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16 घंटे बाद पाया दमकल कर्मियों ने आग पर काबू
Updated Tue, 30 Oct 2018 06:16 AM IST
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दमकल कर्मियों ने 16 घंटे बाद पाया आग पर काबू
मेडिटेक फैक्ट्री में आग लगने का मामला, बिल जमा न होने से 3 सितंबर को कट गई थी बिजली
- सोमवार को रुका वेतन देने के लिए कर्मचारियों को बुलाया था
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। साइट-5 स्थित मेडिटेक (सुई और सिरिंज बनाने की फैक्ट्री) मेें लगी आग बुझाने में दमकल कर्मियों को 16 घंटे लग गए। इस ऑपरेशन में 16 दमकल वाहन जुटे रहे। सोमवार दोपहर 12 बजे आग पर काबू पाया जा सका। दमकल विभाग और पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री की बिजली 3 सितंबर को मोटे बकाये के चलते काट दी गई थी और काम भी लगभग बंद था। कर्मचारियों का वेतन भी रुका हुआ था। उन्हें सोमवार को वेतन देने के लिए बुलाया गया था। फैक्ट्री मालिक ने फोन पर पुलिस को आगजनी की सूचना दी है, लेकिन कोई तहरीर नहीं दी गई है।
एफएसओ ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि रविवार रात लगभग 8 बजे एसआरएस मेडिटेक फैक्ट्री में आग लगी थी। सूचना पर दमकल वाहन पहुंच गए थे। आग ने भीषण रूप धारण कर लिया था। दमकल कर्मियों ने भरसक प्रयास कर आसपास की फैक्ट्रियों में आग पहुंचने से रोकी। हालांकि फैैक्ट्री के भीतर ही भीतर आग बढ़ती गई। अंदेशा है कि फैक्ट्री में कोई ज्वलनशील पदार्थ था। इसके चलते धमाके के साथ फैक्ट्री की छत भी गिरी। सरकारी और निजी कुल 16 दमकल वाहन आग बुझाने जुटे। आग लगने के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
वेतन के लिए पुलिस को कॉल कर चुके हैं कर्मचारी
ग्रेटर नोएडा थाना प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि तीन सितंबर को एक करोड़ से अधिक बिल बकाया के चलते फैक्ट्री की बिजली काट दी गई थी। इसके बाद यहां काम भी लगभग बंद था। कुछ दिन पहले कर्मचारियों ने यूपी-100 पर कॉल कर वेतन न मिलने की शिकायत की थी। सोमवार को प्रबंधन को यहां आना था और कर्मचारियों को भी वेतन देने के लिए बुलाया गया था। आगजनी के संबंध में प्रबंधन ने फोन पर पुलिस को सूचना दी है लेकिन कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। इससे क्षति का अनुमान नहीं लग पाया है।
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मेडिटेक फैक्ट्री में आग लगने का मामला, बिल जमा न होने से 3 सितंबर को कट गई थी बिजली
- सोमवार को रुका वेतन देने के लिए कर्मचारियों को बुलाया था
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। साइट-5 स्थित मेडिटेक (सुई और सिरिंज बनाने की फैक्ट्री) मेें लगी आग बुझाने में दमकल कर्मियों को 16 घंटे लग गए। इस ऑपरेशन में 16 दमकल वाहन जुटे रहे। सोमवार दोपहर 12 बजे आग पर काबू पाया जा सका। दमकल विभाग और पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री की बिजली 3 सितंबर को मोटे बकाये के चलते काट दी गई थी और काम भी लगभग बंद था। कर्मचारियों का वेतन भी रुका हुआ था। उन्हें सोमवार को वेतन देने के लिए बुलाया गया था। फैक्ट्री मालिक ने फोन पर पुलिस को आगजनी की सूचना दी है, लेकिन कोई तहरीर नहीं दी गई है।
एफएसओ ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि रविवार रात लगभग 8 बजे एसआरएस मेडिटेक फैक्ट्री में आग लगी थी। सूचना पर दमकल वाहन पहुंच गए थे। आग ने भीषण रूप धारण कर लिया था। दमकल कर्मियों ने भरसक प्रयास कर आसपास की फैक्ट्रियों में आग पहुंचने से रोकी। हालांकि फैैक्ट्री के भीतर ही भीतर आग बढ़ती गई। अंदेशा है कि फैक्ट्री में कोई ज्वलनशील पदार्थ था। इसके चलते धमाके के साथ फैक्ट्री की छत भी गिरी। सरकारी और निजी कुल 16 दमकल वाहन आग बुझाने जुटे। आग लगने के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
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वेतन के लिए पुलिस को कॉल कर चुके हैं कर्मचारी
ग्रेटर नोएडा थाना प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि तीन सितंबर को एक करोड़ से अधिक बिल बकाया के चलते फैक्ट्री की बिजली काट दी गई थी। इसके बाद यहां काम भी लगभग बंद था। कुछ दिन पहले कर्मचारियों ने यूपी-100 पर कॉल कर वेतन न मिलने की शिकायत की थी। सोमवार को प्रबंधन को यहां आना था और कर्मचारियों को भी वेतन देने के लिए बुलाया गया था। आगजनी के संबंध में प्रबंधन ने फोन पर पुलिस को सूचना दी है लेकिन कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। इससे क्षति का अनुमान नहीं लग पाया है।
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