{"_id":"5c0967b8bdec2241595bab50","slug":"15441202891-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेंटर फॉर डिजास्टर रिसर्च आम लोगों को आपदा प्रबंधन से निपटने के गुर सिखाएगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेंटर फॉर डिजास्टर रिसर्च आम लोगों को आपदा प्रबंधन से निपटने के गुर सिखाएगा
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपदा प्रबंधन से निपटने के गुर सिखाएगा
सेंटर फॉर डिजास्टर रिसर्च
नई दिल्ली। जेएनयू का सेंटर फॉर डिजास्टर रिसर्च और आईआईएमसी अब आम लोगों और मीडिया को आपदा प्रबंधन से निपटने के गुर सीखाएगा। प्राकृतिक आपदा के दौरान जानकारी व जागरूकता की कमी के चलते जान-माल का अधिक नुकसान होता है। जबकि समय से आम लोगों को आपदा के प्रति प्रेरित किया जाए तो दिक्कत नहीं होगी। इसी के तहत मीडिया को भी आपदा आने के बाद नहीं, बल्कि पहले से खबरों के माध्यम से जागरूकता फैलानी होगी। कांस्टीट्यूशनल क्लब में बृहस्पतिवार से मीडिया और आपदा प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का आगाज हो गया। कार्यक्रम में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी ) के डायरेक्टर जनरल के जी सुरेश का कहना था कि वे मीडिया की पढ़ाई के दौरान और काम करने वालों को आपदा से निपटने के प्रति जागरूक करेंगे। जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि पॉलिसी बनाने के दौरान मीडिया का शामिल किया जाना चाहिए। मीडिया ही समय-समय पर आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचा सकता है। इसलिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
विज्ञापन
सेंटर फॉर डिजास्टर रिसर्च
नई दिल्ली। जेएनयू का सेंटर फॉर डिजास्टर रिसर्च और आईआईएमसी अब आम लोगों और मीडिया को आपदा प्रबंधन से निपटने के गुर सीखाएगा। प्राकृतिक आपदा के दौरान जानकारी व जागरूकता की कमी के चलते जान-माल का अधिक नुकसान होता है। जबकि समय से आम लोगों को आपदा के प्रति प्रेरित किया जाए तो दिक्कत नहीं होगी। इसी के तहत मीडिया को भी आपदा आने के बाद नहीं, बल्कि पहले से खबरों के माध्यम से जागरूकता फैलानी होगी। कांस्टीट्यूशनल क्लब में बृहस्पतिवार से मीडिया और आपदा प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का आगाज हो गया। कार्यक्रम में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी ) के डायरेक्टर जनरल के जी सुरेश का कहना था कि वे मीडिया की पढ़ाई के दौरान और काम करने वालों को आपदा से निपटने के प्रति जागरूक करेंगे। जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि पॉलिसी बनाने के दौरान मीडिया का शामिल किया जाना चाहिए। मीडिया ही समय-समय पर आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचा सकता है। इसलिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।