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Noida News: दो बैंकों व छह संस्थानों को भेजे थे 2.75 करोड़
Sat, 11 Oct 2025 02:07 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 11 Oct 2025 02:07 AM IST
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लखनऊ। विकासनगर निवासी सेवानिवृत्त वरिष्ठ बैंक कर्मी सिद्धार्थ नाथ को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 2.75 करोड़ रुपये ठगने वाले साइबर जालसाजों ने रकम दक्षिण भारत की दो बैंकों व छह संस्थानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई थी। यह बात साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आई है। थानाध्यक्ष विकासनगर आलोक सिंह के मुताबिक मामले में केस दर्ज कर जांच साइबर क्राइम पुलिस को ट्रांसफर की गई थी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि छह संस्थानों में से एक दिल्ली में स्थित है। मामले की जांच साइबर क्राइम थाने की पुलिस को दी गई थी। साइबर क्राइम थाने की पुलिस संबंधित बैंकों और संस्थानों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। जिस नंबर से सेवानिवृत्त वरिष्ठ बैंक कर्मी को कॉल की गई थी, उसकी जांच की जा रही है। नंबरों को ट्रेस कर जालसाजों की लोकेशन पता की जा रही है।
शिकायत में देरी से रकम नहीं हो सकी फ्रीज
थानाध्यक्ष ने बताया कि ठगी होने के काफी दिन बाद पीड़ित ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस कारण रकम फ्रीज नहीं हो सकी है। आशंका है जालसाजों ने संस्थानाें में जमा रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया है। सिद्धार्थ 24 घंटे में शिकायत दर्ज कराते तो कुछ रकम फ्रीज की जा सकती थी।
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बिगड़ी तबीयत, चल रहा इलाज
पीड़ित सेवानिवृत्त वरिष्ठ बैंककर्मी के भाई ने बताया कि जीवन भर की पूंजी हड़पे जाने के कारण सिद्धार्थ की तबीयत काफी बिगड़ गई है। घरवाले उन्हें अपने साथ शहर से बाहर ले गए हैं। वहां उनका इलाज चल रहा है।
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थानाध्यक्ष ने बताया कि छह संस्थानों में से एक दिल्ली में स्थित है। मामले की जांच साइबर क्राइम थाने की पुलिस को दी गई थी। साइबर क्राइम थाने की पुलिस संबंधित बैंकों और संस्थानों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। जिस नंबर से सेवानिवृत्त वरिष्ठ बैंक कर्मी को कॉल की गई थी, उसकी जांच की जा रही है। नंबरों को ट्रेस कर जालसाजों की लोकेशन पता की जा रही है।
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शिकायत में देरी से रकम नहीं हो सकी फ्रीज
थानाध्यक्ष ने बताया कि ठगी होने के काफी दिन बाद पीड़ित ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस कारण रकम फ्रीज नहीं हो सकी है। आशंका है जालसाजों ने संस्थानाें में जमा रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया है। सिद्धार्थ 24 घंटे में शिकायत दर्ज कराते तो कुछ रकम फ्रीज की जा सकती थी।
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बिगड़ी तबीयत, चल रहा इलाज
पीड़ित सेवानिवृत्त वरिष्ठ बैंककर्मी के भाई ने बताया कि जीवन भर की पूंजी हड़पे जाने के कारण सिद्धार्थ की तबीयत काफी बिगड़ गई है। घरवाले उन्हें अपने साथ शहर से बाहर ले गए हैं। वहां उनका इलाज चल रहा है।