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हिंदी दिवस पर लघु नाटिका, अभिषणों से बताया भाषा का महत्व
Updated Fri, 14 Sep 2018 11:24 PM IST
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लघु नाटिका और अभिभाषणों से बताया हिंदी भाषा का महत्व
-शहर के स्कूल, कॉलेजों समेत सामाजिक संगठनों ने आयोजित किए कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। हिंदी दिवस पर शहर में स्कूल-कॉलेजों समेत कई प्रतिष्ठानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक ओर जहां लघु नाटिका, अभिभाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हुईं, वहीं प्रबुद्धजनों ने भाषा की महत्ता बताई।
अल्फा-1 स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में गीतों, लघु नाटिका और अभिभाषण के माध्यम से प्रस्तुति दी। इस दौरान आठवीं तक की कक्षाओं में हिंदी विषय पर प्रदर्शनी लगाई गई। प्रधानाचार्य मैथ्यू कुंबलूमुटिल ने बताया कि आजकल लोग हिंदी बोलचाल की भाषा का तोड़-मरोड़कर उपयोग करते हैं। जिससे इसकी वास्तविक सहजता और सरलता खत्म हो जाती है। इसका प्रयोग इसके मूलरूप में ही करना चाहिए। वहीं, ईकोटेक स्थित बालक इंटर कॉलेज में भाषण एवं कविता वाचन प्रस्तुत किया। समसारा द वर्ल्ड एकेडमी में पांचवीं तक के बच्चों के लिए कवितावाचन और आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत श्लोकावाचन गतिविधि आयोजित हुई। इस दौरान समूह गान और महान साहित्यकारों की महत्वपूर्ण रचनाओं का उल्लेख किया। जीजस एंड मैरी स्कूल में हिंदी भाषा का महत्व दर्शाते हुए रंगारंग कार्यक्रम आयोजित हुए। एसेंट इंटरनेशनल स्कूल में हिंदी भाषा लेखन प्रतियोगिता कराई गई। वहीं, ऑक्सफोर्ड स्कूल के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक कर हिंदी भाषा के प्रति लोगों को जागरूक किया।
दूसरी तरफ, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में हिंदी साहित्य विभाग में हिंदी भाषा, सामाजिक समस्या और भाषीय बहाव में हिंदी की चुनौतियां आदि विषयों पर काव्य पाठ, कहानी पाठ कराए। इस मौके पर रजिस्ट्रार बच्चू सिंह मौजूद रहे। वहीं आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में हिंदी दिवस पर व्याख्यान आयोजित किए गए। इसके अलावा सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था ने हिंदी दिवस पर सुथ्याना स्थित जय शंकर मेमोरियल पब्लिक स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया। सुमन बिष्ट ने कहा कि देश में सार्वाधिक बोली जाने वाली भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिए। डॉ. राहुल वर्मा ने कहा कि हिंदी को उसका खोया स्वरूप देने में शासन स्तर पर प्रयास होना चाहिए।
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-शहर के स्कूल, कॉलेजों समेत सामाजिक संगठनों ने आयोजित किए कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। हिंदी दिवस पर शहर में स्कूल-कॉलेजों समेत कई प्रतिष्ठानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक ओर जहां लघु नाटिका, अभिभाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हुईं, वहीं प्रबुद्धजनों ने भाषा की महत्ता बताई।
अल्फा-1 स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में गीतों, लघु नाटिका और अभिभाषण के माध्यम से प्रस्तुति दी। इस दौरान आठवीं तक की कक्षाओं में हिंदी विषय पर प्रदर्शनी लगाई गई। प्रधानाचार्य मैथ्यू कुंबलूमुटिल ने बताया कि आजकल लोग हिंदी बोलचाल की भाषा का तोड़-मरोड़कर उपयोग करते हैं। जिससे इसकी वास्तविक सहजता और सरलता खत्म हो जाती है। इसका प्रयोग इसके मूलरूप में ही करना चाहिए। वहीं, ईकोटेक स्थित बालक इंटर कॉलेज में भाषण एवं कविता वाचन प्रस्तुत किया। समसारा द वर्ल्ड एकेडमी में पांचवीं तक के बच्चों के लिए कवितावाचन और आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत श्लोकावाचन गतिविधि आयोजित हुई। इस दौरान समूह गान और महान साहित्यकारों की महत्वपूर्ण रचनाओं का उल्लेख किया। जीजस एंड मैरी स्कूल में हिंदी भाषा का महत्व दर्शाते हुए रंगारंग कार्यक्रम आयोजित हुए। एसेंट इंटरनेशनल स्कूल में हिंदी भाषा लेखन प्रतियोगिता कराई गई। वहीं, ऑक्सफोर्ड स्कूल के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक कर हिंदी भाषा के प्रति लोगों को जागरूक किया।
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दूसरी तरफ, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में हिंदी साहित्य विभाग में हिंदी भाषा, सामाजिक समस्या और भाषीय बहाव में हिंदी की चुनौतियां आदि विषयों पर काव्य पाठ, कहानी पाठ कराए। इस मौके पर रजिस्ट्रार बच्चू सिंह मौजूद रहे। वहीं आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में हिंदी दिवस पर व्याख्यान आयोजित किए गए। इसके अलावा सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था ने हिंदी दिवस पर सुथ्याना स्थित जय शंकर मेमोरियल पब्लिक स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया। सुमन बिष्ट ने कहा कि देश में सार्वाधिक बोली जाने वाली भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिए। डॉ. राहुल वर्मा ने कहा कि हिंदी को उसका खोया स्वरूप देने में शासन स्तर पर प्रयास होना चाहिए।
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