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इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर 300 लोगों से ठगी
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। अमर उजाला
नोएडा। पुलिस ने इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। सेक्टर-6 में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर 300 से अधिक लोगों से धोखाधड़ी की बात सामने आई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 11 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 29 कॉलिंग डाटा शीट और इंडिगो की फर्जी मुहर बरामद की है। पुलिस गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
डीसीपी क्राइम अभिषेक ने बताया कि बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम ने साहिबाबाद निवासी राहुल और खरखौंदा मेरठ निवासी कमल को गिरफ्तार किया। दोनों सेक्टर-6 में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपी क्विकर, मॉन्स्टर सहित अन्य साइट पर नौकरी ढूंढने वालों का डाटा खरीदते थे। इसके बाद कॉल या ईमेल से संपर्क कर इंडिगो में नौकरी दिलवाने का झांसा देते थे। युवक-युवतियों को विश्वास में लेने के लिए उन्हें व्हाट्सएप पर एयरलाइंस से संबंधित लेटरहेड पर कागजात भी भेजते थे। इसके बाद पंजीकरण शुल्क, सुरक्षा राशि आदि के नाम पर फर्जी बैंक खातों, फोन पे, पेटीएम आदि में पैसे डलवा लेते थे। इनके फर्जी बैंक खाते दिल्ली निवासी राजीव उपलब्ध कराता था। आरोपी इंडिगो की मुहर का इस्तेमाल कर नकली ऑफर लेटर बनाकर ईमेल पर भेजकर कर विश्वास में लेते थे।
पायलट से लेकर क्लर्क तक की नौकरी का झांसा
पुलिस के अनुसार, आरोपी पायलट से लेकर कई तरह के पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश निवासी विपिन चंद से इंडिगो में नौकरी के नाम पर 7 लाख व संत रविदास नगर निवासी विनय कुमार उपाध्याय से 1.25 लाख रुपये आरोपियों ने ठगे थे। इसके अलावा अन्य ठगी के शिकार अन्य लोगों से संपर्क किया जा रहा है।
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हर माह पांच हजार डाटा खरीदते थे
आरोपियों ने बताया कि मॉन्स्टर, क्विकर समेत अन्य जॉब वेबसाइट से आरोपी हर माह पांच हजार लोगों का डाटा खरीदते थे। इसके लिए एक लाख रुपये का खर्च आता था।
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डीसीपी क्राइम अभिषेक ने बताया कि बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम ने साहिबाबाद निवासी राहुल और खरखौंदा मेरठ निवासी कमल को गिरफ्तार किया। दोनों सेक्टर-6 में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपी क्विकर, मॉन्स्टर सहित अन्य साइट पर नौकरी ढूंढने वालों का डाटा खरीदते थे। इसके बाद कॉल या ईमेल से संपर्क कर इंडिगो में नौकरी दिलवाने का झांसा देते थे। युवक-युवतियों को विश्वास में लेने के लिए उन्हें व्हाट्सएप पर एयरलाइंस से संबंधित लेटरहेड पर कागजात भी भेजते थे। इसके बाद पंजीकरण शुल्क, सुरक्षा राशि आदि के नाम पर फर्जी बैंक खातों, फोन पे, पेटीएम आदि में पैसे डलवा लेते थे। इनके फर्जी बैंक खाते दिल्ली निवासी राजीव उपलब्ध कराता था। आरोपी इंडिगो की मुहर का इस्तेमाल कर नकली ऑफर लेटर बनाकर ईमेल पर भेजकर कर विश्वास में लेते थे।
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पायलट से लेकर क्लर्क तक की नौकरी का झांसा
पुलिस के अनुसार, आरोपी पायलट से लेकर कई तरह के पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश निवासी विपिन चंद से इंडिगो में नौकरी के नाम पर 7 लाख व संत रविदास नगर निवासी विनय कुमार उपाध्याय से 1.25 लाख रुपये आरोपियों ने ठगे थे। इसके अलावा अन्य ठगी के शिकार अन्य लोगों से संपर्क किया जा रहा है।
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हर माह पांच हजार डाटा खरीदते थे
आरोपियों ने बताया कि मॉन्स्टर, क्विकर समेत अन्य जॉब वेबसाइट से आरोपी हर माह पांच हजार लोगों का डाटा खरीदते थे। इसके लिए एक लाख रुपये का खर्च आता था।