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Noida News: 28 देशों के 40 सिविल सेवकों ने जानी ग्रोनो की प्रशासनिक ताकत
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फोटो:
प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि एक मजिस्ट्रेट सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर तक कैसे पहुंचाता है
ग्रेटर नोएडा। विभिन्न देशों के 40 सदस्य सिविल सेवकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) टीम के साथ जिले का प्रशासनिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली, विकास मॉडल और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। जिले के प्रशासनिक अफसरों ने विभिन्न देशों के सिविल सेवकों का जोरदार स्वागत भी किया।
प्रतिनिधिमंडल में 28 से अधिक देशों के सिविल सेवक मौजूद रहें। इनमें मॉरीशस, पनामा, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका, वियतनाम, कंबोडिया आदि देश शामिल हैं। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी और डिप्टी कलेक्टर पूर्वा शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को प्रशासनिक संरचना व जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका समझाई। प्रशासन शासन की नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाता है। गौतमबुद्धनगर में तीन तहसील, तीन विकास खंड और छह नगर निकाय हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो एवं लेखपाल सहित विभिन्न स्तरों के अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से शासन की योजनाओं एवं नीतियों को प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचाया जाता है। जिला प्रशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों को प्राथमिकता देता है। तकनीकी नवाचार और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। जनसुनवाई और ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली से नागरिकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। ब्यूरो
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प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि एक मजिस्ट्रेट सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर तक कैसे पहुंचाता है
ग्रेटर नोएडा। विभिन्न देशों के 40 सदस्य सिविल सेवकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) टीम के साथ जिले का प्रशासनिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली, विकास मॉडल और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। जिले के प्रशासनिक अफसरों ने विभिन्न देशों के सिविल सेवकों का जोरदार स्वागत भी किया।
प्रतिनिधिमंडल में 28 से अधिक देशों के सिविल सेवक मौजूद रहें। इनमें मॉरीशस, पनामा, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका, वियतनाम, कंबोडिया आदि देश शामिल हैं। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी और डिप्टी कलेक्टर पूर्वा शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को प्रशासनिक संरचना व जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका समझाई। प्रशासन शासन की नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाता है। गौतमबुद्धनगर में तीन तहसील, तीन विकास खंड और छह नगर निकाय हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो एवं लेखपाल सहित विभिन्न स्तरों के अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से शासन की योजनाओं एवं नीतियों को प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचाया जाता है। जिला प्रशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों को प्राथमिकता देता है। तकनीकी नवाचार और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। जनसुनवाई और ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली से नागरिकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। ब्यूरो
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