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दिल्ली-मुंबई ऐक्सप्रैसवे का रास्ता साफ, नूंह जिला की करीब 1500 एकड जमीन होगी अधिग्रहण
Updated Tue, 27 Nov 2018 11:15 PM IST
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नूंह के 47 गांवों के करीब 8 हजार किसानों को मिलेगा मुआवजा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का रास्ता साफ, जिले की करीब 1500 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो
पुन्हाना। दिल्ली-मुंबई मेगा एक्सप्रेसवे नूंह से होकर गुजरने वाला है। इस एक्सप्रेसवे से निश्चित ही जिले की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की उम्मीद है। मेगा एक्सप्रेस बनने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होगी जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजगार मिल सकेगा। दिल्ली-मुंबई मेगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में आ रहीं सभी अड़चनें दूर कर ली गईं हैं। जल्द ही नूंह के किसानों को 40 लाख से लेकर एक करोड़ तक का मुआवजा मिलेगा। जिले के खंड फिरोजपुर झिरका के 20, नगीना के 12 और नूंह के 15 गांवों सहित कुल 47 गांवों के करीब आठ हजार किसानों की 11 हजार 711 कनाल 12 मरला यानी 1463 एकड़ जमीन अधिग्रहण होगी।
1,250 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिले से होकर गुजरेगा। हरियाणा में इस एक्सप्रेसवे का 80 किलोमीटर और नूंह के तीन खंडों में 67 किलोमीटर लंबा हिस्सा पड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है और अवार्ड की प्रक्रिया अब तेजी से चलने वाली है। जिसके लिए अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है।
नूंह के जिला राजस्व अधिकारी बस्तीराम ने बताया कि दिल्ली-मुंबई मेगा एक्सप्रेसवे 100 मीटर चौड़ा होगा। इसके लिए नूंह खंड की 4182 कनाल 10 मरला, नगीना की 2940 कनाल और फिरोजपुर झिरका खंड की 4590 कनाल 2 मरला जमीन अधिग्रहण होगी। इसमें 98 फीसदी से अधिक किसानों की जमीन शामिल है। उन्होंने बताया कि नेशनल हाइवे ऐक्ट 1956 के तहत इस जमीन का एलओ के बाद सेक्सन 3ए, 3बी, 3सी और 3डी हो चुके हैं। जल्द ही जमीन की बोली लगाने का सेक्सन 3जी होने वाला है जिसके तहत किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में खंड में हुई रजिस्ट्रियां और सर्कल रेट का मुआयना किया जाएगा। जिसके रेट ज्यादा होंगे उसी के तहत लोगों को मुआवजा मिलेगा। उन्होंने बताया कि सर्कल रेट का दुगना और जब से सेक्सन 3ए जारी हुआ से तब से अवार्ड तक किसानों को 12 फीसदी ब्याज भी मिलेगा।
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जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि किसानों को 40 लाख से एक करोड़ तक प्रति एकड़ मुआवजा दिया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे निर्माण का टेंडर चेतन नाम की कंपनी को दे दिया गया है तथा कंपनी ने सर्वे भी पूरा कर लिया है। जल्द ही इसका काम शुरू होने वाला है। हालांकि अब भी राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में इसके लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि प्रोजेक्ट दो साल में पूरा हो जाएगा।
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का रास्ता साफ, जिले की करीब 1500 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो
पुन्हाना। दिल्ली-मुंबई मेगा एक्सप्रेसवे नूंह से होकर गुजरने वाला है। इस एक्सप्रेसवे से निश्चित ही जिले की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की उम्मीद है। मेगा एक्सप्रेस बनने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होगी जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजगार मिल सकेगा। दिल्ली-मुंबई मेगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में आ रहीं सभी अड़चनें दूर कर ली गईं हैं। जल्द ही नूंह के किसानों को 40 लाख से लेकर एक करोड़ तक का मुआवजा मिलेगा। जिले के खंड फिरोजपुर झिरका के 20, नगीना के 12 और नूंह के 15 गांवों सहित कुल 47 गांवों के करीब आठ हजार किसानों की 11 हजार 711 कनाल 12 मरला यानी 1463 एकड़ जमीन अधिग्रहण होगी।
1,250 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिले से होकर गुजरेगा। हरियाणा में इस एक्सप्रेसवे का 80 किलोमीटर और नूंह के तीन खंडों में 67 किलोमीटर लंबा हिस्सा पड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है और अवार्ड की प्रक्रिया अब तेजी से चलने वाली है। जिसके लिए अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है।
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नूंह के जिला राजस्व अधिकारी बस्तीराम ने बताया कि दिल्ली-मुंबई मेगा एक्सप्रेसवे 100 मीटर चौड़ा होगा। इसके लिए नूंह खंड की 4182 कनाल 10 मरला, नगीना की 2940 कनाल और फिरोजपुर झिरका खंड की 4590 कनाल 2 मरला जमीन अधिग्रहण होगी। इसमें 98 फीसदी से अधिक किसानों की जमीन शामिल है। उन्होंने बताया कि नेशनल हाइवे ऐक्ट 1956 के तहत इस जमीन का एलओ के बाद सेक्सन 3ए, 3बी, 3सी और 3डी हो चुके हैं। जल्द ही जमीन की बोली लगाने का सेक्सन 3जी होने वाला है जिसके तहत किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में खंड में हुई रजिस्ट्रियां और सर्कल रेट का मुआयना किया जाएगा। जिसके रेट ज्यादा होंगे उसी के तहत लोगों को मुआवजा मिलेगा। उन्होंने बताया कि सर्कल रेट का दुगना और जब से सेक्सन 3ए जारी हुआ से तब से अवार्ड तक किसानों को 12 फीसदी ब्याज भी मिलेगा।
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जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि किसानों को 40 लाख से एक करोड़ तक प्रति एकड़ मुआवजा दिया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे निर्माण का टेंडर चेतन नाम की कंपनी को दे दिया गया है तथा कंपनी ने सर्वे भी पूरा कर लिया है। जल्द ही इसका काम शुरू होने वाला है। हालांकि अब भी राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में इसके लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि प्रोजेक्ट दो साल में पूरा हो जाएगा।