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स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में दाखिले के लिए स्पेशल नीड बच्चों की नहीं होगी स्क्रीनिंग
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:36 PM IST
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स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में दाखिले के लिए
विशेष बच्चों की नहीं होगी स्क्रीनिंग
- नेबरहुड क्राइटेरिया व लाटरी के आधार पर मिलेगा दाखिला
- शैक्षणिक सत्र 2018-19 में दाखिले के लिए तीन अगस्त से मिलेंगे फार्म
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने चालू शैक्षणिक सत्र 2018-19 से पांच स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए हैं। यह स्कूल पूर्णत: अंग्रेजी माध्यम के हैं। इन स्कूलों मेें नर्सरी, केजी, पहली व दूसरी कक्षा के दाखिले मार्च-अप्रैल में ही संपन्न हो चुके हैं। अब चिल्ड्रेन विद स्पेशल नीड (विशेष जरूरत वाले बच्चे) के दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इन स्कूलों में दाखिले के लिए विशेष जरूरत वाले बच्चों व उनके अभिभावकों की स्क्रीनिंग नहीं होगी, बल्कि दाखिला नेबरहुड क्राइटेरिया व लाटरी के आधार पर होगा।
शिक्षा निदेशालय अतिरिक्त शिक्षा निदेशक के अनुसार, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की चार कक्षाओं में दो-दो सीटें विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए आरक्षित होंगी। नेबरहुड क्राइटेरिया 0-1 किमी, 1 से तीन किमी व 3-6 किमी व 6 किमी से अधिक का होगा। सबसे पहले लॉटरी 0-1 किमी में रहने वाले बच्चों के लिए निकाली जाएगी। यदि इस दूरी के अंतर्गत रहने वाले ज्यादा बच्चों ने आवेदन ना किया हो तो 1 से 3 किमी के अंतर्गत रहने वाले बच्चों के लिए लाटरी निकाली जाएगी। यदि फिर भी सीटें खाली रहती हैं तो 3-6 किमी वालों के लिए लाटरी होगी।
इन बच्चों के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 अगस्त से शुरू होने जा रही है। अभिभावक 3 से 9 अगस्त तक सुबह नौ बजे से दोपहर 1 बजे तक फार्म जमा कर सकते हैं। यह फार्म शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट से डाउनलोड करके भी जमा करवाया जा सकता है। वहीं, यह स्कूल की ओर से निशुल्क भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में दाखिले के लिए
विशेष बच्चों की नहीं होगी स्क्रीनिंग
- नेबरहुड क्राइटेरिया व लाटरी के आधार पर मिलेगा दाखिला
- शैक्षणिक सत्र 2018-19 में दाखिले के लिए तीन अगस्त से मिलेंगे फार्म
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने चालू शैक्षणिक सत्र 2018-19 से पांच स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए हैं। यह स्कूल पूर्णत: अंग्रेजी माध्यम के हैं। इन स्कूलों मेें नर्सरी, केजी, पहली व दूसरी कक्षा के दाखिले मार्च-अप्रैल में ही संपन्न हो चुके हैं। अब चिल्ड्रेन विद स्पेशल नीड (विशेष जरूरत वाले बच्चे) के दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इन स्कूलों में दाखिले के लिए विशेष जरूरत वाले बच्चों व उनके अभिभावकों की स्क्रीनिंग नहीं होगी, बल्कि दाखिला नेबरहुड क्राइटेरिया व लाटरी के आधार पर होगा।
शिक्षा निदेशालय अतिरिक्त शिक्षा निदेशक के अनुसार, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की चार कक्षाओं में दो-दो सीटें विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए आरक्षित होंगी। नेबरहुड क्राइटेरिया 0-1 किमी, 1 से तीन किमी व 3-6 किमी व 6 किमी से अधिक का होगा। सबसे पहले लॉटरी 0-1 किमी में रहने वाले बच्चों के लिए निकाली जाएगी। यदि इस दूरी के अंतर्गत रहने वाले ज्यादा बच्चों ने आवेदन ना किया हो तो 1 से 3 किमी के अंतर्गत रहने वाले बच्चों के लिए लाटरी निकाली जाएगी। यदि फिर भी सीटें खाली रहती हैं तो 3-6 किमी वालों के लिए लाटरी होगी।
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इन बच्चों के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 अगस्त से शुरू होने जा रही है। अभिभावक 3 से 9 अगस्त तक सुबह नौ बजे से दोपहर 1 बजे तक फार्म जमा कर सकते हैं। यह फार्म शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट से डाउनलोड करके भी जमा करवाया जा सकता है। वहीं, यह स्कूल की ओर से निशुल्क भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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