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जिला अस्पताल
Updated Tue, 20 Jun 2017 01:43 AM IST
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आशा के इंतजार में अस्पताल परिसर में जन्मा बच्चा
जिला अस्पताल में सोमवार को आशाकर्मी के इंतजार में एक गर्भवती महिला की अस्पताल परिसर में ही डिलीवरी हो गई। ओपीडी में आने वाली महिलाओं ने डिलीवरी करवाई। हद तो तब हो गई जब सूचना के बावजूद 25 मिनट बाद चतुर्थ श्रेणी का स्टाफ आया।
हालांकि तब तक ओपीडी की महिलाओं ने डिलीवरी करवा दी थी। उसकेबाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।
महिला के पति नदीम ने बताया कि रानी को सुबह से ही लेबर पेन शुरू हो गए थे। इस पर उन लोगों ने आशा (गर्भवती महिला को अस्पताल में लाकर जांच या भर्ती कराती हैं) को फोन किया तो जवाब मिला कि वहमीटिंग में व्यस्त है। तुम गर्भवती को अस्पताल लेकर आ जाओ।
इसके बाद नदीम आदि रानी को अस्पताल ले आए। यहां आने के बाद नदीम ने फिर आशा को फोन करके बुलाया, लेकिन उसने परिसर में ही बैठ जाने को कहा। इतनी देर में रानी को दर्द तेज हो गया।
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रानी की आवाज सुनने के बाद ओपीडी की महिलाएं बाहर आ गईं और डिलीवरी करवाने लगीं। 12 बजे महिला की डिलीवरी हो गई थी, लेकिन उसके बाद भी अस्पताल का कोई स्टाफ देखने नहीं पहुंचा। दोपहर 12.30 बजे महिला को भर्ती किया गया।
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
रानी ने लड़के को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। वहीं, इस बारे में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इसमें आशा की गलती है। उसको महिला को भर्ती कराना चाहिए था।
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जिला अस्पताल में सोमवार को आशाकर्मी के इंतजार में एक गर्भवती महिला की अस्पताल परिसर में ही डिलीवरी हो गई। ओपीडी में आने वाली महिलाओं ने डिलीवरी करवाई। हद तो तब हो गई जब सूचना के बावजूद 25 मिनट बाद चतुर्थ श्रेणी का स्टाफ आया।
हालांकि तब तक ओपीडी की महिलाओं ने डिलीवरी करवा दी थी। उसकेबाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।
महिला के पति नदीम ने बताया कि रानी को सुबह से ही लेबर पेन शुरू हो गए थे। इस पर उन लोगों ने आशा (गर्भवती महिला को अस्पताल में लाकर जांच या भर्ती कराती हैं) को फोन किया तो जवाब मिला कि वहमीटिंग में व्यस्त है। तुम गर्भवती को अस्पताल लेकर आ जाओ।
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इसके बाद नदीम आदि रानी को अस्पताल ले आए। यहां आने के बाद नदीम ने फिर आशा को फोन करके बुलाया, लेकिन उसने परिसर में ही बैठ जाने को कहा। इतनी देर में रानी को दर्द तेज हो गया।
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रानी की आवाज सुनने के बाद ओपीडी की महिलाएं बाहर आ गईं और डिलीवरी करवाने लगीं। 12 बजे महिला की डिलीवरी हो गई थी, लेकिन उसके बाद भी अस्पताल का कोई स्टाफ देखने नहीं पहुंचा। दोपहर 12.30 बजे महिला को भर्ती किया गया।
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
रानी ने लड़के को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। वहीं, इस बारे में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इसमें आशा की गलती है। उसको महिला को भर्ती कराना चाहिए था।