण को अब जुर्माने और ब्याज सहित पीएफ की राशि जमा करनी होगी। एक कर्मचारी को एक से पांच लाख रुपये तक की पीएफ की राशि उनके खाते में मिलेगी।
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