{"_id":"5b5376234f1c1b4e748b641a","slug":"153219638316-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीयू में छात्र राजनीति गरमाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीयू में छात्र राजनीति गरमाई
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एबीवीपी ने डीयू प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
रॉकी का नामांकन अवैध करार देने का मामला
एनएसयूआई से साठगांठ का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव-2017 में अध्यक्ष पद पर अधिकृत प्रत्याशी रॉकी तुषीद का नामांकन कोर्ट द्वारा अवैध करार दिए जाने पर डीयू में छात्र राजनीति गरमा गई है। इस मामले में एबीवीपी ने एनएसयूआई पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। मामले को आधार बनाते हुए एबीवीपी ने शनिवार को नॉर्थ कैंपस में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में एबीवीपी ने डीयू प्रशासन पर एनएसयूआई के साथ साठगांठ का आरोप लगाया।
शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में रॉकी तुषीद के अध्यक्ष पद पर नामांकन को अवैध करार दिया था। इसको लेकर एबीवीपी डीयू प्रशासन व एनएसयूूआई पर हमलावर हो गई है। इस मामले पर एबीवीपी द्वारा बीते सितंबर में आर्ट्स फैकल्टी के बाहर धरना दिया गया था। उस दौरान छात्रों एवं प्रशासन के समक्ष यह स्पष्ट किया गया था कि रॉकी का बौद्ध विभाग डीयू में प्रवेश ही अवैध है। साथ ही रॉकी के ऊपर कई गंभीर आरोपों में दिल्ली पुलिस ने मामले दर्ज कर रखे हैं। एबीवीपी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय ने एनएसयूआई के झूठ का पर्दाफाश कर दिया है।
इस प्रदर्शन में छात्रों को संबोधित करते हुए एबीवीपी के प्रदेश मंत्री भरत खटाना ने कहा कि जिस व्यक्ति पर हत्या के प्रयास का मुकदमा हो और जिसका प्रवेश डीयू के बौद्ध विभाग में गलत ढंग से हुआ हो, वह डीयू का वास्तविक प्रतिनिधि कभी नहीं हो सकता। उन्होंने एनएसयूआई पर हमला बोलते हुए कहा कि एनएसयूआई छात्रों के साथ हमेशा से छल करती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रॉकी का नामांकन अवैध करार देने का मामला
एनएसयूआई से साठगांठ का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव-2017 में अध्यक्ष पद पर अधिकृत प्रत्याशी रॉकी तुषीद का नामांकन कोर्ट द्वारा अवैध करार दिए जाने पर डीयू में छात्र राजनीति गरमा गई है। इस मामले में एबीवीपी ने एनएसयूआई पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। मामले को आधार बनाते हुए एबीवीपी ने शनिवार को नॉर्थ कैंपस में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में एबीवीपी ने डीयू प्रशासन पर एनएसयूआई के साथ साठगांठ का आरोप लगाया।
शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में रॉकी तुषीद के अध्यक्ष पद पर नामांकन को अवैध करार दिया था। इसको लेकर एबीवीपी डीयू प्रशासन व एनएसयूूआई पर हमलावर हो गई है। इस मामले पर एबीवीपी द्वारा बीते सितंबर में आर्ट्स फैकल्टी के बाहर धरना दिया गया था। उस दौरान छात्रों एवं प्रशासन के समक्ष यह स्पष्ट किया गया था कि रॉकी का बौद्ध विभाग डीयू में प्रवेश ही अवैध है। साथ ही रॉकी के ऊपर कई गंभीर आरोपों में दिल्ली पुलिस ने मामले दर्ज कर रखे हैं। एबीवीपी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय ने एनएसयूआई के झूठ का पर्दाफाश कर दिया है।
विज्ञापन
इस प्रदर्शन में छात्रों को संबोधित करते हुए एबीवीपी के प्रदेश मंत्री भरत खटाना ने कहा कि जिस व्यक्ति पर हत्या के प्रयास का मुकदमा हो और जिसका प्रवेश डीयू के बौद्ध विभाग में गलत ढंग से हुआ हो, वह डीयू का वास्तविक प्रतिनिधि कभी नहीं हो सकता। उन्होंने एनएसयूआई पर हमला बोलते हुए कहा कि एनएसयूआई छात्रों के साथ हमेशा से छल करती रही है।
विज्ञापन