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ई सिगरेट
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:12 PM IST
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ई-सिगरेट पर प्रतिबंध के लिए सरकार उठा रही कदम
स्वास्थ्य निदेशालय ने हलफनामा पेश कर हाईकोर्ट को दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री व आपूर्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिये सरकार ने कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए भी कदम उठाए जाने पर विचार किया जा रहा है। यह जानकारी दिल्ली सरकार की ओर से बुधवार को हाईकोर्ट को दी गई।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ के समक्ष हलफनामा पेश कर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य निदेशालय ने उक्त जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि ई-सिगरेट व ई-लिक्विड बनाने के लिये निकोटिन इस्तेमाल किया जाता है, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट (डीसीए) का उल्लंघन है। मामले की अगली सुनवाई के लिये 21 अगस्त की तारीख तय की गई है।
निदेशालय ने कहा है कि कुछ प्रकार के निकोटिन उत्पादन की अनुमति प्राप्त है, लेकिन ई सिगरेट के लिये प्रयोग किया जाने वाला निकोटिन व ई-लिक्विड को यह अनुमति प्राप्त नहीं है। इसलिए ई-सिगरेट का कारोबार, उत्पादन, आपर्ति व वितरण को डीसीए के अंतर्गत प्रतिबंधित किया जाएगा।
स्वास्थ्य निदेशालय ने हलफनामा पेश कर हाईकोर्ट को दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री व आपूर्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिये सरकार ने कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए भी कदम उठाए जाने पर विचार किया जा रहा है। यह जानकारी दिल्ली सरकार की ओर से बुधवार को हाईकोर्ट को दी गई।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ के समक्ष हलफनामा पेश कर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य निदेशालय ने उक्त जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि ई-सिगरेट व ई-लिक्विड बनाने के लिये निकोटिन इस्तेमाल किया जाता है, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट (डीसीए) का उल्लंघन है। मामले की अगली सुनवाई के लिये 21 अगस्त की तारीख तय की गई है।
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निदेशालय ने कहा है कि कुछ प्रकार के निकोटिन उत्पादन की अनुमति प्राप्त है, लेकिन ई सिगरेट के लिये प्रयोग किया जाने वाला निकोटिन व ई-लिक्विड को यह अनुमति प्राप्त नहीं है। इसलिए ई-सिगरेट का कारोबार, उत्पादन, आपर्ति व वितरण को डीसीए के अंतर्गत प्रतिबंधित किया जाएगा।
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