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औद्योगिक भूखंडों के ड्रॉ में 5 घंटे की देरी, आवेदकों ने किया हंगामा
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यमुना प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं के ड्रॉ शामिल आवेदक।
- फोटो : Grnoida
औद्योगिक भूखंडों के ड्रॉ में 5 घंटे की देरी, आवेदकों ने किया हंगामा
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण के 20 औद्योगिक भूखंडों के ड्रॉ के दौरान आवेदकों ने जमकर हंगामा किया। प्राधिकरण ने आवेदकों को बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे से ड्रॉ की जानकारी दी थी। आवेदक समय पर पहुंच गए, लेकिन ड्रॉ शाम 4 बजे शुरू हो सका। इस पर आवेदक भड़क गए। इसके बाद देर शाम तक भूखंडों का ड्रॉ हो सका। वहीं, मामले की शिकायत शासन तक पहुंच चुकी है। दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई भी हो सकती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 2000 वर्गमीटर से छोटे औद्योगिक भूखंडों की योजना निकाली थी। योजना में कुल 20 भूखंड शामिल किए गए थे। प्राधिकरण ने योजना का ड्रॉ प्राधिकरण दफ्तर की चौथी मंजिल पर किए जाने की सूचना आवंटियों को भेजी थी। ड्रॉ में सिर्फ आवेदकों को प्रवेश की अनुमति दी थी। योजना का ड्रॉ सुबह 11 बजे से होना था, लेकिन तैयारी पूरी नहीं होने के कारण शाम 4 बजे प्रक्रिया शुरू हो सकी। आवेदक सुबह 11 बजे से ड्रॉ शुरू होने का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब 2 बजे आवेदकों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख प्राधिकरण के अधिकारियों ने ऑडिटोरियम में ड्रॉ कराया। वहीं, इस योजना से जुड़े 7 आवेदनों को ड्रॉ से ठीक पहले निरस्त कर दिया गया। इसकी सूचना आवेदकों को पूर्व में नहीं दी गई। इस वजह से भी आवेदक भड़क गए। उन्होंने योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। सूत्रों ने बताया कि शासन ने प्राधिकरण के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों से जवाब मांगा है। मामले में कार्रवाई हो सकती है। शुक्रवार को प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना यमुना प्राधिकरण के विकास कार्यों की समीक्षा करने आ रहे हैं। आवेदकों ने उनके सामने यह मामला उठाने का निर्णय लिया है। मंत्री सिर्फ यमुना प्राधिकरण की समीक्षा करेंगे। नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को फिलहाल नहीं बुलाया गया है। इस पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मंत्री नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण की कार्यशैली से नाराज हैं, इसलिए उनकी समीक्षा नहीं करना चाहते।
यीडा सिटी में 985 आवेदकों को मिली जमीन
शहर के सेक्टर पी थ्री स्थित सामुदायिक भवन में आवासीय भूखंड योजना का ड्रॉ निकाला गया। एसीईओ रविंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी, सेवानिवृत्त जज जेपी गुप्ता व आईएएस अधिकारी टीएन सिंह की निगरानी में ड्रॉ हुआ। आवेदकों के नाम की पर्ची निकालकर उन्हें भूखंड व उसकी संख्या का आवंटन किया गया। 120, 162 व 300 वर्गमीटर में किसान व दिव्यांग आवेदक भी थे, जबकि अन्य में सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए ड्रॉ हुआ। योजना में 1075 भूखंडों के सापेक्ष 2452 आवेदक थे। इसमें 985 को भूखंड मिला। 500, 1000 वर्गमीटर व 4000 वर्गमीटर श्रेणी में उपलब्ध भूखंड के सापेक्ष आवेदक कम रहे। सबसे अधिक आवेदक 120 वर्गमीटर व इसके बाद 162 व 300 वर्गमीटर की श्रेणी में थे। कोरोना के मद्देनजर प्राधिकरण ने सिर्फ 10 फीसदी आवेदकों को ही ड्रॉ स्थल पर आने की अनुमति दी गई थी। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि ड्रॉ प्रक्रिया की वीडियो व फोटोग्राफी कराई गई है। आवासीय भूखंड योजना का ड्रॉ संपन्न हो गया है। सफल आवेदकों की सूची जल्द प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। उन्हें आवंटन पत्र भी जल्द प्रेषित किए जाएंगे।
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण के 20 औद्योगिक भूखंडों के ड्रॉ के दौरान आवेदकों ने जमकर हंगामा किया। प्राधिकरण ने आवेदकों को बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे से ड्रॉ की जानकारी दी थी। आवेदक समय पर पहुंच गए, लेकिन ड्रॉ शाम 4 बजे शुरू हो सका। इस पर आवेदक भड़क गए। इसके बाद देर शाम तक भूखंडों का ड्रॉ हो सका। वहीं, मामले की शिकायत शासन तक पहुंच चुकी है। दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई भी हो सकती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 2000 वर्गमीटर से छोटे औद्योगिक भूखंडों की योजना निकाली थी। योजना में कुल 20 भूखंड शामिल किए गए थे। प्राधिकरण ने योजना का ड्रॉ प्राधिकरण दफ्तर की चौथी मंजिल पर किए जाने की सूचना आवंटियों को भेजी थी। ड्रॉ में सिर्फ आवेदकों को प्रवेश की अनुमति दी थी। योजना का ड्रॉ सुबह 11 बजे से होना था, लेकिन तैयारी पूरी नहीं होने के कारण शाम 4 बजे प्रक्रिया शुरू हो सकी। आवेदक सुबह 11 बजे से ड्रॉ शुरू होने का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब 2 बजे आवेदकों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख प्राधिकरण के अधिकारियों ने ऑडिटोरियम में ड्रॉ कराया। वहीं, इस योजना से जुड़े 7 आवेदनों को ड्रॉ से ठीक पहले निरस्त कर दिया गया। इसकी सूचना आवेदकों को पूर्व में नहीं दी गई। इस वजह से भी आवेदक भड़क गए। उन्होंने योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। सूत्रों ने बताया कि शासन ने प्राधिकरण के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों से जवाब मांगा है। मामले में कार्रवाई हो सकती है। शुक्रवार को प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना यमुना प्राधिकरण के विकास कार्यों की समीक्षा करने आ रहे हैं। आवेदकों ने उनके सामने यह मामला उठाने का निर्णय लिया है। मंत्री सिर्फ यमुना प्राधिकरण की समीक्षा करेंगे। नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को फिलहाल नहीं बुलाया गया है। इस पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मंत्री नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण की कार्यशैली से नाराज हैं, इसलिए उनकी समीक्षा नहीं करना चाहते।
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यीडा सिटी में 985 आवेदकों को मिली जमीन
शहर के सेक्टर पी थ्री स्थित सामुदायिक भवन में आवासीय भूखंड योजना का ड्रॉ निकाला गया। एसीईओ रविंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी, सेवानिवृत्त जज जेपी गुप्ता व आईएएस अधिकारी टीएन सिंह की निगरानी में ड्रॉ हुआ। आवेदकों के नाम की पर्ची निकालकर उन्हें भूखंड व उसकी संख्या का आवंटन किया गया। 120, 162 व 300 वर्गमीटर में किसान व दिव्यांग आवेदक भी थे, जबकि अन्य में सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए ड्रॉ हुआ। योजना में 1075 भूखंडों के सापेक्ष 2452 आवेदक थे। इसमें 985 को भूखंड मिला। 500, 1000 वर्गमीटर व 4000 वर्गमीटर श्रेणी में उपलब्ध भूखंड के सापेक्ष आवेदक कम रहे। सबसे अधिक आवेदक 120 वर्गमीटर व इसके बाद 162 व 300 वर्गमीटर की श्रेणी में थे। कोरोना के मद्देनजर प्राधिकरण ने सिर्फ 10 फीसदी आवेदकों को ही ड्रॉ स्थल पर आने की अनुमति दी गई थी। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि ड्रॉ प्रक्रिया की वीडियो व फोटोग्राफी कराई गई है। आवासीय भूखंड योजना का ड्रॉ संपन्न हो गया है। सफल आवेदकों की सूची जल्द प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। उन्हें आवंटन पत्र भी जल्द प्रेषित किए जाएंगे।
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