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Noida News: स्क्रैपिंग सेंटर की कमी से 35 हजार वाहन प्रभावित

Tue, 02 May 2023 10:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 02 May 2023 10:17 PM IST
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35 thousand vehicles affected due to lack of scraping center
स्क्रैपिंग सेंटर की कमी से 35 हजार वाहन प्रभावित
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- पूरे जिले में केवल दो स्क्रैपिंग सेंटर, आवेदनकारी अब भी लाइन में लगे


हर्ष मिश्रा

नोएडा। देश की राजधानी दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जैसे हाइटेक जिले में केवल दो ही स्क्रैपिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। ऐसे में कबाड़ में कटने के लिए करीब 35 हजार वाहन लाइन में हैं। इन सेंटर्स को बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा आवेदन भी मांगे गए थे, लेकिन इन आवेदनों पर आगे की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से रुकी हुई है। आवेदनकारी कई बार क्षेत्रीय संभागीय परिवहन कार्यालय में इसकी शिकायत भी कर चुके हैं।
ग्रेप लागू होने पर परिवहन विभाग द्वारा 35 हजार वाहनों के पंजीकरण रद्द कर दिए गए थे। यह वाहन यूरो वन और यूरो टू इंजन वेरिएंट के थे। ऐसे में इन्हें कबाड़ में कटवाना था। लेकिन जिले में केवल दो ही स्क्रैपिंग सेंटर सेक्टर- 80 में मारुति सुजुकी टोसासू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से और ग्रेटर नोएडा के इकोटेक एक में महिंद्रा एसएसटीसी रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित हो रहे हैं। ऐसे में इन पर काम अधिक होने के चलते ये वाहन अब भी लाइन में ही हैं। इनमें कई सरकारी वाहन भी शामिल हैं जो अपने-अपने विभागीय कार्यालयों के ही किसी कोने में खड़े धूल फांक रहे हैं।
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महिंद्रा एसएसटीसी रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिटेड में छोटी कार, मध्यम श्रेणी वाहन व इलेक्ट्रिक वाहनों को स्क्रैप किया जाता है। वहीं सेक्टर-80 स्थित स्क्रैपिंग सेंटर में प्रत्येक वर्ष 24 हजार वाहनों को स्क्रैप किए जाने की क्षमता है। एक वाहन को स्क्रैप करने में तीन घंटे का समय लगता है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सियाराम वर्मा का कहना है कि स्क्रैपिंग सेंटर्स के लिए जिन लोगों ने आवेदन किया है, उनकी जानकारी लखनऊ मुख्यालय में भेजी गई है। जल्द ही इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
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1.70 लाख वाहनों का समय हो चुका पूरा:

जिले में करीब 1.70 लाख वाहन ऐसे हैं जो अपना निर्धारित समय यानी पेट्रोल वाले 15 वर्ष और डीजल वाले 10 वर्ष पूरा कर चुके हैं। यह वाहन अब दिल्ली एनसीआर में संचालित नहीं किए जा सकते हैं। इनको या तो स्क्रैप कराया जाना होता है या फिर एनसीआर से बाहर के दूसरे जिलों में ट्रांसफर कराया जा सकता है। एआरटीओ सियाराम वर्मा ने बताया कि वाहन स्वामी वाहन केवल पंजीकृत सेंटर से ही स्क्रैप कराएं। केवल यहीं से मिलने वाले प्रमाण पत्र की मान्यता होगी।
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