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सीपीसीबी को सभी के लिए सामान्य आदेश जारी करने को कहा
Updated Wed, 25 Jul 2018 12:04 AM IST
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गुरुग्राम में बरसाती नालों की सफाई का आदेश
-एनजीटीन ने सीपीसीबी को सभी के लिए सामान्य आदेश जारी करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हरियाणा के गुरुग्राम में बरसाती नालों की सफाई और उन्हें न ढके जाने के साथ ही इसे प्रदूषित करने वालों के खिलाफ जुर्माने के प्रावधान को लेकर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम से सुझाव लेकर काम करने का आदेश दिया है। पीठ ने इस आदेश को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी एक सामान्य आदेश जारी करने को कहा है ताकि देशभर से आने वाले ऐसे कानूनी मामलों में कमी आए।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची सुभाष गुप्ता के मामले में अपने आदेश में कहा है कि गुरुग्राम में बरसाती नालों को बिल्कुल न ढका जाए साथ ही उनकी सफाई भी सुनिश्चित की जाए। एनजीटी ने गुरुग्राम के प्राधिकरणों को बरसाती नालों को गंदा करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने के लिए सरकार को छह हफ्तों में कार्ययोजना तैयार कर ट्रिब्यूनल में आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा है।
एनजीटी ने कहा कि बरसाती नालों की सफाई और उसमें किसी भी तरह का अपशिष्ट छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कार्ययोजना का प्रारूप वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जाए, जहां लोगों के सुझाव और आपत्तियों को भी शामिल किया जाए।
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बादशाहपुर बरसाती नाले में अपशिष्ट छोड़े जाने के मामले पर एनजीटी ने गुरुग्राम प्राधिकरणों से आठ सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। याची का आरोप था कि नदियों और जलाशयों से जुड़ने वाले या भू-जल रिचार्ज करने वाले बरसाती नालों (स्टॉम वाटर ड्रेन) में अपशिष्ट छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा।
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-एनजीटीन ने सीपीसीबी को सभी के लिए सामान्य आदेश जारी करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हरियाणा के गुरुग्राम में बरसाती नालों की सफाई और उन्हें न ढके जाने के साथ ही इसे प्रदूषित करने वालों के खिलाफ जुर्माने के प्रावधान को लेकर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम से सुझाव लेकर काम करने का आदेश दिया है। पीठ ने इस आदेश को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी एक सामान्य आदेश जारी करने को कहा है ताकि देशभर से आने वाले ऐसे कानूनी मामलों में कमी आए।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची सुभाष गुप्ता के मामले में अपने आदेश में कहा है कि गुरुग्राम में बरसाती नालों को बिल्कुल न ढका जाए साथ ही उनकी सफाई भी सुनिश्चित की जाए। एनजीटी ने गुरुग्राम के प्राधिकरणों को बरसाती नालों को गंदा करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने के लिए सरकार को छह हफ्तों में कार्ययोजना तैयार कर ट्रिब्यूनल में आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा है।
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एनजीटी ने कहा कि बरसाती नालों की सफाई और उसमें किसी भी तरह का अपशिष्ट छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कार्ययोजना का प्रारूप वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जाए, जहां लोगों के सुझाव और आपत्तियों को भी शामिल किया जाए।
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बादशाहपुर बरसाती नाले में अपशिष्ट छोड़े जाने के मामले पर एनजीटी ने गुरुग्राम प्राधिकरणों से आठ सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। याची का आरोप था कि नदियों और जलाशयों से जुड़ने वाले या भू-जल रिचार्ज करने वाले बरसाती नालों (स्टॉम वाटर ड्रेन) में अपशिष्ट छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा।