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राफेल डील को लेकर जिला व प्रदेश स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक
Updated Sat, 25 Aug 2018 10:32 PM IST
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कांग्रेस ने राफेल डील पर हल्ला बोल की बनाई रणनीति
- नई दिल्ली, किराड़ी, रोहिणी, पटपडग़ंज और कृष्णा नगर जिला में हुई बैठक
- राफेल डील को लेकर जिला व प्रदेश स्तर पर पार्टी उतरेगी सड़क पर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर जिला व प्रदेश स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक शनिवार को नई दिल्ली, किराड़ी, रोहिणी, पटपड़गंज और कृष्णा नगर में हुई। 8 सितंबर से इस मुद्दे को लेकर कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। इस दौरान पार्टी आम लोगों को राफेल डील में हुए भ्रष्टाचार की जानकारी देगी।
जिला स्तरीय बैठकों में कुलजीत नागरा व चतर सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा राफेल डील में मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। 2012 में यूपीए की केंद्र सरकार ने फ्रांस सरकार से 126 राफेल 526 करोड़ प्रति जहाज के हिसाब से खरीदने का करार किया था। करार में यह भी तय था कि 18 जहाज फ्रांस की सरकार बनाकर देगी। 108 जहाजों को बनाने के लिए तकनीकी देगी। दूसरी ओर मोदी सरकार ने पहले करार को निरस्त कर नया करार 1670 करोड़ रुपये प्रति जहाज के हिसाब से किया है। इसका ठेका अनिल अंबानी की कंपनी को 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपये में दिया गया है। जबकि अंबानी की कंपनी का पंजीकरण ठेका मिलने से केवल 13 दिन पहले ही हुआ था। मोदी सरकार का कहना है कि सुरक्षा कारणों से डील सार्वजनिक नही किया जा सकता। जबकि पहले भी सुखोई, मिग जहाज खरीदे गए है उसमें कोई सुरक्षा क्लाज नही होते थे।
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- नई दिल्ली, किराड़ी, रोहिणी, पटपडग़ंज और कृष्णा नगर जिला में हुई बैठक
- राफेल डील को लेकर जिला व प्रदेश स्तर पर पार्टी उतरेगी सड़क पर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर जिला व प्रदेश स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक शनिवार को नई दिल्ली, किराड़ी, रोहिणी, पटपड़गंज और कृष्णा नगर में हुई। 8 सितंबर से इस मुद्दे को लेकर कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। इस दौरान पार्टी आम लोगों को राफेल डील में हुए भ्रष्टाचार की जानकारी देगी।
जिला स्तरीय बैठकों में कुलजीत नागरा व चतर सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा राफेल डील में मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। 2012 में यूपीए की केंद्र सरकार ने फ्रांस सरकार से 126 राफेल 526 करोड़ प्रति जहाज के हिसाब से खरीदने का करार किया था। करार में यह भी तय था कि 18 जहाज फ्रांस की सरकार बनाकर देगी। 108 जहाजों को बनाने के लिए तकनीकी देगी। दूसरी ओर मोदी सरकार ने पहले करार को निरस्त कर नया करार 1670 करोड़ रुपये प्रति जहाज के हिसाब से किया है। इसका ठेका अनिल अंबानी की कंपनी को 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपये में दिया गया है। जबकि अंबानी की कंपनी का पंजीकरण ठेका मिलने से केवल 13 दिन पहले ही हुआ था। मोदी सरकार का कहना है कि सुरक्षा कारणों से डील सार्वजनिक नही किया जा सकता। जबकि पहले भी सुखोई, मिग जहाज खरीदे गए है उसमें कोई सुरक्षा क्लाज नही होते थे।
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