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फ्रेट कॉरिडोर के बीच में आने वाली ओवरहेड लाइनों को भूमिगत करने का काम शुरू
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:00 PM IST
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ओवरहेड तारों को भूमिगत करने का काम शुरू
4 करोड़ की लागत से होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
तावडू। मुंबई-दादरी वेस्टर्न फ्रंट कॉरिडोर के बीच में आने वाली ओवरहेड तारों को भूमिगत करने का काम शुरू कर दिया गया है। इस कार्य पर करीब 4 करोड़ की लागत लगेगी। इस कार्य के पूरा होने के बाद क्षेत्र से निकलने वाली माल वाहक रेल लाईन का कार्य शुरू होने की संभावना है। तावडू से निकलने वाली फ्रंट कॉरिडोर रेल लाईन के लिए रेलवे द्वारा वर्ष 2011 में क्षेत्र के किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई थी। लेकिन रेलवे ट्रैक बनाने के लिए सात साल पहले अधिग्रहण की गई जमीन पर कॉरिडोर निर्माण का काम आजतक शुरू नहीं हुआ है। जिससे लोगों में मायूसी देखी जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर के बीच में ओवरहेड बिजली लाइन के काफी फीडर आ रहे हैं। जिन्हें शिफ्ट करना जरूरी है। बिजली निगम को इन फीडरों को शिफ्ट करने के लिए रेलवे विभाग ने ओवरहेड तारों को भूमिगत करने के लिए राशि जमा कराने के बाद लाईनों को भूमिगत करने का ठेका बालाजी इंटरप्राइज व डीएफएस दो कंपनियों को दिया गया है। बालाजी इंटरप्राईजेज कंपनी के अधीन पेटी पर काम कर रहे ठेकेदार कमरूदीन ने बताया कि तावडू उपमंडल में लगभग 70 क्रासिंग कॉरिडोर के बीच में आ रहीं है। जिनमें से 53 क्त्रससिंग का कार्य बालाजी कंपनी के पास है। जबकि बाकी का ठेका डीएफएस के पास है। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा 14 क्त्रससिंग का कार्य पूरा कर दिया गया है। जबकि बाकी कार्य महीनें के अंत तक पूरा कर दिया जायेगा।
तावडू बिजली विभाग के कनिष्ट अभियंता नवलकिशोर ने बताया कि तावडू से निकलने वाली फ्रेट कॉरिडोर के बीच में करीब 12 फीडरों की एचटी व एलटी लाईनों कि लगभग 70 क्त्रससिंग है। जिनको करीब चार करोड़ की लागत से भूमिगत करने का कार्य किया जा रहा है।
फोटो कैप्शन: लाईन को भूमिगत करने के लिए पोल पर काम करते मजदूर
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4 करोड़ की लागत से होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
तावडू। मुंबई-दादरी वेस्टर्न फ्रंट कॉरिडोर के बीच में आने वाली ओवरहेड तारों को भूमिगत करने का काम शुरू कर दिया गया है। इस कार्य पर करीब 4 करोड़ की लागत लगेगी। इस कार्य के पूरा होने के बाद क्षेत्र से निकलने वाली माल वाहक रेल लाईन का कार्य शुरू होने की संभावना है। तावडू से निकलने वाली फ्रंट कॉरिडोर रेल लाईन के लिए रेलवे द्वारा वर्ष 2011 में क्षेत्र के किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई थी। लेकिन रेलवे ट्रैक बनाने के लिए सात साल पहले अधिग्रहण की गई जमीन पर कॉरिडोर निर्माण का काम आजतक शुरू नहीं हुआ है। जिससे लोगों में मायूसी देखी जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर के बीच में ओवरहेड बिजली लाइन के काफी फीडर आ रहे हैं। जिन्हें शिफ्ट करना जरूरी है। बिजली निगम को इन फीडरों को शिफ्ट करने के लिए रेलवे विभाग ने ओवरहेड तारों को भूमिगत करने के लिए राशि जमा कराने के बाद लाईनों को भूमिगत करने का ठेका बालाजी इंटरप्राइज व डीएफएस दो कंपनियों को दिया गया है। बालाजी इंटरप्राईजेज कंपनी के अधीन पेटी पर काम कर रहे ठेकेदार कमरूदीन ने बताया कि तावडू उपमंडल में लगभग 70 क्रासिंग कॉरिडोर के बीच में आ रहीं है। जिनमें से 53 क्त्रससिंग का कार्य बालाजी कंपनी के पास है। जबकि बाकी का ठेका डीएफएस के पास है। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा 14 क्त्रससिंग का कार्य पूरा कर दिया गया है। जबकि बाकी कार्य महीनें के अंत तक पूरा कर दिया जायेगा।
तावडू बिजली विभाग के कनिष्ट अभियंता नवलकिशोर ने बताया कि तावडू से निकलने वाली फ्रेट कॉरिडोर के बीच में करीब 12 फीडरों की एचटी व एलटी लाईनों कि लगभग 70 क्त्रससिंग है। जिनको करीब चार करोड़ की लागत से भूमिगत करने का कार्य किया जा रहा है।
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फोटो कैप्शन: लाईन को भूमिगत करने के लिए पोल पर काम करते मजदूर