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कूड़ा प्रबंधन पर राजनिवास ने स्पष्टीकरण दिया
Updated Mon, 16 Jul 2018 09:40 PM IST
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राजनिवास ने कूड़ा प्रबंधन
पर दिया स्पष्टीकरण
नई दिल्ली। दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन पर अदालत की फटकार के बाद राजनिवास ने स्पष्टीकरण दिया है। इसमें कहा गया है कि उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कार्यभार संभालते ही भलस्वा, ओखला और गाजीपुर लैंडफिल साइट, कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट प्लांट बुराड़ी और शास्त्री पार्क का दौरा किया था। जनवरी में इसे लेकर पहली समीक्षा बैठक में उपराज्यपाल ने तीनों एमसीडी के आयुक्तों को निर्देश दिया था कि वह लैंडफिल साइटों पर अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान के लिए ऊर्जा संयत्रों की क्षमता बढ़ाएं। कूड़े के पहाड़ की समस्या को भी वैज्ञानिक तरीके से निपटाया जाए।
उपराज्यपाल कूड़े के निपटान की योजना पर नजर बनाए हुए हैं। उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की साइंटिफिक एडवाजरी कमेटी का गठन किया गया। इसमें आईआईटी, सीएसआईआर और टेरी के विशेषज्ञ हैं। जनवरी महीने में ही समीक्षा बैठक में विस्तृत योजना बनाई गई। कूड़े के पहाड़ वाले लैंडफिल साइट को बंद करने और 34 मिलियन मीट्रिक टन कूडे़ के प्रबंधन के लिए कई कदम उठाए गए हैं। दक्षिणी दिल्ली एमसीडी के तेहखंड में 25 मेगावाट का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे कूड़ा निस्तारण होगा। अगले साल दिसंबर में यह प्लांट शुरू हो जाएगा। पूर्वी दिल्ली एमसीडी में ठोस कचरे के निस्तारण के लिए गाजीपुर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी। 3000 मीट्रिक टन की अतिरिक्त क्षमता वाला प्लांट भी कूड़ा निस्तारण के लिए लगाया जा रहा है।
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पर दिया स्पष्टीकरण
नई दिल्ली। दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन पर अदालत की फटकार के बाद राजनिवास ने स्पष्टीकरण दिया है। इसमें कहा गया है कि उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कार्यभार संभालते ही भलस्वा, ओखला और गाजीपुर लैंडफिल साइट, कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट प्लांट बुराड़ी और शास्त्री पार्क का दौरा किया था। जनवरी में इसे लेकर पहली समीक्षा बैठक में उपराज्यपाल ने तीनों एमसीडी के आयुक्तों को निर्देश दिया था कि वह लैंडफिल साइटों पर अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान के लिए ऊर्जा संयत्रों की क्षमता बढ़ाएं। कूड़े के पहाड़ की समस्या को भी वैज्ञानिक तरीके से निपटाया जाए।
उपराज्यपाल कूड़े के निपटान की योजना पर नजर बनाए हुए हैं। उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की साइंटिफिक एडवाजरी कमेटी का गठन किया गया। इसमें आईआईटी, सीएसआईआर और टेरी के विशेषज्ञ हैं। जनवरी महीने में ही समीक्षा बैठक में विस्तृत योजना बनाई गई। कूड़े के पहाड़ वाले लैंडफिल साइट को बंद करने और 34 मिलियन मीट्रिक टन कूडे़ के प्रबंधन के लिए कई कदम उठाए गए हैं। दक्षिणी दिल्ली एमसीडी के तेहखंड में 25 मेगावाट का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे कूड़ा निस्तारण होगा। अगले साल दिसंबर में यह प्लांट शुरू हो जाएगा। पूर्वी दिल्ली एमसीडी में ठोस कचरे के निस्तारण के लिए गाजीपुर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी। 3000 मीट्रिक टन की अतिरिक्त क्षमता वाला प्लांट भी कूड़ा निस्तारण के लिए लगाया जा रहा है।
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