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ईपीसीए
Updated Tue, 13 Nov 2018 05:53 AM IST
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दिल्ली की सीमा पर खड़े ट्रकों को निकालने की विशेष अनुमति
प्रदूषण कम करने की कवायद के तहत टोल दिए बिना फौरन निकालने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में आबोहवा की स्थिति बदतर बनी हुई है। खुले में मेहनत वाले काम न करने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली की सीमाओं पर खड़े एक हजार से अधिक ट्रकों को 12 नवंबर रात 11 बजे से 13 नवंबर की सुबह 7 बजे तक बिना टोल टैक्स चुकाए प्रवेश का आदेश दिया गया है। वहीं, दिल्ली में निर्माण कार्य पर प्रतिबंध में आंशिक छूट देते हुए सुबह 6 से शाम 6 बजे तक इजाजत दी गई है।
पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने सीपीसीबी के इस सुझाव को नहीं माना है कि दिल्ली में सुबह से शाम 6 बजे तक ही ट्रकों को प्रवेश की अनुमति दी जाए। सोमवार को ईपीसीए की बैठक में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि सीमा पर खड़े ट्रकों की कतार बढ़ती जा रही है और स्थिति बेकाबू हो रही है। यदि इन ट्रकों को दिन में निकलने की इजाजत मिली तो एनसीआर में ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है। ईपीसीए ने इसे ध्यान में रखते हुए सोमवार की रात को ट्रकों को बिना शुल्क दिए दिल्ली में प्रवेश की विशेष अनुमति दी है।
ईपीसीए ने दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को आदेश दिया है कि सोमवार को रात में दिल्ली में प्रवेश करने वाले इन ट्रकों को रास्ते में कहीं भी न रोका जाए। उधर, भूरेलाल की अध्यक्षता वाली ईपीसीए ने कहा है कि दिल्ली में उसके अलावा नए ट्रकों को प्रवेश की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए।
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हालात नहीं सुधरे, तो गैरसीएनजी निजी और व्यावसायिक वाहनों पर लगेंगे पूर्ण प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि दिल्ली में वायु की गुणवत्ता नहीं सुधरी, तो गैरसीएनजी निजी और व्यावसायिक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सकता है। ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि वाहनों पर स्टिकर नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में बिना स्टिकर डीजल और अन्य ईंधन वाले वाहनों में फर्क करना संभव नहीं होगा। ऐसे में यदि मौजूदा स्थिति बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में रहती है, तब सीएनजी वाहनों को छोड़कर निजी वाहनों और व्यावसायिक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है।
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प्रदूषण कम करने की कवायद के तहत टोल दिए बिना फौरन निकालने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में आबोहवा की स्थिति बदतर बनी हुई है। खुले में मेहनत वाले काम न करने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली की सीमाओं पर खड़े एक हजार से अधिक ट्रकों को 12 नवंबर रात 11 बजे से 13 नवंबर की सुबह 7 बजे तक बिना टोल टैक्स चुकाए प्रवेश का आदेश दिया गया है। वहीं, दिल्ली में निर्माण कार्य पर प्रतिबंध में आंशिक छूट देते हुए सुबह 6 से शाम 6 बजे तक इजाजत दी गई है।
पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने सीपीसीबी के इस सुझाव को नहीं माना है कि दिल्ली में सुबह से शाम 6 बजे तक ही ट्रकों को प्रवेश की अनुमति दी जाए। सोमवार को ईपीसीए की बैठक में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि सीमा पर खड़े ट्रकों की कतार बढ़ती जा रही है और स्थिति बेकाबू हो रही है। यदि इन ट्रकों को दिन में निकलने की इजाजत मिली तो एनसीआर में ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है। ईपीसीए ने इसे ध्यान में रखते हुए सोमवार की रात को ट्रकों को बिना शुल्क दिए दिल्ली में प्रवेश की विशेष अनुमति दी है।
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ईपीसीए ने दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को आदेश दिया है कि सोमवार को रात में दिल्ली में प्रवेश करने वाले इन ट्रकों को रास्ते में कहीं भी न रोका जाए। उधर, भूरेलाल की अध्यक्षता वाली ईपीसीए ने कहा है कि दिल्ली में उसके अलावा नए ट्रकों को प्रवेश की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए।
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हालात नहीं सुधरे, तो गैरसीएनजी निजी और व्यावसायिक वाहनों पर लगेंगे पूर्ण प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि दिल्ली में वायु की गुणवत्ता नहीं सुधरी, तो गैरसीएनजी निजी और व्यावसायिक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सकता है। ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि वाहनों पर स्टिकर नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में बिना स्टिकर डीजल और अन्य ईंधन वाले वाहनों में फर्क करना संभव नहीं होगा। ऐसे में यदि मौजूदा स्थिति बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में रहती है, तब सीएनजी वाहनों को छोड़कर निजी वाहनों और व्यावसायिक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है।