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ेवर एयरपोर्ट-----किसानों के सीधे खाते में जाएगा मुआवजा
Updated Mon, 17 Sep 2018 11:32 PM IST
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जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट का मामला
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सीधे किसानों के खाते में जाएगा मुआवजे का पैसा
- फाइल तैयार कराने खुद किसानों के घर जाएंगे अधिकारी
- 100 प्रतिशत किसानों की सहमति लेने का लक्ष्य : डीएम
नंबर
5950 किसानों से ली जानी थी सहमति ली
4500 किसानों ने दी सहमति
1334 हेक्टेयर जमीन चाहिए एयरपोर्ट के प्रथम चरण के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा।
जेवर में प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट की जमीन पर 70 प्रतिशत किसानों की सहमति मिलने के बाद अधिसूचना (धारा-11) लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन जल्द ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज देगा। वहां से अनुमति मिलते ही अधिसूचना जारी होगी। डीएम ने साफ किया है कि मुआवजे की रकम सीधे किसानों के खाते में जाएगी। उनको तहसील आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि अधिकारी खुद उनके पास आएंगे और शिविर लगाकर फाइल तैयार करेंगे।
डीएम बीएन सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए 70 फीसदी से अधिक किसानों से सहमति दे दी है। अब सौ फीसदी किसानों से सहमति लेने की कोशिश रहेगी। एयरपोर्ट बनाने के लिए सभी की आम राय बनाने की कोशिश रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, उनका मुआवजा सीधे उनके खाते में आरटीजीएस के जरिये डाल दी जाएगी। उससे पहले फाइल तैयार कराने के लिए एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल की टीम खुद गांवों में जाकर शिविर लगाएगी। फाइल तैयार करेगी। किसानों को फोटोकॉपी का खर्च भी नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव भेजने पर प्रदेश सरकार से एक सप्ताह में अनुमति मिलने की उम्मीद है। उसके बाद अधिसूचना लागू कर दी जाएगी। इस माह के अंत तक अधिसूचना लगने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने बताया कि सभी उद्यमी, क्रेडाई व अन्य संस्थाओं से कहा गया है कि किसानों के बच्चों में स्किल विकसित कर उनको रोजगार देने में प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार किसानों के लिए विस्थापन की और बेहतर पॉलिसी लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट की जमीन के लिए कुल करीब 5950 किसानों से सहमति ली जानी है, जिसमें से अब तक 4500 से अधिक सहमति मिल चुकी है, जो कि 70 फीसदी से भी अधिक है। एयरपोर्ट के प्रथम चरण के लिए कुल 1334 हेक्टेयर जमीन की दरकार है।
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सीधे किसानों के खाते में जाएगा मुआवजे का पैसा
- फाइल तैयार कराने खुद किसानों के घर जाएंगे अधिकारी
- 100 प्रतिशत किसानों की सहमति लेने का लक्ष्य : डीएम
नंबर
5950 किसानों से ली जानी थी सहमति ली
4500 किसानों ने दी सहमति
1334 हेक्टेयर जमीन चाहिए एयरपोर्ट के प्रथम चरण के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा।
जेवर में प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट की जमीन पर 70 प्रतिशत किसानों की सहमति मिलने के बाद अधिसूचना (धारा-11) लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन जल्द ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज देगा। वहां से अनुमति मिलते ही अधिसूचना जारी होगी। डीएम ने साफ किया है कि मुआवजे की रकम सीधे किसानों के खाते में जाएगी। उनको तहसील आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि अधिकारी खुद उनके पास आएंगे और शिविर लगाकर फाइल तैयार करेंगे।
डीएम बीएन सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए 70 फीसदी से अधिक किसानों से सहमति दे दी है। अब सौ फीसदी किसानों से सहमति लेने की कोशिश रहेगी। एयरपोर्ट बनाने के लिए सभी की आम राय बनाने की कोशिश रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, उनका मुआवजा सीधे उनके खाते में आरटीजीएस के जरिये डाल दी जाएगी। उससे पहले फाइल तैयार कराने के लिए एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल की टीम खुद गांवों में जाकर शिविर लगाएगी। फाइल तैयार करेगी। किसानों को फोटोकॉपी का खर्च भी नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव भेजने पर प्रदेश सरकार से एक सप्ताह में अनुमति मिलने की उम्मीद है। उसके बाद अधिसूचना लागू कर दी जाएगी। इस माह के अंत तक अधिसूचना लगने की उम्मीद है।
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जिलाधिकारी ने बताया कि सभी उद्यमी, क्रेडाई व अन्य संस्थाओं से कहा गया है कि किसानों के बच्चों में स्किल विकसित कर उनको रोजगार देने में प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार किसानों के लिए विस्थापन की और बेहतर पॉलिसी लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट की जमीन के लिए कुल करीब 5950 किसानों से सहमति ली जानी है, जिसमें से अब तक 4500 से अधिक सहमति मिल चुकी है, जो कि 70 फीसदी से भी अधिक है। एयरपोर्ट के प्रथम चरण के लिए कुल 1334 हेक्टेयर जमीन की दरकार है।
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