नोएडा। बैंक कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल से करीब 200 करोड़ों के लेनदेन प्रभावित होने अनुमान है। वहीं, खाताधारक पैसे निकालने के लिए परेशान हैं। शहर के कई एटीएम खाली हैं। इस कारण लोगों के जरूरी काम भी नहीं हो सके। अग्रणी जिला प्रबंधक वेदरतन कुमार ने बताया कि अनुमान के अनुसार, हड़ताल के दौरान जिले के सारे सार्वजनिक बैंक बंद रहे। इससे 200 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि एक दिन में करीब सौ करोड़ का लेनदेन बैंक के माध्यम से होता है। बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक मंत्री सुमन कुमार ने बताया कि बैंकर्स ने दो दिन की सैलरी लगभग दो करोड़ से ऊपर की कटवाई है।
सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण की घोषणा से बैंकर्स में रोष है। इसके विरोध में बैंकर्स सड़कों पर आ गए हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तहत कार्यरत लगभग 10 लाख कर्मचारी एवं अधिकारी 16 व 17 दिसंबर को हड़ताल पर रहे। बैंककर्मियों ने सेक्टर-62 स्थित बैंक ऑफ इंडिया के बाहर विरोध प्रदर्शन के बाद पैदल मार्च निकाला। बाद में राजनगर गाजियाबाद स्थित केनरा बैंक के बाहर निजीकरण के फैसले के खिलाफ नारे लगाए और जुलूस निकाला। बैंक कर्मियों ने सरकार से फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की है। मौके पर राजन पांडेय, विनायक, सचिन भास्कर, राजेश वर्मा, प्रवीण कुमार, प्रियंका, सिम्मी चौधरी, साल्वी ने विचार व्यक्त किए।