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बैंक खातों में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलवाकर 2 करोड़ ठगे
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फर्जी आधार कार्ड बनाकर ठगी करने वाला गिरोह के बदमाश गिरफ्त में
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नोएडा। बैंक खातों में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को बदलवाकर नेट बैंकिंग से पैसे निकालने और सोना खरीदने वाले गिरोह का कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक बैंक कर्मचारी भी शामिल है। आरोपी एनसीआर सहित अन्य जगहों पर वारदात अंजाम देकर अब तक दो करोड़ की ठगी कर चुके हैं। आरोपियों ने नोएडा निवासी बुजुर्ग महिला के खाते से फर्जीवाड़ा कर 44 लाख रुपये निकाले थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 18.96 लाख रुपये, पांच एटीएम कार्ड, 10 मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड और आई-20 कार बरामद की है।
नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय गिरोह का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नरेला दिल्ली निवासी पवन सिंह, रोहतक हरियाणा निवासी सतीश, हरी नगर दिल्ली निवासी तरुण महाजन, लोनी गाजियाबाद निवासी विकास शर्मा, फरीदाबाद निवासी करण तनेजा, अलीगढ़ निवासी रजनीश यादव और कांगड़ा हिमाचल प्रदेश निवासी सचिन के रूप में हुई है। यह संगठित जालसाजों का गिरोह है जो बैंक कर्मचारी व अन्य माध्यमों से बुजुर्ग खाताधारकों और उनके खाते में जमा पैसों के बारे में जानकारी प्राप्त करता है।
इसके बाद धोखाधड़ी करके फर्जी आधार कार्ड बनवा लेते हैं और खाताधारक बनकर बैंक में जाकर खातों से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को बदलवाकर अपना नंबर रजिस्टर्ड करा लेते हैं। इसके बाद उस खाते से नेट बैंकिंग चालू कराकर ऑनलाइन रुपये निकालकर सोना खरीद लेते हैं। इन आरोपियों ने ही नोएडा के सेक्टर-30 में निवासी रिटायर्ड सैन्य अधिकारी की पत्नी मंजू कांबले के खाते से 44 लाख रुपये निकाले थे। पुलिस ने इन आरोपियों को सेक्टर-2 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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करण और तरुण हैं मास्टरमाइंड
गिरोह का मास्टरमाइंड तरुण महाजन और करण तनेजा है। दोनों पूरे फर्जीवाड़े का ताना-बाना बुनते हैं। विकास शर्मा सेक्टर-63 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का कर्मचारी है। विकास से यह लोग बुजुर्ग महिलाओं या पुरुषों के खाते के बारे में पता करते हैं और उसमें जमा रुपये की जानकारी लेते हैं। इसके बाद रजनीश व सचिन फर्जी आधार कार्ड और अन्य कागजात तैयार कराते हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि करण और तरुण कई लोगों के पैसे उड़ा चुके हैं। दोनों आरोपी दिल्ली क्राइम ब्रांच, आर्थिक अपराध शाखा से लेकर दिल्ली के कई थानों से पहले भी जेल जा चुके हैं।
सतीश पति और पवन बेटा बन गया था
कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक मनीष प्रताप सिंह ने बताया कि मंजू कांबले ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका खाता सेक्टर-2 में एसबीआई बैंक में है। उनका बेटा बनकर किसी ने मोबाइल नंबर बदलवाकर खाते से 44 लाख रुपये निकाल हैं। जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि गिरफ्तार आरोपी सतीश महिला का पति और पवन बेटा बनकर कुछ महीने पहले सेक्टर-दो स्थित बैंक गए थे। इसके बाद वहां फर्जीवाड़ा करके महिला का मोबाइल नंबर हटाकर अपना नंबर खाते से लिंक करा लिया था। जांच के दौरान दोनों आरोपियों की तस्वीरें सेक्टर दो स्थित बैंक के सीसीटीवी में मिली है। इस फुटेज के आधार पर जब जांच की गई तो इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। गिरोह दिल्ली, गुरुग्राम फरीदाबाद से लेकर अन्य शहरों में भी इस तरह की कई घटनाएं कर चुका है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने 2 करोड़ से अधिक की अब तक ठगी की है।
फर्जी कागजात व आधार कार्ड बनवाकर बैंक खातों में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को बदलवा धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस टीम को 25 हजार रुपये से पुरस्कृत किया गया है। - राजेश एस, डीसीपी नोएडा
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नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय गिरोह का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नरेला दिल्ली निवासी पवन सिंह, रोहतक हरियाणा निवासी सतीश, हरी नगर दिल्ली निवासी तरुण महाजन, लोनी गाजियाबाद निवासी विकास शर्मा, फरीदाबाद निवासी करण तनेजा, अलीगढ़ निवासी रजनीश यादव और कांगड़ा हिमाचल प्रदेश निवासी सचिन के रूप में हुई है। यह संगठित जालसाजों का गिरोह है जो बैंक कर्मचारी व अन्य माध्यमों से बुजुर्ग खाताधारकों और उनके खाते में जमा पैसों के बारे में जानकारी प्राप्त करता है।
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इसके बाद धोखाधड़ी करके फर्जी आधार कार्ड बनवा लेते हैं और खाताधारक बनकर बैंक में जाकर खातों से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को बदलवाकर अपना नंबर रजिस्टर्ड करा लेते हैं। इसके बाद उस खाते से नेट बैंकिंग चालू कराकर ऑनलाइन रुपये निकालकर सोना खरीद लेते हैं। इन आरोपियों ने ही नोएडा के सेक्टर-30 में निवासी रिटायर्ड सैन्य अधिकारी की पत्नी मंजू कांबले के खाते से 44 लाख रुपये निकाले थे। पुलिस ने इन आरोपियों को सेक्टर-2 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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करण और तरुण हैं मास्टरमाइंड
गिरोह का मास्टरमाइंड तरुण महाजन और करण तनेजा है। दोनों पूरे फर्जीवाड़े का ताना-बाना बुनते हैं। विकास शर्मा सेक्टर-63 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का कर्मचारी है। विकास से यह लोग बुजुर्ग महिलाओं या पुरुषों के खाते के बारे में पता करते हैं और उसमें जमा रुपये की जानकारी लेते हैं। इसके बाद रजनीश व सचिन फर्जी आधार कार्ड और अन्य कागजात तैयार कराते हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि करण और तरुण कई लोगों के पैसे उड़ा चुके हैं। दोनों आरोपी दिल्ली क्राइम ब्रांच, आर्थिक अपराध शाखा से लेकर दिल्ली के कई थानों से पहले भी जेल जा चुके हैं।
सतीश पति और पवन बेटा बन गया था
कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक मनीष प्रताप सिंह ने बताया कि मंजू कांबले ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका खाता सेक्टर-2 में एसबीआई बैंक में है। उनका बेटा बनकर किसी ने मोबाइल नंबर बदलवाकर खाते से 44 लाख रुपये निकाल हैं। जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि गिरफ्तार आरोपी सतीश महिला का पति और पवन बेटा बनकर कुछ महीने पहले सेक्टर-दो स्थित बैंक गए थे। इसके बाद वहां फर्जीवाड़ा करके महिला का मोबाइल नंबर हटाकर अपना नंबर खाते से लिंक करा लिया था। जांच के दौरान दोनों आरोपियों की तस्वीरें सेक्टर दो स्थित बैंक के सीसीटीवी में मिली है। इस फुटेज के आधार पर जब जांच की गई तो इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। गिरोह दिल्ली, गुरुग्राम फरीदाबाद से लेकर अन्य शहरों में भी इस तरह की कई घटनाएं कर चुका है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने 2 करोड़ से अधिक की अब तक ठगी की है।
फर्जी कागजात व आधार कार्ड बनवाकर बैंक खातों में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को बदलवा धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस टीम को 25 हजार रुपये से पुरस्कृत किया गया है। - राजेश एस, डीसीपी नोएडा