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कूड़ा उठाने में लापरवाही बरतने पर दर्ज हो सकती है एफआईआर
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:35 AM IST
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कूड़ा उठाने में लापरवाही बरतने
पर दर्ज हो सकती है एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में स्वच्छता अभियान की धीमी रफ्तार की वजह से फैल रही गंदगी के खिलाफ सख्ती करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कूड़ा उठाने से संबंधित एजेंसी और ठेकेदारों की ओर से बरती जा रही कोताही पर पार्षद खूब बरसे। इस पर प्रशासनिक अधिकारी ने कूड़ा उठाने में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्ती के निर्देश देते हुए कहा कि अगर इस पर तत्काल रोक नहीं लगी तो एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
सदस्य मुकेश गोयल की ओर से उठाए गए इस मुद्दे पर निगम का रवैया भी सख्त रहा। समिति अध्यक्ष ने अलग-अलग वार्ड में इकट्ठा होने वाले कचरे को न उठाने के लिए जिम्मेवार ठेकेदारों के खिलाफ सख्ती करने की बात कही। समिति सदस्यों ने कहा कि एजेंसी को इस कार्य के लिए राशि दी जाती है, बावजूद इसकी अनदेखी किए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगम की स्थायी समिति की बैठक में सदस्य एवं पार्षद मुकेश गोयल ने स्वच्छता को लेकर संबंधित एजेंसी की ओर से लापरवाही बरते जाने पर रोष जताते हुए एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की।
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औद्योगिक क्षेत्रों को दोबारा स्वच्छ बनाएगी डीएसआईडीसी
स्थायी समिति की बैठक में नरेला, बवाना और वजीराबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में भारी मात्रा में कचरा पैदा होता है। यहां सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए। समिति अध्यक्ष ने इसके लिए अलग प्रावधान करते हुए दिल्ली राज्य औद्योगिक विकास निगम(डीएसआईडीसी) को दोबारा स्वच्छता की जिम्मेवारी सौंपने के लिए विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं।
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गोबर गैस प्लांट को मिली मंजूरी
भलस्वा डेयरी कॉलोनी में 200 मीट्रिक टन क्षमता के बायोमीथेनेशन प्लांट को 20 वर्ष के लिए मंजूरी दे दी है। समिति ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। प्लांट से निगम को जहां कचरा प्रबंधन में आसानी होगी, वहीं दूसरी तरफ इससे राजस्व की प्राप्ति भी होगी।
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पर दर्ज हो सकती है एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में स्वच्छता अभियान की धीमी रफ्तार की वजह से फैल रही गंदगी के खिलाफ सख्ती करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कूड़ा उठाने से संबंधित एजेंसी और ठेकेदारों की ओर से बरती जा रही कोताही पर पार्षद खूब बरसे। इस पर प्रशासनिक अधिकारी ने कूड़ा उठाने में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्ती के निर्देश देते हुए कहा कि अगर इस पर तत्काल रोक नहीं लगी तो एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
सदस्य मुकेश गोयल की ओर से उठाए गए इस मुद्दे पर निगम का रवैया भी सख्त रहा। समिति अध्यक्ष ने अलग-अलग वार्ड में इकट्ठा होने वाले कचरे को न उठाने के लिए जिम्मेवार ठेकेदारों के खिलाफ सख्ती करने की बात कही। समिति सदस्यों ने कहा कि एजेंसी को इस कार्य के लिए राशि दी जाती है, बावजूद इसकी अनदेखी किए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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निगम की स्थायी समिति की बैठक में सदस्य एवं पार्षद मुकेश गोयल ने स्वच्छता को लेकर संबंधित एजेंसी की ओर से लापरवाही बरते जाने पर रोष जताते हुए एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की।
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औद्योगिक क्षेत्रों को दोबारा स्वच्छ बनाएगी डीएसआईडीसी
स्थायी समिति की बैठक में नरेला, बवाना और वजीराबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में भारी मात्रा में कचरा पैदा होता है। यहां सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए। समिति अध्यक्ष ने इसके लिए अलग प्रावधान करते हुए दिल्ली राज्य औद्योगिक विकास निगम(डीएसआईडीसी) को दोबारा स्वच्छता की जिम्मेवारी सौंपने के लिए विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं।
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गोबर गैस प्लांट को मिली मंजूरी
भलस्वा डेयरी कॉलोनी में 200 मीट्रिक टन क्षमता के बायोमीथेनेशन प्लांट को 20 वर्ष के लिए मंजूरी दे दी है। समिति ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। प्लांट से निगम को जहां कचरा प्रबंधन में आसानी होगी, वहीं दूसरी तरफ इससे राजस्व की प्राप्ति भी होगी।