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सार्वजनिक क्षेत्रों में कृपाण और कड़ा पहनने पर हार्ईकोर्ट ने केन्द्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:48 PM IST
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सार्वजनिक क्षेत्रों में कृपाण और कड़ा पहनने
पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
- हाईकोर्ट में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने दायर की है जनहित याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर सिखों द्वारा कृपाण और कड़ा उनके पास रखे जाने के संबंध में दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। पीठ ने मामले की सुनवाई अगले साल 27 मार्च को तय की है।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव ने गृह मंत्रालय, डिफेंस, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर सिखों द्वारा सार्वजनिक क्षेत्रों में कृपाण (छोटा चाकू) और कड़ा पहने जाने के संबंध में जवाब मांगा है। यह जनहित याचिका दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया कि कृपाण और कड़ा पहनने के कारण सुरक्षा कर्मियों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 18 वर्षीय एक सिख युवक के प्रवेश पर रोक लगा दी थी, जबकि युवक प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के लिए वहां पहुंचा था। याचिका में कहा गया कि इस तरह प्रवेश पर रोक लगाकर सिखों के मौलिक अधिकार का हनन किया गया है।
याचिका में कहा गया कि हवाई जहाज में यात्रा करने के लिए सिखों को कृपाण और कड़ा पहनने की अनुमति है, लेकिन प्रधानमंत्री का भाषण सुनने जाने से रोक दिया गया। ऐसे में याचिका में मांग की गई कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सुरक्षा मानदंडों को उचित ढंग से सुनिश्चित किया जाए। संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएं कि वे सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को सिखों के धार्मिक अधिकारों के बारे में संवेदनशील बनाएं, ताकि लोगों के धार्मिक अधिकारों का हनन न हो सके।
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पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
- हाईकोर्ट में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने दायर की है जनहित याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर सिखों द्वारा कृपाण और कड़ा उनके पास रखे जाने के संबंध में दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। पीठ ने मामले की सुनवाई अगले साल 27 मार्च को तय की है।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव ने गृह मंत्रालय, डिफेंस, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर सिखों द्वारा सार्वजनिक क्षेत्रों में कृपाण (छोटा चाकू) और कड़ा पहने जाने के संबंध में जवाब मांगा है। यह जनहित याचिका दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया कि कृपाण और कड़ा पहनने के कारण सुरक्षा कर्मियों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 18 वर्षीय एक सिख युवक के प्रवेश पर रोक लगा दी थी, जबकि युवक प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के लिए वहां पहुंचा था। याचिका में कहा गया कि इस तरह प्रवेश पर रोक लगाकर सिखों के मौलिक अधिकार का हनन किया गया है।
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याचिका में कहा गया कि हवाई जहाज में यात्रा करने के लिए सिखों को कृपाण और कड़ा पहनने की अनुमति है, लेकिन प्रधानमंत्री का भाषण सुनने जाने से रोक दिया गया। ऐसे में याचिका में मांग की गई कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सुरक्षा मानदंडों को उचित ढंग से सुनिश्चित किया जाए। संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएं कि वे सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को सिखों के धार्मिक अधिकारों के बारे में संवेदनशील बनाएं, ताकि लोगों के धार्मिक अधिकारों का हनन न हो सके।
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