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दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट तक सफर आसान करेगी एलिवेटेड रोड
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दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट तक सफर आसान करेगी एलिवेटेड रोड
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। जेवर से नई दिल्ली एयरपोर्ट तक एलिवेटेड रोड बनाने पर प्रदेश व केंद्र सरकार में सहमति बन गई है। करीब 50 किमी लंबी यह सड़क चार लेन की होगी। प्रदेश सरकार ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से बातचीत की जिम्मेदारी यमुना प्राधिकरण को सौंपी है। इसकी डीपीआर बनवाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी।
दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट की टेक्निकल इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीईएफआर) में यह बात सामने आई थी कि जेवर से सफर करने वाले 41 फीसदी यात्री दिल्ली के होंगे। फिलहाल नोएडा एयरपोर्ट की 2022-23 से सालाना 60 लाख यात्रियों से शुरुआत होने का आकलन है। लिहाजा, शुरुआती दिनों में सफर करने वाले कुल यात्रियों में से करीब 24 लाख यात्री दिल्ली से ही होंगे। इसे देखते हुए दिल्ली से जेवर को जोड़ने के लिए मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है, इसके तहत एलिवेटेड रोड पर फिलहाल सहमति बन गई है। इसके अलावा मेट्रो और रैपिड रेल की भी योजना है। यमुना प्राधिकरण ने मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के सर्वे की जिम्मेदारी सरकारी संस्था राइट्स को दी है। संस्था की रिपोर्ट के आधार पर एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव प्रदेश सरकार ने केंद्र के समक्ष रखा था, जिस पर सहमति बन गई है। इससे यह तय हो गया है कि दिल्ली से जेवर के बीच एलिवेटेड रोड बनेगी। सर्वे एजेेंसी की प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक एलिवेटेड रोड करीब 50 किमी लंबी और चार लेन की हो सकती है। अब इसको लेकर जल्द ही यमुना प्राधिकरण केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से संपर्क साधेगा।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर एलिवेेटेड रोड बनाने के लिए केंद्र सरकार से शीघ्र ही संपर्क साधा जाएगा।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण
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ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। जेवर से नई दिल्ली एयरपोर्ट तक एलिवेटेड रोड बनाने पर प्रदेश व केंद्र सरकार में सहमति बन गई है। करीब 50 किमी लंबी यह सड़क चार लेन की होगी। प्रदेश सरकार ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से बातचीत की जिम्मेदारी यमुना प्राधिकरण को सौंपी है। इसकी डीपीआर बनवाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी।
दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट की टेक्निकल इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीईएफआर) में यह बात सामने आई थी कि जेवर से सफर करने वाले 41 फीसदी यात्री दिल्ली के होंगे। फिलहाल नोएडा एयरपोर्ट की 2022-23 से सालाना 60 लाख यात्रियों से शुरुआत होने का आकलन है। लिहाजा, शुरुआती दिनों में सफर करने वाले कुल यात्रियों में से करीब 24 लाख यात्री दिल्ली से ही होंगे। इसे देखते हुए दिल्ली से जेवर को जोड़ने के लिए मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है, इसके तहत एलिवेटेड रोड पर फिलहाल सहमति बन गई है। इसके अलावा मेट्रो और रैपिड रेल की भी योजना है। यमुना प्राधिकरण ने मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के सर्वे की जिम्मेदारी सरकारी संस्था राइट्स को दी है। संस्था की रिपोर्ट के आधार पर एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव प्रदेश सरकार ने केंद्र के समक्ष रखा था, जिस पर सहमति बन गई है। इससे यह तय हो गया है कि दिल्ली से जेवर के बीच एलिवेटेड रोड बनेगी। सर्वे एजेेंसी की प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक एलिवेटेड रोड करीब 50 किमी लंबी और चार लेन की हो सकती है। अब इसको लेकर जल्द ही यमुना प्राधिकरण केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से संपर्क साधेगा।
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प्रदेश सरकार के निर्देश पर एलिवेेटेड रोड बनाने के लिए केंद्र सरकार से शीघ्र ही संपर्क साधा जाएगा।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण