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रिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के कार्यालय पर डीटीसी कर्मचारियों ने किया हंगामा
Updated Mon, 12 Nov 2018 05:13 AM IST
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परिवहन मंत्री के कार्यालय पर डीटीसी कर्मियों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । डीटीसी के अस्थायी कर्मचारी मांगों को लेकर रविवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से मिलने नजफगढ़ स्थित कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद कर्मियों ने मंत्री के कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। वहीं दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सरकार के खिलाफ पोस्टर-बैनर के साथ नारेबाजी की।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार प्रेसवार्ता कर कहती है कि वे कर्मचारियों से मिलने के लिए तैयार है। वे काफी दिनों से सरकार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुध नहीं ले रही। डीटीसी कांट्रैक्च्युअल इंपलाइज यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि कर्मचारी पिछले 21 दिनों से मांगों को लेकर धरने पर हैं। सरकार ने मांगें पूरी करने के बजाय कर्मचारियों को काम से निकाल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को पूरा करवाए बिना पीछे नहीं हटेंगे। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार उन्हें समान काम के लिए समान वेतन दे। डीटीसी में निजी बसों के लाने पर रोक लगाई जाए। काम से हटाए गए कर्मचारियों को काम पर वापस रखा जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । डीटीसी के अस्थायी कर्मचारी मांगों को लेकर रविवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से मिलने नजफगढ़ स्थित कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद कर्मियों ने मंत्री के कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। वहीं दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सरकार के खिलाफ पोस्टर-बैनर के साथ नारेबाजी की।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार प्रेसवार्ता कर कहती है कि वे कर्मचारियों से मिलने के लिए तैयार है। वे काफी दिनों से सरकार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुध नहीं ले रही। डीटीसी कांट्रैक्च्युअल इंपलाइज यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि कर्मचारी पिछले 21 दिनों से मांगों को लेकर धरने पर हैं। सरकार ने मांगें पूरी करने के बजाय कर्मचारियों को काम से निकाल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को पूरा करवाए बिना पीछे नहीं हटेंगे। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार उन्हें समान काम के लिए समान वेतन दे। डीटीसी में निजी बसों के लाने पर रोक लगाई जाए। काम से हटाए गए कर्मचारियों को काम पर वापस रखा जाए।
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