{"_id":"5bf8aca5bdec22414d54fd09","slug":"154302382820-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीयू के एडहॉक -कांट्रेक्ट कर्मियों को मातृत्व अवकाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीयू के एडहॉक -कांट्रेक्ट कर्मियों को मातृत्व अवकाश
Updated Sat, 24 Nov 2018 07:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीयू के एडहॉक और ठेका कर्मियों
को मिले मातृत्व अवकाश
- डीयू के ईसी सदस्य ने कुलपति को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के एडहॉक और ठेके के कर्मियों को भी मातृत्व अवकाश के तहत सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। डीयू कार्यकारी परिषद के सदस्य प्रो. राजेश झा ने इस संबंध में कुलपति को पत्र लिखा है। इसमें कुलपति से मातृत्व अवकाश की सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव को एकेडमिक काउंसिल में रखने की मांग रखी है।
प्रो. झा के मुताबिक, अदिति कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने जुलाई में अपने एडहॉक और ठेके के कर्मियों को मातृत्व अवकाश के तहत सभी सुविधाएं देने का प्रस्ताव पास किया था। इसी संबंध में कॉलेज ने अपना प्रस्ताव पत्र हमें भेजा है ताकि विश्वविद्यालय एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर सके। 2017 में संसद में कानून पारित हुआ था। इसके तहत मातृत्व अवकाश देने का प्रावधान किया गया था। बावजूद इसके महिला कर्मियों को इसका लाभ नहीं मिलने पर अदिति कॉलेज ने पहल की है।
विज्ञापन
को मिले मातृत्व अवकाश
- डीयू के ईसी सदस्य ने कुलपति को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के एडहॉक और ठेके के कर्मियों को भी मातृत्व अवकाश के तहत सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। डीयू कार्यकारी परिषद के सदस्य प्रो. राजेश झा ने इस संबंध में कुलपति को पत्र लिखा है। इसमें कुलपति से मातृत्व अवकाश की सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव को एकेडमिक काउंसिल में रखने की मांग रखी है।
प्रो. झा के मुताबिक, अदिति कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने जुलाई में अपने एडहॉक और ठेके के कर्मियों को मातृत्व अवकाश के तहत सभी सुविधाएं देने का प्रस्ताव पास किया था। इसी संबंध में कॉलेज ने अपना प्रस्ताव पत्र हमें भेजा है ताकि विश्वविद्यालय एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर सके। 2017 में संसद में कानून पारित हुआ था। इसके तहत मातृत्व अवकाश देने का प्रावधान किया गया था। बावजूद इसके महिला कर्मियों को इसका लाभ नहीं मिलने पर अदिति कॉलेज ने पहल की है।
विज्ञापन