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पुन्हाना -चार साल पहले बनी अस्पताल में डाक्टर नहीं
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गांव औथा के स्वास्थ्य केंद्र में न डॉक्टर और न कर्मचारी, बांधे जा रहे मवेशी
पुन्हाना। उपमंडल के गांव औथा में चार साल पहले बनकर तैयार स्वास्थ्य केंद्र में अब तक न डॉक्टर हैं और न कर्मचारी। इससे आम जनता को तो कोई फायदा नहीं हो रहा है लेकिन कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर वहां मवेशियों को रखना शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीणों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष है। लोगों ने अस्पताल में तुरंत डाक्टर और कर्मचारी नियुक्त करने की मांग की है। गांव औथा निवासी फजरूदीन ने बताया कि वर्ष 2012 में इस स्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी दी गई थी। तुरंत ही इसका निर्माण भी शुरू हो गया। इस पर दो करोड़ की लागत आई थी। भवन 2013-14 से बनकर तैयार हो गया। लेकिन डॉक्टर नहीं होने की वजह से लोगों को इलाज के लिए पुन्हाना या पिनगवां की अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। गांव के पूर्व सरपंच जान मोहम्मद, फतेह मोहम्मद, जफरूदीन का कहना है कि डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती की मांग पर कई बार उपायुक्त और सिविल सर्जन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
कोट
पिनगवां क्षेत्र में उसके अधीन औथा और मोहम्मदपुर गांवों के दो स्वास्थ्य केंद्र हैं जो काफी समय से बनकर तैयार हो चुके हैं। इनमें कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को कई बार लिखा जा चुका है। पिनगवां अस्पताल में इतने कर्मचारी नहीं हैं कि उनको इन केंद्रों पर तैनात किया जाए।
- डॉक्टर मनप्रीत सिंह, मेडिकल ऑफिसर पिनगवां
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पुन्हाना। उपमंडल के गांव औथा में चार साल पहले बनकर तैयार स्वास्थ्य केंद्र में अब तक न डॉक्टर हैं और न कर्मचारी। इससे आम जनता को तो कोई फायदा नहीं हो रहा है लेकिन कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर वहां मवेशियों को रखना शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीणों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष है। लोगों ने अस्पताल में तुरंत डाक्टर और कर्मचारी नियुक्त करने की मांग की है। गांव औथा निवासी फजरूदीन ने बताया कि वर्ष 2012 में इस स्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी दी गई थी। तुरंत ही इसका निर्माण भी शुरू हो गया। इस पर दो करोड़ की लागत आई थी। भवन 2013-14 से बनकर तैयार हो गया। लेकिन डॉक्टर नहीं होने की वजह से लोगों को इलाज के लिए पुन्हाना या पिनगवां की अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। गांव के पूर्व सरपंच जान मोहम्मद, फतेह मोहम्मद, जफरूदीन का कहना है कि डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती की मांग पर कई बार उपायुक्त और सिविल सर्जन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
कोट
पिनगवां क्षेत्र में उसके अधीन औथा और मोहम्मदपुर गांवों के दो स्वास्थ्य केंद्र हैं जो काफी समय से बनकर तैयार हो चुके हैं। इनमें कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को कई बार लिखा जा चुका है। पिनगवां अस्पताल में इतने कर्मचारी नहीं हैं कि उनको इन केंद्रों पर तैनात किया जाए।
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- डॉक्टर मनप्रीत सिंह, मेडिकल ऑफिसर पिनगवां