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सही तरीके का हल्का बैग लाएं बच्चे-शिक्षा निदेशालय
Updated Sat, 01 Dec 2018 07:03 AM IST
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सही तरीके का हल्का बैग लाएं बच्चे : शिक्षा निदेशालय
- भारी बस्ते के बोझ को कम करने के लिए दिए दिशा-निर्देश
- अनावश्यक किताबें बच्चे बस्ते में स्कूल न लेकर आएं, जांच करें
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्कूल बस्तों के बोझ को कम करने को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों के बाद अब शिक्षा निदेशालय हरकत में आ गया है। बस्तों के भार से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभावों को लेकर शिक्षा निदेशालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा है कि स्कूल यह सुनिश्चित करें कि बच्चे सही तरीके का उचित वजन वाला बैग लेकर ही स्कूल आएं। बैग की जांच कर यह देखें कि उसमें वह अनावश्यक किताबें ना लाएं। पहली व दूसरी कक्षा के लिए केवल हिंदी, अंग्रेजी व गणित की पुस्तक लाने को कहा जाए। इन दोनों कक्षाओं में होमवर्क ना दिया जाए। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व निजी स्कूलों को जारी निर्देशों में कहा गया कि प्रिंसिपल इस बात को सुनिश्चित करें कि बच्चों के बैग भारी न हों।
अतिरिक्त शिक्षा निदेशक की ओर से जारी दिशा-निर्देश में बस्ते के भार को कम करने के तरीके भी बताए गए हैं। स्कूलों को कहा गया कि शिक्षक व प्रिंसिपल हर कक्षा के प्रत्येक सेक्शन के अनुसार ही टाइम टेबल बनाएं। इससे बच्चों को अनावश्यक पुस्तकें नहीं लानी पड़ेंगी। ऐसे पीरियड लगाए जाएं, जिनमें व्यवहारिक गतिविधियां शामिल हों। छठीं से दसवीं तक की कक्षाओं के बच्चे तीन भाषा गणित, साइंस व सोशल साइंस की पुस्तकें ही लेकर आएं। हर विषय के लिए साथ में एक नोटबुक हो। अभिभावक बच्चों को हमेशा यह याद दिलाएं कि टाइम टेबल के अनुसार ही किताबें स्कूल लेकर जाएं।
अभिभावकों को चाइल्ड फ्रेंडली बैग खरीदने की सलाह दी जाए जो कि आरामदायक होने के साथ वजन में हल्के हों। यह देखा जाए कि बच्चा बैग को एक कंधे पर ही ना डाले। बस्ते के चौड़े पट्टे होने चाहिए। स्कूलों की ओर से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए, जिससे कि बच्चे बैग में पानी की बोतल डालकर ना लाएं। बैग में बच्चों को अतिरिक्त किताबें, अतिरिक्त सामग्री नहीं लाने को कहा जाए।
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- कक्षा अनुसार बैग का वजन
निदेशालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश का हवाला देते हुए कक्षा के अनुसार बैग का वजन निर्धारित करने को कहा है। इसके लिए बैग का वजन भी बताया गया है।
कक्षा बैग का वजन
पहली व दूसरी 1.5 किलोग्राम
तीसरी से पांचवीं 2-3 किलोग्राम
छठी से आठवीं 4 किलोग्राम
नौवीं 4.5 किलोग्राम
10वीं 5 किलोग्राम
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- भारी बस्ते के बोझ को कम करने के लिए दिए दिशा-निर्देश
- अनावश्यक किताबें बच्चे बस्ते में स्कूल न लेकर आएं, जांच करें
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्कूल बस्तों के बोझ को कम करने को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों के बाद अब शिक्षा निदेशालय हरकत में आ गया है। बस्तों के भार से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभावों को लेकर शिक्षा निदेशालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा है कि स्कूल यह सुनिश्चित करें कि बच्चे सही तरीके का उचित वजन वाला बैग लेकर ही स्कूल आएं। बैग की जांच कर यह देखें कि उसमें वह अनावश्यक किताबें ना लाएं। पहली व दूसरी कक्षा के लिए केवल हिंदी, अंग्रेजी व गणित की पुस्तक लाने को कहा जाए। इन दोनों कक्षाओं में होमवर्क ना दिया जाए। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व निजी स्कूलों को जारी निर्देशों में कहा गया कि प्रिंसिपल इस बात को सुनिश्चित करें कि बच्चों के बैग भारी न हों।
अतिरिक्त शिक्षा निदेशक की ओर से जारी दिशा-निर्देश में बस्ते के भार को कम करने के तरीके भी बताए गए हैं। स्कूलों को कहा गया कि शिक्षक व प्रिंसिपल हर कक्षा के प्रत्येक सेक्शन के अनुसार ही टाइम टेबल बनाएं। इससे बच्चों को अनावश्यक पुस्तकें नहीं लानी पड़ेंगी। ऐसे पीरियड लगाए जाएं, जिनमें व्यवहारिक गतिविधियां शामिल हों। छठीं से दसवीं तक की कक्षाओं के बच्चे तीन भाषा गणित, साइंस व सोशल साइंस की पुस्तकें ही लेकर आएं। हर विषय के लिए साथ में एक नोटबुक हो। अभिभावक बच्चों को हमेशा यह याद दिलाएं कि टाइम टेबल के अनुसार ही किताबें स्कूल लेकर जाएं।
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अभिभावकों को चाइल्ड फ्रेंडली बैग खरीदने की सलाह दी जाए जो कि आरामदायक होने के साथ वजन में हल्के हों। यह देखा जाए कि बच्चा बैग को एक कंधे पर ही ना डाले। बस्ते के चौड़े पट्टे होने चाहिए। स्कूलों की ओर से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए, जिससे कि बच्चे बैग में पानी की बोतल डालकर ना लाएं। बैग में बच्चों को अतिरिक्त किताबें, अतिरिक्त सामग्री नहीं लाने को कहा जाए।
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- कक्षा अनुसार बैग का वजन
निदेशालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश का हवाला देते हुए कक्षा के अनुसार बैग का वजन निर्धारित करने को कहा है। इसके लिए बैग का वजन भी बताया गया है।
कक्षा बैग का वजन
पहली व दूसरी 1.5 किलोग्राम
तीसरी से पांचवीं 2-3 किलोग्राम
छठी से आठवीं 4 किलोग्राम
नौवीं 4.5 किलोग्राम
10वीं 5 किलोग्राम