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सीएम पोर्टल पर की 300 करोड़ के घोटाले की शिकायत
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ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण में डिजिटल सिस्टम तैयार करने के नाम पर 300 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल और केंद्र के प्रशासनिक सुधार व लोक शिकायत विभाग में शिकायत की गई है। वहीं, मामला संज्ञान में आने पर शासन के आदेश पर प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अदिति सिंह ने ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। एसीईओ ने 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है।
बादलपुर निवासी राजेंद्र नागर ने शिकायत में आरोप लगाया है कि प्राधिकरण में डिजिटल सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए एक बड़ी कंपनी को काम दिया गया था। अनुबंध की शर्तों के विपरीत कंपनी को भुगतान कर दिया गया। सॉफ्टवेयर को शुरू करने में अब तक 300 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद सिस्टम तैयार नहीं है। ऐसे में घोटाला किया गया है। राजेंद्र ने केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार व लोक शिकायत विभाग और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। शिकायत में पूर्व सीईओ, महाप्रबंधक नियोजन और वरिष्ठ प्रबंधक पर नियमों के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाकर जांच की मांग की गई है। ये भी आरोप है कि इस कार्य के लिए अयोग्य कर्मचारियों को भर्ती किया गया। नियमों के विपरीत आउट सोर्स कर्मचारियों के डिजिटल हस्ताक्षर की अनुमति दी गई। सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद शासन की ओर से इस मामले संज्ञान लिया गया है। ब्यूरो
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बादलपुर निवासी राजेंद्र नागर ने शिकायत में आरोप लगाया है कि प्राधिकरण में डिजिटल सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए एक बड़ी कंपनी को काम दिया गया था। अनुबंध की शर्तों के विपरीत कंपनी को भुगतान कर दिया गया। सॉफ्टवेयर को शुरू करने में अब तक 300 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद सिस्टम तैयार नहीं है। ऐसे में घोटाला किया गया है। राजेंद्र ने केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार व लोक शिकायत विभाग और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। शिकायत में पूर्व सीईओ, महाप्रबंधक नियोजन और वरिष्ठ प्रबंधक पर नियमों के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाकर जांच की मांग की गई है। ये भी आरोप है कि इस कार्य के लिए अयोग्य कर्मचारियों को भर्ती किया गया। नियमों के विपरीत आउट सोर्स कर्मचारियों के डिजिटल हस्ताक्षर की अनुमति दी गई। सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद शासन की ओर से इस मामले संज्ञान लिया गया है। ब्यूरो
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